मुख्यमंत्री श्री चौहान ने बच्चों को पढ़ाया और बताया भाषा का महत्व,अच्छे गुणों को जीवन में उतारने से व्यक्ति महान बनता है
पाठ पढ़ते, कविता सुनाते, जोड़-घटाना करते और शिक्षाप्रद कहानी सुनते-सुनाते भाँजे-भाँजियाँ और उन्हें ज्ञान-संस्कार की सीख देने का आत्मीय दृश्य शनिवार को भोपाल के शासकीय संजय गांधी माध्यमिक शाला में देखने को मिला, जहाँ मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान छात्र-छात्राओं को पढ़ाने शिक्षक के रूप में पहुँचे। उन्होंने बच्चों को प्रेरणाप्रद कहानियाँ सुनाई, जोड़-घटाना और गुणा-भाग के प्रश्न हल करवाये। बच्चों में आत्मविश्वास और जीवन में निरंतर अच्छे से अच्छा करने की ऊर्जा एवं उत्साह का संचार करते हुए उन्हें बहुत ही स्नेहिल और आत्मीय ढंग से राष्ट्रभक्त और कर्त्तव्यनिष्ठ नागरिक बनने की सीख दी।मुख्यमंत्री श्री चौहान ने लगभग सवा घंटा बच्चों के साथ शिक्षक के रूप में बिताया। बच्चों के साथ घुल-मिलकर उन्हें छोटी-छोटी बातों से बड़ी-बड़ी सीख दी, जिससे बच्चे भारी उत्साहित थे। श्री चौहान बच्चों में पढ़ने का कौशल और समझ बढ़ाने के लिये प्रदेशव्यापी मिल-बाँचें कार्यक्रम में यहाँ पहुँचे थे, जहाँ उन्होंने एक शिक्षक की भूमिका को बखूबी निभाया। ।मुख्यमंत्री ने बच्चों से पुस्तकों के पाठ का पठन भी करवाया तथा उससे मिलने वाली शिक्षा पर बात की। उन्होंने फूल की अभिलाषा के द्वारा देश प्रेम और राष्ट्र भक्ति की भावना बच्चों में भरी। इन प्रसंगों के माध्यम से देश की आजादी के संघर्ष और उसके लिये जीवन की कुर्बानी देने वाले वीरों का स्मरण करवाया। उनके सपनों के भारत का निर्माण करने के लिये प्रेरित किया।मुख्यमंत्री ने मिल-बाँचे अभियान की मंशा के अनुरूप बच्चों से पाठ्य-पुस्तक के पाठों का पठन करवाया। छात्रा गौरवी विश्वकर्मा ने रम्मो और कल्लो की कहानी का पठन किया। दीपू मालवीय ने शिवाजी की जीवनी का वाचन किया। दूसरी कक्षा की छात्रा संतोषी ने प्रार्थना का पाठ किया। श्री चौहान ने प्रार्थना के माध्यम से सदैव ईश्वर का स्मरण करने की सीख दी। उन्होंने कहा पूरी दुनिया का नियंत्रण कोई एक शक्ति करती है। उसको अलग-अलग नामों से याद किया जाता है। उन्होंने विद्यालय के छात्र दीपक भदौरिया से जोड़ने, छात्रा संतोषी से घटाने और प्रियंका से गुणा के प्रश्न हल करवाए। उन्होंने बच्चों की संवाद-कला को परिमार्जित करने और प्रेरक प्रसंग से सीख लेने के लिये कहानियाँ भी सुनीं। उनसे मिलने वाली शिक्षा को भी स्पष्ट किया। छात्र नितिन ने तोतों की कहानी के माध्यम से बताया कि रटना शिक्षा नहीं है। वहीं दूसरों की जीवन रक्षा के लिये प्राणों का बलिदान करने वाले युवक की कहानी छठवी कक्षा की छात्रा सुहानी राजोरिया ने सुनाई।मुख्यमंत्री ने विद्यालय पत्रिका नवांकुर का विमोचन किया तथा बच्चों को उपहार दिये। आभार ज्ञापन विद्यालय की बाल केबिनेट की प्रधानमंत्री प्रियंका कुम्हरे ने किया।छात्र-छात्राओं में भाषा का ज्ञान और समझ बढ़ाने के लिये मिल-बाँचे कार्यक्रम में हर वर्ग ने भागीदारी की। इस राज्यव्यापी कार्यक्रम में प्रदेश की 112073 प्राथमिक और माध्यमिक शालाओं में दो लाख से ज्यादा लोगों ने बच्चों को पढ़ाया। इनमें मंत्रीगण, विधायक एवं जन-प्रतिनिधि, अधिकारी, समाजसेवी, सेवानिवृत अधिकारी, इंजीनियर, डॉक्टर, पूर्व विद्यार्थी तथा हर वर्ग के लोग शामिल हैं।
