योगी आदित्यनाथ उत्तर प्रदेश के अगले मुख्यमंत्री चुन लिये गये हैं.
विधायक दल की बैठक में उन्होंने अपनी बात रखी. उन्होंने कहा, विकास के
रास्ते पर उत्तर प्रदेश को आगे बढ़ाना है. उत्तर प्रदेश एक बड़ा राज्य है .
इसको आगे ले जाने के लिए मुझे सभी विधायकों का साथ चाहिए. साथ ही मुझे दो
सहयोगी भी चाहिए जो मेरे साथ मिलकर काम कर सकें.
योगी आदित्यनाथ को संबोधन के बाद फूलों की माला पहनाकर स्वागत किया गया. सबसे पहले न्यूज एजेंसी एएनआई ने पहले यह खबर दी है. हालांकि अबतक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. विस चुनाव की घोषणा से चुनाव परिणाम तक इसे लेकर बड़ा सस्पेंस कायम रहा. आज शाम पांच बजे विधायक दल की बैठक में विधायक दल का नेता चुना गया .
बैठक में सबसे पहले विधायकों से उनकी राय पूछी गयी. विधायकों ने योेगी का नाम आगे किया. कल योगी दोपहर 2 बजे मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे. उनके साथ दो उपमुख्यमंत्री को चुना गया है. जिनमें कैशव प्रसाद मौर्य का भी नाम शामिल है.
मीडिया में बैठक से पहले ही योगी के नाम की चर्चो जोरों पर थी. जिस तरह उन्हें विशेष विमान से यूपी लगाया गया . उनके साथ कई अहम नेता मौजूद थे. यूपी में मुख्यमंत्री के दौड़ में कई नामों की चर्चा थी . केंद्रीय मंत्री मनोज सिन्हा का नाम आगे था लेकिन मुख्यमंत्री बनने की दौड़ में योगी आदित्यनाथ सबसे आगे निकल गये.
शाम पांच बजे लखनऊ में विधायक दल की बैठक है. बैठक में हिस्सा लेने के लिए विधायकों का आना शुरू हो गया है. योगी आदित्यनाथ स्पेशल विमान से लखनऊ पहूंचे हैं. वही मनोज सिन्हा ने भी वाराणसी से बाबा विश्वनाथ की दर्शन के बाद दिल्ली के लिए उड़ान भरी है. केशव प्रसाद मौर्य थोड़ी देर पहले ही लखनऊ पहुंचे हैं.
गोरखपुर से भाजपा सांसद योगी आदित्यनाथ को विशेष विमान से दिल्ली बुलाया गया . बताया जा रहा है कि उन्हें भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने दिल्ली बुलाया था . कुछ दिनों पहले चुनाव प्रचार के समय भी योगी से यूपी मुख्यमंत्री को लेकर सवाल पूछा गया गया था, इसपर उनहोंने न तो इनकार किया था और न ही सहमती जतायी थी. कल यूपी में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य भी अमित शाह से दिल्ली में मुलाकात किया था. चुनाव के बाद ही वह मुख्यमंत्री की दौड़ में शामिल होने पर इनकार नहीं कर रहे थे. उन्होंने कहा था कि मुख्यमंत्री के लिए मैं बुरा हूं क्या .
योगी और मौर्य समर्थक थे आमने-सामने
योगी और मौर्य के समर्थकों की मांग थी कि उनके नेता को ही यूपी की कमान सौंपी जाए. मौर्य के समर्थकों का दावा है कि यूपी में भाजपा की बड़ी जीत में केशव प्रसाद मौर्य की अहम भूमिका रही है इसलिए उन्हें ही यूपी का मुख्यमंत्री बनाना चाहिए. मौर्य के समर्थकों का यह भी कहना है कि अगर लंबे समय तक अगर भाजपा को यूपी में शासन करना है तो मौर्य को ही मुख्यमंत्री बनाये.
