केंद्र सरकार द्वारा पारित लॉ-कमीशन को वापस लिये जाने संबंधी मांग को कांग्रेस का समर्थन
भोपाल, 21 अप्रैल। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अरूण यादव ने कहा है कि वर्तमान केंद्र सरकार द्वारा संविधान एवं विधि के प्रति स्थापित सिद्वांतों के साथ छेड़खानी का कार्य निरंतर किया जा रहा है, सरकार द्वारा आमजन को भयाक्रांत करने के उद्देश्य से दिन-प्रतिदिन नये बिल पारित किये जा रहे हैं, जिसमें केंद्र सरकार द्वारा लोकतंत्र के 4 स्तंभों में से सबसे महत्वपूर्ण स्तंभ न्यायपालिका के ‘दर्पण’ अधिवक्ताओं पर अनैतिक भय पैदा किया जा रहा है। लोकतंत्र के हितों की रक्षा हेतु भाजपानीत केन्द्र सरकार द्वारा पारित बिल लॉ-कमीशन को वापस लेने संबंधी अधिवक्ताओं की मांग का कांग्रेस पार्टी समर्थन करती है।
श्री यादव ने कहा कि अधिवक्ता के विरूद्व उसके व्यवसायिक कदाचरण की जांच हेतु लॉ-कमीशन की स्थापना देश की कानून-व्यवस्था पर सरकार का नियंत्रण करना है, जबकि अधिवक्ता अधिनियम भारतीय संविधान मूल बंसाव के अनुरूप बनाया गया है, जिसमें बार-कौंसिल ऑफ इंडिया तथा प्रदेशों में राज्य अधिवक्ता परिषद का गठन कर उसकी अनुशासन समिति के माध्यम से व्यवसायिक कदाचरण जांच निष्पक्षता से की जाती रही है, जिसमें शासन/ प्रशासन को हस्तक्षेप मुक्त रखा गया है।
श्री यादव ने कहा कि देश के समस्त राज्य अधिवक्ता परिषदों द्वारा केंद्र सरकार के उक्त लॉ-कमीशन की स्थापना संबंधी बिल का केंद्र सरकार द्वारा वापस लेने हेतु चरणबद्ध आंदोलन किया जाना प्रस्तावित है, जिसमंे राज्य अधिवक्ता परिषद व प्रदेश की समस्त जिला व तहसील अभिभाषक संघो द्वारा प्रतिकार स्वरूप उक्त बिल को जलाकर विरोध किये जाने का निर्णण लिया गया है। कांग्रेस मांग का समर्थन करते हुए अधिवक्ताओं के साथ है।
भोपाल, 21 अप्रैल। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अरूण यादव ने कहा है कि वर्तमान केंद्र सरकार द्वारा संविधान एवं विधि के प्रति स्थापित सिद्वांतों के साथ छेड़खानी का कार्य निरंतर किया जा रहा है, सरकार द्वारा आमजन को भयाक्रांत करने के उद्देश्य से दिन-प्रतिदिन नये बिल पारित किये जा रहे हैं, जिसमें केंद्र सरकार द्वारा लोकतंत्र के 4 स्तंभों में से सबसे महत्वपूर्ण स्तंभ न्यायपालिका के ‘दर्पण’ अधिवक्ताओं पर अनैतिक भय पैदा किया जा रहा है। लोकतंत्र के हितों की रक्षा हेतु भाजपानीत केन्द्र सरकार द्वारा पारित बिल लॉ-कमीशन को वापस लेने संबंधी अधिवक्ताओं की मांग का कांग्रेस पार्टी समर्थन करती है।
श्री यादव ने कहा कि अधिवक्ता के विरूद्व उसके व्यवसायिक कदाचरण की जांच हेतु लॉ-कमीशन की स्थापना देश की कानून-व्यवस्था पर सरकार का नियंत्रण करना है, जबकि अधिवक्ता अधिनियम भारतीय संविधान मूल बंसाव के अनुरूप बनाया गया है, जिसमें बार-कौंसिल ऑफ इंडिया तथा प्रदेशों में राज्य अधिवक्ता परिषद का गठन कर उसकी अनुशासन समिति के माध्यम से व्यवसायिक कदाचरण जांच निष्पक्षता से की जाती रही है, जिसमें शासन/ प्रशासन को हस्तक्षेप मुक्त रखा गया है।
श्री यादव ने कहा कि देश के समस्त राज्य अधिवक्ता परिषदों द्वारा केंद्र सरकार के उक्त लॉ-कमीशन की स्थापना संबंधी बिल का केंद्र सरकार द्वारा वापस लेने हेतु चरणबद्ध आंदोलन किया जाना प्रस्तावित है, जिसमंे राज्य अधिवक्ता परिषद व प्रदेश की समस्त जिला व तहसील अभिभाषक संघो द्वारा प्रतिकार स्वरूप उक्त बिल को जलाकर विरोध किये जाने का निर्णण लिया गया है। कांग्रेस मांग का समर्थन करते हुए अधिवक्ताओं के साथ है।

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