संयुक्त राष्ट्र ने भारत के उसके साथ 70 साल के संबंधों को चिह्नित
करने वाली पुस्तक का विमोचन किया। पश्चिम एशिया में संयुक्त राष्ट्र के
पूर्व अवर महासचिव चिन्मय गरेखान ने कहा कि पुस्तक ‘सेवन डिकेड्स एंड
बियांड : द यूएन-इंडिया कनेक्ट’ भारत और संयुक्त राष्ट्र की यात्रा के
निशान खोजती है।
इस पुस्तक में ऐसी कई जानीमानी हस्तियों ने अपने स्मरण लिखे हैं जिन्होंने
संयुक्त राष्ट्र के साथ काम करते हुए इतिहास में नाम दर्ज कराया है। इनमें
किरन बेदी, वीरेंद्र दयाल, नितिन देसाई, गरेखान, अरुंधति घोष, जनरल सतीश
नांबियार, हरदीप पुरी और शशि थरूर के नाम हैंं। इनमें से कुछ लोगों ने
संयुक्त राष्ट्र के सामने आ रहे विभिन्न मुद्दों पर यहां अपने विचार रखे।
इस पुस्तक में ऐसी कई जानीमानी हस्तियों ने अपने स्मरण लिखे हैं जिन्होंने
संयुक्त राष्ट्र के साथ काम करते हुए इतिहास में नाम दर्ज कराया है। इनमें
किरन बेदी, वीरेंद्र दयाल, नितिन देसाई, गरेखान, अरुंधति घोष, जनरल सतीश
नांबियार, हरदीप पुरी और शशि थरूर के नाम हैंं। इनमें से कुछ लोगों ने
संयुक्त राष्ट्र के सामने आ रहे विभिन्न मुद्दों पर यहां अपने विचार रखे।
गरेखान ने कहा, ‘21वीं सदी में संयुक्त राष्ट्र की प्रासंगिकता को लेकर
सवाल उठाए जाते हैं, लेकिन हमें खुद से पूछना होगा कि क्या हमारे पास दूसरा
यूएन है?’ साल 2003 में संयुक्त राष्ट्र की असैन्य पुलिस सलाहकार नियुक्त
की गईं किरन बेदी ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र के सामने सबसे बड़ी चुनौतियों
में वैश्विक आतंकवाद और नफरत फैलाने के लिए डिजिटल तरीकों का इस्तेमाल
शामिल है।
No comments:
Write comments