दूसरी ओर योगी आदित्यनाथ के समर्थक भी इस बात पर अड़े हुए हैं कि योगी को ही प्रदेश की कमान सौंपी जाए. उन लोगों का कहना है कि योगी के अलावा उन्हें कोई और मंजूर नहीं है. योगी के समर्थक सड़क पर नारेबाजी भी कर रहे हैं. उनका एक ही नारा है 'देश में मोदी और प्रदेश में योगी'.
उत्तर प्रदेश में भाजपा के पर्यवेक्षक केंद्रीय मंत्री एम. वेंकैया नायडू ने सूबे के नये मुख्यमंत्री की दौड़ में शामिल लोगों के बारे में लगाये जा रहे कयासों को मीडिया की विशुद्ध अटकलबाजी करार दिया है.
भाजपा विधायक दल की बैठक के मद्देनजर आज राजधानी पहुंचे नायडू ने लखनऊ हवाईअड्डे पर संवाददाताओं के एक सवाल पर कहा ‘‘उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री पद के दावेदारों के बारे में मीडिया द्वारा जो भी खबरें चलायी जा रही हैं, वे केवल अटकलें हैं. मुख्यमंत्री के बारे में विधायक दल की बैठक में ही निर्णय होगा.' उन्होंने बताया कि रविवार को होने वाले शपथग्रहण समारोह के लिये भाजपा शासित सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों को भी बुलाया गया है.
भाजपा के प्रदेश महामंत्री विजय बहादुर पाठक ने बताया कि शपथग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी शिरकत करेंगे. उन्होंने बताया कि समारोह का आयोजन पहले अपराह्न साढे चार बजे होना था लेकिन अब यह ढाई बजे होगा.
मालूम हो कि मीडिया में आयी खबरों के मुताबिक केंद्रीय मंत्री मनोज सिन्हा प्रदेश के मुख्यमंत्री पद की दौड़ में सबसे आगे हैं. हालांकि इस पद के लिये गृहमंत्री राजनाथ सिंह और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य समेत कई नाम बतौर दावेदार पेश किये जा रहे हैं.
इधर मनोज सिन्हा ने मुख्यमंत्री को लेकर मीडिया में लगाये जा रहे कयासों के बारे में संवाददाताओं के साथ बातचीत में कहा, मुख्यमंत्री को लेकर न तो मेरा कोई दावा था और न हीं मैं किसी रेस में हूं.
योगी आदित्यनाथ को संबोधन के बाद फूलों की माला पहनाकर स्वागत किया गया. सबसे पहले न्यूज एजेंसी एएनआई ने पहले यह खबर दी है. हालांकि अबतक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. विस चुनाव की घोषणा से चुनाव परिणाम तक इसे लेकर बड़ा सस्पेंस कायम रहा. आज शाम पांच बजे विधायक दल की बैठक में विधायक दल का नेता चुना गया .
बैठक में सबसे पहले विधायकों से उनकी राय पूछी गयी. विधायकों ने योेगी का नाम आगे किया. कल योगी दोपहर 2 बजे मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे. उनके साथ दो उपमुख्यमंत्री को चुना गया है. जिनमें कैशव प्रसाद मौर्य का भी नाम शामिल है.
मीडिया में बैठक से पहले ही योगी के नाम की चर्चो जोरों पर थी. जिस तरह उन्हें विशेष विमान से यूपी लगाया गया . उनके साथ कई अहम नेता मौजूद थे. यूपी में मुख्यमंत्री के दौड़ में कई नामों की चर्चा थी . केंद्रीय मंत्री मनोज सिन्हा का नाम आगे था लेकिन मुख्यमंत्री बनने की दौड़ में योगी आदित्यनाथ सबसे आगे निकल गये.
शाम पांच बजे लखनऊ में विधायक दल की बैठक है. बैठक में हिस्सा लेने के लिए विधायकों का आना शुरू हो गया है. योगी आदित्यनाथ स्पेशल विमान से लखनऊ पहूंचे हैं. वही मनोज सिन्हा ने भी वाराणसी से बाबा विश्वनाथ की दर्शन के बाद दिल्ली के लिए उड़ान भरी है. केशव प्रसाद मौर्य थोड़ी देर पहले ही लखनऊ पहुंचे हैं.
