एयरफोर्स ने माना, AN-32 पर सवार 29 लोग डेड
एयर फोर्स के प्लेन AN-32 के साथ लापता होने के 55 दिन बाद सभी 29 लोगों के मारे जाने की घोषणा कर दी गई है। खबर है कि इन लोगों की फैमिली से कहा गया है कि वे अपने रिलेटिव्स को डेड मान लें।आपको बता दें कि 22 जुलाई को ट्रांसपोर्ट प्लेन AN-32 ने चेन्नई से पोर्ट ब्लेयर के लिए उड़ान भरी थी। माना जा रहा है कि यह प्लेन खराब मौसम का शिकार हो गया।
सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन के साथ ही मौजूद सबूतों की जांच करने के बाद कोर्ट ऑफ इन्क्वॉयरी इस नतीजे पर पहुंची है कि लापता प्लेन के साथ गायब हुए लोगों के जिंदा होने की संभावना नहीं है।
- 'प्लेन में कोई अंडरवाटर लोकेटर सिस्टम नहीं था, जिससे इसकी तलाश बेहद मुश्किल है।'
- इंडियन एयरफोर्स की तरफ से फैमिलीज को लेटर लिखकर इस बारे में इन्फॉर्म किया गया है।
- लेटर के साथ presumption of death का एक सर्टिफिकेट भी लगाया गया है।
- लापता लोगों की फैमिली से कहा गया है कि वे इंश्योरेंस और अन्य एडमिनिस्ट्रेटिव काम के लिए आगे बढ़ सकते हैं।
- लेटर में यह भी कहा गया है कि प्लेन के मलबे की तलाश के लिए करीब 2,17,800 स्क्वायर नॉटिकल मील का एरिया कई बार खंगाला गया।
एयर फोर्स के प्लेन AN-32 के साथ लापता होने के 55 दिन बाद सभी 29 लोगों के मारे जाने की घोषणा कर दी गई है। खबर है कि इन लोगों की फैमिली से कहा गया है कि वे अपने रिलेटिव्स को डेड मान लें।आपको बता दें कि 22 जुलाई को ट्रांसपोर्ट प्लेन AN-32 ने चेन्नई से पोर्ट ब्लेयर के लिए उड़ान भरी थी। माना जा रहा है कि यह प्लेन खराब मौसम का शिकार हो गया।
सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन के साथ ही मौजूद सबूतों की जांच करने के बाद कोर्ट ऑफ इन्क्वॉयरी इस नतीजे पर पहुंची है कि लापता प्लेन के साथ गायब हुए लोगों के जिंदा होने की संभावना नहीं है।
- 'प्लेन में कोई अंडरवाटर लोकेटर सिस्टम नहीं था, जिससे इसकी तलाश बेहद मुश्किल है।'
- इंडियन एयरफोर्स की तरफ से फैमिलीज को लेटर लिखकर इस बारे में इन्फॉर्म किया गया है।
- लेटर के साथ presumption of death का एक सर्टिफिकेट भी लगाया गया है।
- लापता लोगों की फैमिली से कहा गया है कि वे इंश्योरेंस और अन्य एडमिनिस्ट्रेटिव काम के लिए आगे बढ़ सकते हैं।
- लेटर में यह भी कहा गया है कि प्लेन के मलबे की तलाश के लिए करीब 2,17,800 स्क्वायर नॉटिकल मील का एरिया कई बार खंगाला गया।
No comments:
Write comments