गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री
विश्वास सारंग ने कहा है कि गैस राहत के अस्पतालों में ऑपरेशन थियेटर का
उन्नयन कर आउटसोर्स के जरिये बड़े ऑपरेशन विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा
अत्याधुनिक संसाधनों से किये जायेंगे। श्री सारंग विभाग की परामर्शदात्री
समिति की बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक में विधायक श्री चेतराम भी
उपस्थित थे।
राज्य मंत्री श्री सारंग ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की योजना है कि सरकारी अस्पतालों में आउटसोर्स से विशेषज्ञ और वरिष्ठ चिकित्सकों की सेवाएँ ली जायेंगी। योजना से गैस राहत अस्पतालों को भी जोड़ा जायेगा, ताकि गैस पीड़ितों को उच्च-स्तर का इलाज मिल सके और बेहतर संसाधनों के जरिये उनके आवश्यक ऑपरेशन किये जा सकें। श्री सारंग ने निर्देश दिये कि गैस चिकित्सालयों में भर्ती मरीजों को देखने शाम को भी डॉक्टर जायें। उन्होंने कहा कि अस्पताल अधीक्षक यह सुनिश्चित करें कि डॉक्टर शाम को अस्पताल पहुँचे और वे स्वयं मौके पर जाकर औचक निरीक्षण करें।
राज्य मंत्री श्री सारंग ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की योजना है कि सरकारी अस्पतालों में आउटसोर्स से विशेषज्ञ और वरिष्ठ चिकित्सकों की सेवाएँ ली जायेंगी। योजना से गैस राहत अस्पतालों को भी जोड़ा जायेगा, ताकि गैस पीड़ितों को उच्च-स्तर का इलाज मिल सके और बेहतर संसाधनों के जरिये उनके आवश्यक ऑपरेशन किये जा सकें। श्री सारंग ने निर्देश दिये कि गैस चिकित्सालयों में भर्ती मरीजों को देखने शाम को भी डॉक्टर जायें। उन्होंने कहा कि अस्पताल अधीक्षक यह सुनिश्चित करें कि डॉक्टर शाम को अस्पताल पहुँचे और वे स्वयं मौके पर जाकर औचक निरीक्षण करें।
बताया गया कि गैस पीड़ित और उनके बच्चों को नि:शुल्क उपचार की व्यवस्था 6
चिकित्सालय, 9 डे-केयर सेंटर तथा 9 भारतीय चिकित्सा पद्धति के औषधालयों के
माध्यम से की जा रही है। अस्पतालों में सीटी स्केन, एमआरआई, मेमोग्रॉफी,
पेट सी.टी. और कलर ड्रॉपलर की सुविधाएँ आउटसोर्स से उपलब्ध करवाये जाने का
निर्णय लिया गया है। गैस राहत के 6 बड़े चिकित्सालय कमला नेहरू, इंदिरा
गांधी, जवाहरलाल नेहरू, रसूल अहमद सिद्दीकी पल्मोनरी मेडिसिन सेंटर, खान
शाकिर अली खान और लाल सिंह अस्पताल को कम्प्यूटराइज्ड कर नेटवर्किंग में
एनआईसी द्वारा जोड़ा गया है। इससे चिकित्सालय में आने वाले सभी मरीज की
स्वास्थ्य संबंधी जानकारी कम्प्यूटर में उपलब्ध रहती है। चिकित्सालयों,
कार्यालयों तथा औषधालयों में बॉयोमेट्रिक्स ई-अटेंडेंस की व्यवस्था संचालित
की जा रही है। इंदिरा गांधी महिला एवं बाल चिकित्सालय भवन के रेनोवेशन के
बाद यहाँ पर अत्याधुनिक स्तर के ब्लड बैंक की स्थापना की जायेगी।

No comments:
Write comments