कांग्रेस के प्रदर्शन से कांग्रेस गायब, पूरी तरह फ्लॉप रहा शो : नंदकुमार
भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व सांसद नंदकुमारसिंह चौहान ने भोपाल में हुए कांग्रेस के प्रदर्शन को पूरी तरह फ्लॉप बताया है। उन्होंने कहा कि बीमार पड़ी कांग्रेस में जितने गुट है उतने भी लोग कांग्रेस के बड़े-बड़े नेताओं की उपस्थिति के बावजूद इकठ्ठा नहीं हो सके। इससे साफ है कि प्रदेश की जनता ने कांग्रेस को बुरी तरह नकार दिया है। यह दीगर बात है कि चुनाव के मैदान में बार-बार मुहं की खाने की बाद भी कांग्रेस के नेता यह सत्य स्वीकारने को तैयार नहीं है। उन्होंने कहा कि आज कांग्रेस के नेताओं ने कुछ देर तक मंच पर एक साथ बैठकर अपनी एकता का प्रदर्शन भले ही किया हो, लेकिन यह नजारा सभी ने देखा कि जब कमलनाथ अपना भाषण पूरा भी नहीं कर पाए तब तक अलग-अलग गुटों के तमाम कांग्रेसी मंच पर चढ़ गए और नेताओं को लगभग धकियाते हुए नीचे उतार दिया। उसके बाद जब बात विधानसभा की ओर कूच करने की आयी तो कांग्रेस की एकता तार-तार हो गयी। दिग्विजय सिंह और अरूण यादव एक रास्ते पर चल पड़े तो ज्योतिरादित्य सिंधिया और कमलनाथ दूसरे रास्ते पर। कांग्रेस के नेताओं द्वारा मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान के बारे में कही गयी बातों पर प्रदेश अध्यक्ष ने कहा है कि कांग्रेस की हालत तो औरंगजेब के उन घोड़ो जैसी हो गयी है जिन्हें पानी में भी शिवाजी दिखायी देते थे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को शिवराज फोबिया हो गया है और उनका संपट नहीं बैठ रहा है कि वे करें तो क्या करें। वे जब भी शिवराज सिंह जी लोकप्रिय सरकार के विरूद्ध बिगुल बजाने की सोचते हैं तो उनकी ऐसी ही दुर्गति होती है जैसी आज हुई। लाखों की भीड़ का दावा करने वाली कांग्रेस आज 60X200 फुट का पंडाल भी ठीक नहीं भर पायी। दृश्य साफ था कि आम आदमी का इस प्रदर्शन से कोई लेना देना नहीं रहा। मजेदार बात तो यह थी कि वहां जितने झंडे और टोपियां थे उनमें से भी कांग्रेस लापता थी। कोई ज्योतिरादित्य का झंडा था तो कोई दिग्विजय सिंह का कोई कमलनाथ का था तो कोई अरूण यादव का।
भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व सांसद नंदकुमारसिंह चौहान ने भोपाल में हुए कांग्रेस के प्रदर्शन को पूरी तरह फ्लॉप बताया है। उन्होंने कहा कि बीमार पड़ी कांग्रेस में जितने गुट है उतने भी लोग कांग्रेस के बड़े-बड़े नेताओं की उपस्थिति के बावजूद इकठ्ठा नहीं हो सके। इससे साफ है कि प्रदेश की जनता ने कांग्रेस को बुरी तरह नकार दिया है। यह दीगर बात है कि चुनाव के मैदान में बार-बार मुहं की खाने की बाद भी कांग्रेस के नेता यह सत्य स्वीकारने को तैयार नहीं है। उन्होंने कहा कि आज कांग्रेस के नेताओं ने कुछ देर तक मंच पर एक साथ बैठकर अपनी एकता का प्रदर्शन भले ही किया हो, लेकिन यह नजारा सभी ने देखा कि जब कमलनाथ अपना भाषण पूरा भी नहीं कर पाए तब तक अलग-अलग गुटों के तमाम कांग्रेसी मंच पर चढ़ गए और नेताओं को लगभग धकियाते हुए नीचे उतार दिया। उसके बाद जब बात विधानसभा की ओर कूच करने की आयी तो कांग्रेस की एकता तार-तार हो गयी। दिग्विजय सिंह और अरूण यादव एक रास्ते पर चल पड़े तो ज्योतिरादित्य सिंधिया और कमलनाथ दूसरे रास्ते पर। कांग्रेस के नेताओं द्वारा मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान के बारे में कही गयी बातों पर प्रदेश अध्यक्ष ने कहा है कि कांग्रेस की हालत तो औरंगजेब के उन घोड़ो जैसी हो गयी है जिन्हें पानी में भी शिवाजी दिखायी देते थे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को शिवराज फोबिया हो गया है और उनका संपट नहीं बैठ रहा है कि वे करें तो क्या करें। वे जब भी शिवराज सिंह जी लोकप्रिय सरकार के विरूद्ध बिगुल बजाने की सोचते हैं तो उनकी ऐसी ही दुर्गति होती है जैसी आज हुई। लाखों की भीड़ का दावा करने वाली कांग्रेस आज 60X200 फुट का पंडाल भी ठीक नहीं भर पायी। दृश्य साफ था कि आम आदमी का इस प्रदर्शन से कोई लेना देना नहीं रहा। मजेदार बात तो यह थी कि वहां जितने झंडे और टोपियां थे उनमें से भी कांग्रेस लापता थी। कोई ज्योतिरादित्य का झंडा था तो कोई दिग्विजय सिंह का कोई कमलनाथ का था तो कोई अरूण यादव का।

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