Tuesday, 14 March 2017

कल एक बजे शपथ लेंगे एन बीरेन सिंह, गवर्नर ने दिया न्यौता

गोवा के बाद मणिपुर में भी भाजपा को सरकार बनाने का न्यौता मिल गया है. कल एक बजे एन बीरेन सिंह मुख्यमंत्री पद का शपथ लेंगे. ज्ञात हो कि मणिपुर में एन बीरेन सिंह को सोमवार को सर्वसम्मति से भाजपा विधायक दल का नेता चुना गया और उन्हें राज्यपाल नजमा हेपतुल्ला से मुलाकात कर राज्य में अगली सरकार बनाने का दावा पेश किया था.
भाजपा की ओर पीयूष गोयल को मणिपुर का पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया था. उन्होंने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि पार्टी की ओर से मुख्यमंत्री पद के उम्मीदावर वीरेन सिंह है. हमारे पास छोटे दलों का समर्थन है. वीरेन सिंह इससे पूर्व सीएम इबोबी सिंह की सरकार में मंत्री रह चुके हैं. एन बीरेन सिंह मणिपुर में बीजेपी के पहले मुख्यमंत्री होंगे. मणिपुर के सिंचाई मंत्री रह चुके बीरेन सिंह तीन बार विधायक रह चुके हैं.
एन बीरेन 17 अक्टूबर 2016 को बीजेपी में शामिल हो गये. मणिपुर विधानसभा चुनावों के दौरान वे भाजपा के इलेक्शन मैनेजमेंट कमिटी के संयोजक थे.उधर अपने आरोपों का जवाब देते हुए गवर्नर नजमा हेपतुल्ला ने कहा कि मेरे 37 सालों का करियर में आज तक किसी ने इस तरह का आरोप नहीं लगा. मैंने कांग्रेस और गैर कांग्रेस का सरकारों का साथ काम किया.

गोवा और मणिपुर में सरकार गठन के मुद्दे पर आज कांग्रेस तथा भाजपा में वाकयुद्ध शुरु हो गया और विपक्षी दल ने अपने प्रतिद्वंद्वी पर धनबल के जरिए जनादेश के ‘‘हरण'' का आरोप लगाया. भाजपा ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कांग्रेस ‘‘कुछ ज्यादा ही'' शिकायत करती है. कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने भाजपा की आलोचना करते हुए भगवा दल पर गोवा और मणिपुर में धनबल के जरिए ‘‘लोकतंत्र को कमजोर करने'' का आरोप लगाया। विधानसभा चुनावों में इन दोनों प्रदेशों में कांग्रेस सबसे बडे दल के रूप में सामने आयी है.
राहुल ने गोवा की राज्यपाल पर ‘‘पक्षपातपूर्ण'' रवैया अपनाने का आरोप भी लगाया.कांग्रेस के आरोप कि भाजपा गोवा में जनादेश हरण की कोशिश कर रही है, को खारिज करते हुए वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि ‘‘यह कुछ ज्यादा'' है क्योंकि राज्यपाल 17 विधायकों के अल्पमत वाले दल को सरकार गठन के लिए निमंत्रित नहीं कर सकती थीं.
उन्होंने एक फेसबुक पोस्ट में लिखा, ‘‘कांग्रेस पार्टी कुछ ज्यादा ही शिकायत करती है. उसने भारतीय जनता पार्टी पर गोवा में जनादेश हरण करने का आरोप लगाया. वह उच्चतम न्यायालय में अर्जी लगाकर विफल रही। उसने लोकसभा में मुद्दा उठाने का प्रयास किया.'' जेटली ने बाद में संवाददाताओं से बातचीत करते हुए कहा कि जब 21 विधायकों का स्पष्ट गठबंधन है जो राज्यपाल के सामने व्यक्तिगत रुप से पेश हुए, ऐसे में कांग्रेस को कैसे सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया जा सकता है.

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