गोरखपुर से भाजपा सांसद योगी आदित्यनाथ को विशेष विमान से दिल्ली बुलाया गया . बताया जा रहा है कि उन्हें भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने दिल्ली बुलाया था . कुछ दिनों पहले चुनाव प्रचार के समय भी योगी से यूपी मुख्यमंत्री को लेकर सवाल पूछा गया गया था, इसपर उनहोंने न तो इनकार किया था और न ही सहमती जतायी थी. कल यूपी में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य भी अमित शाह से दिल्ली में मुलाकात किया था. चुनाव के बाद ही वह मुख्यमंत्री की दौड़ में शामिल होने पर इनकार नहीं कर रहे थे. उन्होंने कहा था कि मुख्यमंत्री के लिए मैं बुरा हूं क्या .
योगी और मौर्य समर्थक थे आमने-सामने
योगी और मौर्य के समर्थकों की मांग थी कि उनके नेता को ही यूपी की कमान सौंपी जाए. मौर्य के समर्थकों का दावा है कि यूपी में भाजपा की बड़ी जीत में केशव प्रसाद मौर्य की अहम भूमिका रही है इसलिए उन्हें ही यूपी का मुख्यमंत्री बनाना चाहिए. मौर्य के समर्थकों का यह भी कहना है कि अगर लंबे समय तक अगर भाजपा को यूपी में शासन करना है तो मौर्य को ही मुख्यमंत्री बनाये.
दूसरी ओर योगी आदित्यनाथ के समर्थक भी इस बात पर अड़े हुए हैं कि योगी को ही प्रदेश की कमान सौंपी जाए. उन लोगों का कहना है कि योगी के अलावा उन्हें कोई और मंजूर नहीं है. योगी के समर्थक सड़क पर नारेबाजी भी कर रहे हैं. उनका एक ही नारा है 'देश में मोदी और प्रदेश में योगी'.
उत्तर प्रदेश में भाजपा के पर्यवेक्षक केंद्रीय मंत्री एम. वेंकैया नायडू ने सूबे के नये मुख्यमंत्री की दौड़ में शामिल लोगों के बारे में लगाये जा रहे कयासों को मीडिया की विशुद्ध अटकलबाजी करार दिया है.
भाजपा विधायक दल की बैठक के मद्देनजर आज राजधानी पहुंचे नायडू ने लखनऊ हवाईअड्डे पर संवाददाताओं के एक सवाल पर कहा ‘‘उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री पद के दावेदारों के बारे में मीडिया द्वारा जो भी खबरें चलायी जा रही हैं, वे केवल अटकलें हैं. मुख्यमंत्री के बारे में विधायक दल की बैठक में ही निर्णय होगा.' उन्होंने बताया कि रविवार को होने वाले शपथग्रहण समारोह के लिये भाजपा शासित सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों को भी बुलाया गया है.
भाजपा के प्रदेश महामंत्री विजय बहादुर पाठक ने बताया कि शपथग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी शिरकत करेंगे. उन्होंने बताया कि समारोह का आयोजन पहले अपराह्न साढे चार बजे होना था लेकिन अब यह ढाई बजे होगा.
मालूम हो कि मीडिया में आयी खबरों के मुताबिक केंद्रीय मंत्री मनोज सिन्हा प्रदेश के मुख्यमंत्री पद की दौड़ में सबसे आगे हैं. हालांकि इस पद के लिये गृहमंत्री राजनाथ सिंह और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य समेत कई नाम बतौर दावेदार पेश किये जा रहे हैं.
इधर मनोज सिन्हा ने मुख्यमंत्री को लेकर मीडिया में लगाये जा रहे कयासों के बारे में संवाददाताओं के साथ बातचीत में कहा, मुख्यमंत्री को लेकर न तो मेरा कोई दावा था और न हीं मैं किसी रेस में हूं.

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