मध्य प्रदेश में 6 हजार करोड़ की लागत से लगेगा खाद कारखाना
केन्द्र सरकार की ओर से मध्य प्रदेश को एक नई सौगात मिली हैं। जल्द ही प्रदेश में 6 हजार करोड़ की लागत से खाद कारखाना का निर्माण किया जाएगा। इस बात की जानकारी केंद्रीय रसायन और उर्वरक मंत्री अनंत कुमार ने पत्रकारों को चर्चा के दौरान दी।केन्द्रीय मंत्री अनंत कुमार ने बताया कि उनके विभाग द्वारा प्रस्तावित खाद कारखाने का निर्माण इसी वर्ष शुरू करने की योजना हैं। इस कारखाने के लिये जगह चुनने के संबंध में प्रदेश सरकार और रसायन व उर्वरक मंत्रालय के अधिकारियों के बीच चर्चा जारी हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश में प्रस्तावित खाद कारखाना करीब 6,000 करोड़ रुपये की लागत से तीन साल में बनकर उत्पादन के लिये तैयार होगा। इस कारखाने में हर साल 13 लाख टन यूरिया उत्पादन की योजना है। इससे प्रदेश के किसानों की खाद की जरूरत भी पूरी हो सकेगी। यह कारखाना सार्वजनिक निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल पर चलाया जायेगा।केन्द्र सरकार प्रदेश में फार्मा क्लस्टर विकसित करने की योजना पर भी काम कर रही हैं। इस संबंध में जानकारी देते हुए अनंत कुमार ने बताया कि इंदौर के आस-पास 100 एकड़ से ज्यादा जमीन पर फार्मा क्लस्टर विकसित करने की योजना है। इस क्लस्टर में बड़े पैमाने पर दवाइयां और चिकित्सा से जुड़े उपकरण बनाने वाली 100 से अधिक इकाइयों को जगह दी जायेगी। इन इकाइयों के जरिये करीब 40,000 लोगों को रोजगार मिलेगा।
केन्द्र सरकार की ओर से मध्य प्रदेश को एक नई सौगात मिली हैं। जल्द ही प्रदेश में 6 हजार करोड़ की लागत से खाद कारखाना का निर्माण किया जाएगा। इस बात की जानकारी केंद्रीय रसायन और उर्वरक मंत्री अनंत कुमार ने पत्रकारों को चर्चा के दौरान दी।केन्द्रीय मंत्री अनंत कुमार ने बताया कि उनके विभाग द्वारा प्रस्तावित खाद कारखाने का निर्माण इसी वर्ष शुरू करने की योजना हैं। इस कारखाने के लिये जगह चुनने के संबंध में प्रदेश सरकार और रसायन व उर्वरक मंत्रालय के अधिकारियों के बीच चर्चा जारी हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश में प्रस्तावित खाद कारखाना करीब 6,000 करोड़ रुपये की लागत से तीन साल में बनकर उत्पादन के लिये तैयार होगा। इस कारखाने में हर साल 13 लाख टन यूरिया उत्पादन की योजना है। इससे प्रदेश के किसानों की खाद की जरूरत भी पूरी हो सकेगी। यह कारखाना सार्वजनिक निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल पर चलाया जायेगा।केन्द्र सरकार प्रदेश में फार्मा क्लस्टर विकसित करने की योजना पर भी काम कर रही हैं। इस संबंध में जानकारी देते हुए अनंत कुमार ने बताया कि इंदौर के आस-पास 100 एकड़ से ज्यादा जमीन पर फार्मा क्लस्टर विकसित करने की योजना है। इस क्लस्टर में बड़े पैमाने पर दवाइयां और चिकित्सा से जुड़े उपकरण बनाने वाली 100 से अधिक इकाइयों को जगह दी जायेगी। इन इकाइयों के जरिये करीब 40,000 लोगों को रोजगार मिलेगा।
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