गोवा: कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में शामिल MLA ने कहा-राहुल गांधी कांग्रेस की सबसे बड़ी समस्या:विधायक विश्वजीत राणे
गोवा में कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए विधायक विश्वजीत राणे ने कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी पर कई वार किये हैं और कांग्रेस को लेकर चलने की उनकी नेतृत्व क्षमता पर सवाल उठाए हैं। गोवा की मनोहर पर्रिकर सरकार ने मंगलवार को विश्वजीत राणे को स्वास्थ्य मंत्रालय का चार्ज सौंपा है। विश्वजीत राणे ने कहा कि ये वक्त कांग्रेस के लिए आत्ममंथन का है, अब कांग्रेस को सचिन पायलट जैसे जमीनी नेताओं के लिए राह तैयार करनी चाहिए। विश्वजीत राणे ने कहा कि कांग्रेस राहुल गांधी को जिस कद का नेता मानती है उनकी शख्सियत वैसी नहीं बन पा रही है। विश्वजीत राणे ने कहा, ‘कांग्रेस अपनी संख्याबल खो रही है, अपने कद्दावर क्षेत्रीय नेताओं को खो रही है, असम देखिए, हेमंत विश्व शर्मा को देखिए, आखिर क्यों लोग पार्टी छोड़ रहे हैं इसका अध्ययन होना चाहिए, इसका मतलब है कांग्रेस का धीरे धीरे पतन हो रहा है।’
विश्वजीत राणे के पिता प्रतापसिंह राणे भी कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रहे हैं। कांग्रेस से मोहभंग होने की लंबी वजह विश्वजीत राणे बताते हैं। विश्वजीत राणे का कहना है कि राहुल गांधी कांग्रेस की एक मात्र समस्या हैं, इसके अलावा वे जिन लोगों को अपने साथ काम करने के लिए चुनते हैं ये भी बड़ी समस्या है। विश्वजीत राणे का कहना है कि राहुल गांधी के साथ काम करने में कंफर्ट लेवल महसूस करते ही नहीं हैं, ना ही राहुल गांधी इसके लिए कोशिश करते हैं। इसके विपरित बीजेपी की बात करते हुए विश्वजीत राणे कहते हैं कि बीजेपी में नेतृत्व आपको विश्वास दिलाता है, काम करने का भरोसा देता है, यहां आपके लिए रोल तय है, इससे फैसले लेने में आसानी होती है।
इनके मुताबिक दिग्विजय सिंह को कांग्रेस विधायक दल का नेता चुनने में ही इतना वक्त लग गया कि तब तक बीजेपी ने सरकार बना ली। जब बीजेपी नेतृत्व सहयोगियों के साथ बात कर रही थी राहुल से संपर्क ही नहीं हो रहा था। विश्वजीत राणे कहते हैं कि मुझे राहुल गांधी के लापरवाही भरे रवैयेसे हैरानी होती है, लेकिन मैं सिर्फ इसलिए अपना राजनीतिक करियर बर्बाद नहीं करना चाहता हूं क्योंकि मिस्टर राहुल गांधी को राजनीति में रुचि नहीं है। विश्वजीत राणे बताते हैं कि मेरे फैसले से मेरे पिता जी निराश हैं, लेकिन वक्त के साथ उन्हें पता चल जाएगा कि मेरा फैसला सही था।
गोवा में कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए विधायक विश्वजीत राणे ने कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी पर कई वार किये हैं और कांग्रेस को लेकर चलने की उनकी नेतृत्व क्षमता पर सवाल उठाए हैं। गोवा की मनोहर पर्रिकर सरकार ने मंगलवार को विश्वजीत राणे को स्वास्थ्य मंत्रालय का चार्ज सौंपा है। विश्वजीत राणे ने कहा कि ये वक्त कांग्रेस के लिए आत्ममंथन का है, अब कांग्रेस को सचिन पायलट जैसे जमीनी नेताओं के लिए राह तैयार करनी चाहिए। विश्वजीत राणे ने कहा कि कांग्रेस राहुल गांधी को जिस कद का नेता मानती है उनकी शख्सियत वैसी नहीं बन पा रही है। विश्वजीत राणे ने कहा, ‘कांग्रेस अपनी संख्याबल खो रही है, अपने कद्दावर क्षेत्रीय नेताओं को खो रही है, असम देखिए, हेमंत विश्व शर्मा को देखिए, आखिर क्यों लोग पार्टी छोड़ रहे हैं इसका अध्ययन होना चाहिए, इसका मतलब है कांग्रेस का धीरे धीरे पतन हो रहा है।’
विश्वजीत राणे के पिता प्रतापसिंह राणे भी कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रहे हैं। कांग्रेस से मोहभंग होने की लंबी वजह विश्वजीत राणे बताते हैं। विश्वजीत राणे का कहना है कि राहुल गांधी कांग्रेस की एक मात्र समस्या हैं, इसके अलावा वे जिन लोगों को अपने साथ काम करने के लिए चुनते हैं ये भी बड़ी समस्या है। विश्वजीत राणे का कहना है कि राहुल गांधी के साथ काम करने में कंफर्ट लेवल महसूस करते ही नहीं हैं, ना ही राहुल गांधी इसके लिए कोशिश करते हैं। इसके विपरित बीजेपी की बात करते हुए विश्वजीत राणे कहते हैं कि बीजेपी में नेतृत्व आपको विश्वास दिलाता है, काम करने का भरोसा देता है, यहां आपके लिए रोल तय है, इससे फैसले लेने में आसानी होती है।
इनके मुताबिक दिग्विजय सिंह को कांग्रेस विधायक दल का नेता चुनने में ही इतना वक्त लग गया कि तब तक बीजेपी ने सरकार बना ली। जब बीजेपी नेतृत्व सहयोगियों के साथ बात कर रही थी राहुल से संपर्क ही नहीं हो रहा था। विश्वजीत राणे कहते हैं कि मुझे राहुल गांधी के लापरवाही भरे रवैयेसे हैरानी होती है, लेकिन मैं सिर्फ इसलिए अपना राजनीतिक करियर बर्बाद नहीं करना चाहता हूं क्योंकि मिस्टर राहुल गांधी को राजनीति में रुचि नहीं है। विश्वजीत राणे बताते हैं कि मेरे फैसले से मेरे पिता जी निराश हैं, लेकिन वक्त के साथ उन्हें पता चल जाएगा कि मेरा फैसला सही था।

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