Friday, 17 February 2017

केंद्र ने ठुकराया दिल्ली के विधायकों के वेतन बढ़ोतरी का बिल

केंद्र ने ठुकराया दिल्ली के विधायकों के वेतन बढ़ोतरी का बिल

केंद्र सरकार और दिल्ली की केजरीवाल सरकार के बीच एक बार फिर तल्खी बढ़ सकती है। इसकी जमीन भी तैयार हो गई है। दरअसल, केंद्र सरकार ने दिल्ली सरकार के विधायकों के वेतन में इजाफा करने से जुड़े बिल को वापस भेज दिया है।इस बिल में केजरीवाल सरकार ने दिल्ली के विधायकों के वेतन में 400 फीसदी इजाफा करने की मांग की थी। केंद्र सरकार ने उप राज्यपाल के माध्यम से इस बिल को यह कहते हुए वापस भेज दिया है कि दिल्ली सरकार 'वैधानिक प्रक्रिया' के तहत इस बिल को दोबारा सही प्रारूप में भेजे। केंद्र ने पिछले साल अगस्त में दिल्ली सरकार से इस बिल के संदर्भ में कई सवाल किए थे। केंद्र ने दिल्ली सरकार से इतनी ज्यादा बढ़ोतरी का व्यवहारिक पक्ष जानना चाहा था।सूत्रों की मानें तो गृह मंत्रालय ने कहा है कि दिल्ली सरकार उन कारणों को स्पष्ट करे जिससे यह माना जा सके कि दिल्ली में विधायकों का जीवन-यापन का खर्च 400 प्रतिशत तक बढ़ा है। सूत्रों ने बताया कि गृह मंत्रालय ने केजरीवाल सरकार के इस बिल को एक लाइन की सलाह के साथ वापस कर दिया है। मंत्रालय ने लिखा है, ' यह बिल सही फॉर्मेट के साथ नहीं भेजा गया है और इसे तभी आगे बढ़ाया जा सकता है, जब यह सही तरीके के साथ भेजा जाए।' उल्लेखनीय है कि 2015 में दिल्ली विधानसभा ने विधायकों की सैलरी में संशोधन संबंधी यह बिल पास किया था। इसमें विधायकों की सैलरी 88 हजार से बढ़ाकर 2 लाख 10 हजार रुपये करने का प्रस्ताव रखा था। इसके साथ विधायकों का यात्रा भत्ता भी 50,000 रुपये से बढ़ाकर तीन लाख सालाना करने का प्रावधान किया। इस बिल के अनुसार, दिल्ली के विधायकों को बेसिक सैलरी- 50,000, परिवहन भत्ता- 30,000, कम्यूनिकेशन भत्ता- 10,000 और सचिवालय भत्ते के रूप में 70,000 रुपये प्रति महीने का प्रावधान था।

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