सीरिया में हुए कथित रायानिक हमले पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की
आपात बैठक में बहस के दौरान पश्चिमी देशों ने सीरिया की सरकार की कड़ी
निंदा की है.
इन देशों ने सीरिया को 72 लोगों की मौत के लिए ज़िम्मेदार ठहराया है. ब्रिटेन में आधारित मॉनिटरिंग समूह द सीरियन ऑब्ज़र्वेटरी फ़ॉर ह्यूमन राइट्स के मुताबिक़ ख़ान शेखौन में हुए हमले में 20 बच्चे और 52 वयस्कों की मौत हुई है.
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक में सीरिया के मुद्दे पर प्रस्ताव
का मसौदा तैयार करने के समय पर ही रूस ने आपत्ति जताई. रूस ने कहा कि उसके
सीरियाई सहयोगी को इस हमले के लिए ज़िम्मेदार नहीं ठहराना चाहिए.
पश्चिमी ताक़तों का मानना है कि राष्ट्रपति असद की सेना ने केमिकल हथियारों का इस्तमाल किया है. ब्रिटेन और फ्रांस इसकी निंदा करते हुए जांच करवाने का प्रस्ताव रखना चाहते हैं.
लेकिन रूस का कहना है कि सीरिया में हवाई हमले के दौरान एक स्टोर पर हमला किया गया था जहां विद्रोहियों ने अपने बनाए रासायनिक तत्व रखे थे.
रूसी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया ज़खारोव ने कहा, ''हमें यक़ीन नहीं है कि वर्तमान स्वरूप में रासायनिक हमले को लेकर प्रस्ताव पास करना ठीक होगा.
इन देशों ने सीरिया को 72 लोगों की मौत के लिए ज़िम्मेदार ठहराया है. ब्रिटेन में आधारित मॉनिटरिंग समूह द सीरियन ऑब्ज़र्वेटरी फ़ॉर ह्यूमन राइट्स के मुताबिक़ ख़ान शेखौन में हुए हमले में 20 बच्चे और 52 वयस्कों की मौत हुई है.
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक में सीरिया के मुद्दे पर प्रस्ताव
का मसौदा तैयार करने के समय पर ही रूस ने आपत्ति जताई. रूस ने कहा कि उसके
सीरियाई सहयोगी को इस हमले के लिए ज़िम्मेदार नहीं ठहराना चाहिए.पश्चिमी ताक़तों का मानना है कि राष्ट्रपति असद की सेना ने केमिकल हथियारों का इस्तमाल किया है. ब्रिटेन और फ्रांस इसकी निंदा करते हुए जांच करवाने का प्रस्ताव रखना चाहते हैं.
लेकिन रूस का कहना है कि सीरिया में हवाई हमले के दौरान एक स्टोर पर हमला किया गया था जहां विद्रोहियों ने अपने बनाए रासायनिक तत्व रखे थे.
रूसी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया ज़खारोव ने कहा, ''हमें यक़ीन नहीं है कि वर्तमान स्वरूप में रासायनिक हमले को लेकर प्रस्ताव पास करना ठीक होगा.
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