पाठ पढ़ते, कविता सुनाते, जोड़-घटाना करते और शिक्षाप्रद कहानी सुनते-सुनाते भाँजे-भाँजियाँ और उन्हें ज्ञान-संस्कार की सीख देने का आत्मीय दृश्य शनिवार को भोपाल के शासकीय संजय गांधी माध्यमिक शाला में देखने को मिला, जहाँ मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान छात्र-छात्राओं को पढ़ाने शिक्षक के रूप में पहुँचे। उन्होंने बच्चों को प्रेरणाप्रद कहानियाँ सुनाई, जोड़-घटाना और गुणा-भाग के प्रश्न हल करवाये। बच्चों में आत्मविश्वास और जीवन में निरंतर अच्छे से अच्छा करने की ऊर्जा एवं उत्साह का संचार करते हुए उन्हें बहुत ही स्नेहिल और आत्मीय ढंग से राष्ट्रभक्त और कर्त्तव्यनिष्ठ नागरिक बनने की सीख दी।मुख्यमंत्री श्री चौहान ने लगभग सवा घंटा बच्चों के साथ शिक्षक के रूप में बिताया। बच्चों के साथ घुल-मिलकर उन्हें छोटी-छोटी बातों से बड़ी-बड़ी सीख दी, जिससे बच्चे भारी उत्साहित थे। श्री चौहान बच्चों में पढ़ने का कौशल और समझ बढ़ाने के लिये प्रदेशव्यापी मिल-बाँचें कार्यक्रम में यहाँ पहुँचे थे, जहाँ उन्होंने एक शिक्षक की भूमिका को बखूबी निभाया। ।मुख्यमंत्री ने बच्चों से पुस्तकों के पाठ का पठन भी करवाया तथा उससे मिलने वाली शिक्षा पर बात की। उन्होंने फूल की अभिलाषा के द्वारा देश प्रेम और राष्ट्र भक्ति की भावना बच्चों में भरी। इन प्रसंगों के माध्यम से देश की आजादी के संघर्ष और उसके लिये जीवन की कुर्बानी देने वाले वीरों का स्मरण करवाया। उनके सपनों के भारत का निर्माण करने के लिये प्रेरित किया।मुख्यमंत्री ने मिल-बाँचे अभियान की मंशा के अनुरूप बच्चों से पाठ्य-पुस्तक के पाठों का पठन करवाया। छात्रा गौरवी विश्वकर्मा ने रम्मो और कल्लो की कहानी का पठन किया। दीपू मालवीय ने शिवाजी की जीवनी का वाचन किया। दूसरी कक्षा की छात्रा संतोषी ने प्रार्थना का पाठ किया। श्री चौहान ने प्रार्थना के माध्यम से सदैव ईश्वर का स्मरण करने की सीख दी। उन्होंने कहा पूरी दुनिया का नियंत्रण कोई एक शक्ति करती है। उसको अलग-अलग नामों से याद किया जाता है। उन्होंने विद्यालय के छात्र दीपक भदौरिया से जोड़ने, छात्रा संतोषी से घटाने और प्रियंका से गुणा के प्रश्न हल करवाए। उन्होंने बच्चों की संवाद-कला को परिमार्जित करने और प्रेरक प्रसंग से सीख लेने के लिये कहानियाँ भी सुनीं। उनसे मिलने वाली शिक्षा को भी स्पष्ट किया। छात्र नितिन ने तोतों की कहानी के माध्यम से बताया कि रटना शिक्षा नहीं है। वहीं दूसरों की जीवन रक्षा के लिये प्राणों का बलिदान करने वाले युवक की कहानी छठवी कक्षा की छात्रा सुहानी राजोरिया ने सुनाई।मुख्यमंत्री ने विद्यालय पत्रिका नवांकुर का विमोचन किया तथा बच्चों को उपहार दिये। आभार ज्ञापन विद्यालय की बाल केबिनेट की प्रधानमंत्री प्रियंका कुम्हरे ने किया।छात्र-छात्राओं में भाषा का ज्ञान और समझ बढ़ाने के लिये मिल-बाँचे कार्यक्रम में हर वर्ग ने भागीदारी की। इस राज्यव्यापी कार्यक्रम में प्रदेश की 112073 प्राथमिक और माध्यमिक शालाओं में दो लाख से ज्यादा लोगों ने बच्चों को पढ़ाया। इनमें मंत्रीगण, विधायक एवं जन-प्रतिनिधि, अधिकारी, समाजसेवी, सेवानिवृत अधिकारी, इंजीनियर, डॉक्टर, पूर्व विद्यार्थी तथा हर वर्ग के लोग शामिल हैं।

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