भतीजे के आगे नरम पड़े चाचा,नेताजी से मिलकर करूंगा संगठन का काम: शिवपाल
समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता शिवपाल सिंह यादव अपने पद छिनने से नाराज होकर मंगलवार की रात सैफई चले गये। वहां उन्होंने अपने चाहने वाले लोगों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने संकेत दिया कि अब वे सिर्फ नेताजी से मिलेंगे और फिर संगठन के लिए काम करेंगे।इस मौके पर उनसे मिलने के लिए जनता का हुजूम उमड़ पड़ा। उन्होंने जनता से सारे मामले पर बात-चीत भी की और पार्टी के मुखिया मुलायम सिंह से मिलने दिल्ली रवाना हो गये। इस दौरान जब उनसे पूछा गया कि क्या चाचा-भतीजे में सब ठीक है तो उन्होंने कहा, “मुझे ऐसा नहीं लगता कि कोई मतभेद है। नेताजी पार्टी में मुखिया है और वे जो भी निर्देश देंगे, उसका निर्वहन करूंगा।”अपने इस्तीफे को लेकर चल रही अटकलों पर शिवपाल यादव ने कहा कि इस पर फैसला नेताजी मुलायम सिंह यादव से मिलकर लेंगे। उन्होंने कहा कि वह वही करेंगे जो नेताजी कहेंगे। इससे पहले मंलवार को चाचा-भतीजे के बीच आपसी घामासान जारी रहा। अखिलेश से उत्तर प्रदेश का अध्यक्ष पद छिनते ही मुख्यमंत्री ने जवाबी कार्रवाई करते हुए शिवपाल को अच्छे विभागों से मुक्त कर दिया।
समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता शिवपाल सिंह यादव अपने पद छिनने से नाराज होकर मंगलवार की रात सैफई चले गये। वहां उन्होंने अपने चाहने वाले लोगों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने संकेत दिया कि अब वे सिर्फ नेताजी से मिलेंगे और फिर संगठन के लिए काम करेंगे।इस मौके पर उनसे मिलने के लिए जनता का हुजूम उमड़ पड़ा। उन्होंने जनता से सारे मामले पर बात-चीत भी की और पार्टी के मुखिया मुलायम सिंह से मिलने दिल्ली रवाना हो गये। इस दौरान जब उनसे पूछा गया कि क्या चाचा-भतीजे में सब ठीक है तो उन्होंने कहा, “मुझे ऐसा नहीं लगता कि कोई मतभेद है। नेताजी पार्टी में मुखिया है और वे जो भी निर्देश देंगे, उसका निर्वहन करूंगा।”अपने इस्तीफे को लेकर चल रही अटकलों पर शिवपाल यादव ने कहा कि इस पर फैसला नेताजी मुलायम सिंह यादव से मिलकर लेंगे। उन्होंने कहा कि वह वही करेंगे जो नेताजी कहेंगे। इससे पहले मंलवार को चाचा-भतीजे के बीच आपसी घामासान जारी रहा। अखिलेश से उत्तर प्रदेश का अध्यक्ष पद छिनते ही मुख्यमंत्री ने जवाबी कार्रवाई करते हुए शिवपाल को अच्छे विभागों से मुक्त कर दिया।
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