Saturday, 1 April 2017

नकली या प्लास्टिक के अंडे बेचे जाने का मामला प्रकाश में आया है

अब तक आप दूध में सैंपू, तरबूज व फलों के रंग पकाने के लिए कैमिकल प्रयोग करने की बात से परिचित होंगे, लेकिन अब आप यह सुन कर दंग रह जायेंगे कि कोलकाता की बाजार में नकली या प्लास्टिक के अंडे बेचे जाने का मामला प्रकाश में आया है.
प्लास्टिक का अंडा बेचने वाले व्यापारी को करया थाने की पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया. गिरफ्तार आरोपी का नाम शमीम अंसारी है. शुक्रवार को उसे अलीपुर कोर्ट में पेश करने पर आरोपी को चार अप्रैल तक पुलिस हिरासत में भेजने का निर्देश दिया गया. पुलिस के मुताबिक धोखाधड़ी व अपराध के लिए साजिश रचने की धारा के तहत उसके खिलाफ एफआइआर दर्ज किया गया था. वह कहां से यह अंडा लाया, इस बारे में उससे पूछताछ हो रही है.
करया इलाके की रहनेवाली अनिता कुमारी नामक एक महिला ने महानगर में प्लास्टिक के अंडे बेचे जाने की शिकायत करया थाने में दर्ज करायी थी. शिकायत में उसने पुलिस कर्मियों से कहा था कि अंडे का ऑमलेट खाते ही उसकी बेटी को पेट दर्द शुरु हो गया था. इसके बाद उसने दूसरे अंडे को फोड़ा था. जिससे मिलने वाले कुसुम को तोड़ने पर उसका रंग अलग तरीके का पाया गया. इसके बाद उसे यह अंडा प्लास्टिक के किस्म का होने का आभास हुआ.
अनिता कुमार ने कोलकाता के मेयर शोभन चटर्जी से भी शिकायत की. मेयर से इस मामले में शिकायत किये जाने के बाद निगम का स्वास्थ्य विभाग सक्रिय हो गया है. निगम के स्वास्थ्य विभाग के मेयर परिषद सदस्य अतीन घोष के नेतृत्व में गुरुवार को महानगर में अभियान चला कर कुछ अंडे को जब्त किये गये हैं. अंडों को निगम ने जांच के लिए भेजा है.

श्री घोष ने बताया कि अनिता कुमार अंडे के खोल को हमे सौंपने से पहले खुद अपने घर में प्राथमिक जांच की थी. अनिता के अनुसार अंडे के खोल को जलाने के बाद खोल प्लास्टिक की तरह जलने व साथ ही सिकुड़ने लगा. वहीं अंडे का ऑमलेट बनाते समय प्लास्टिक जलने जैसी बू आ रही थी.

श्री घोष ने बताया कि इस घटना के बाद कोलकाता निगर निगम सक्रिय हो गया है. अनिता कुमार ने गुरुवार को अंडों को महानगर के 3 नंबर मनिंद्र मित्रा रोड स्थित एक दुकान से अंडे खरीदी थी. ऐसे में इस इलाके निगम द्वारा अभियान चलाया गया है. उन्होंने बताया कि समस्त थोक व खुदरा विक्रेता के अलावा निगम के समस्त बाजारों में अभियान चलाया जायेगा. वहीं दोषी पाये गये विक्रेओं के खिलाफ नेशनल फूड सेफ्टी कानून के तहत कड़ी कार्रवाई की जायेगी.

उन्होंने अंदेशा लगाया कि हो सकता है चीन व अन्य किसी पड़ोसी देशों से अंडों की हमारे देश में सप्लाई की गयी होगी, लेकिन रिपोर्ट आने के बाद पूरा मामला साफ होगा पायेगा. उन्होंने इंफोर्समेंट ब्रांच (ईबी) द्वारा जांच कराये जाने की मांग की है.
कैसे पहचाने नकली और असली अंडे को

नकली अंडे की परत खस-खस होती है.नकली अंडे का कुसम तोड़ पर रखने पर बिखर जाता है, जबकि असली अंडे का कुसुम बिखरता नहीं है. एक जगह ही रहता है.नकली अंडे को पकाने पर मांस की गंध आती है.नकली अंडे का पोच नहीं बन पाता है.
जादवपुर विश्वविद्यालय के खाद्य व तकनीकी विभाग की प्रोफेसर रुनु चक्रवर्ती का कहना कि अंडे की तीन परत होती है. पहली परत खोल होता है. दूसरी परत सादा तरल पदार्थ तथा तीसरा पीले रंग का कुसुम होता है. नकली अंडे का निर्माण कैलशियम कार्बोनेट, जिपस्म आदि की मदद से बनाया जाता है तथा कुसुम बनाने में प्लास्टिक का इस्तेमाल होता है.
स्वास्थ्य के लिए काफी हानिकारक हैं नकली अंडे
नकली अंडे स्वास्थ्य के लिए काफी हानिकारक है. चूंकि प्लास्टिक पचता नहीं है. इस कारण इससे पेट से संबंधित बीमारियां व अन्य रोग उत्पन्न होते हैं तथा आदमी को बीमार कर सकता है. इनमें निर्माण में काफी कम खर्च होते हैं. एक नकली अंडे के निर्माण में एक रुपये से ज्यादा लागत नहीं आयेगी

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