अरुणाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कालिखो पुल का निधन,फंदे से लटकता मिला शव, खुदकुशी की आशंका
अरुणाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कालिखो पुल की मंगलवार को संदिग्ध हालात में मौत हो गई है। जानकारी के अनुसार, कालिखो पुल घर में मृत पाए गए और उनका शव फंदे से लटकता हुआ मिला। चिकित्सकों के अनुसार, मौत सुबह सात से साढ़े सात बजे के बीच हुई है।कुछ समय के लिए अरुणाचल के मुख्यमंत्री रह चुके कांग्रेस के बागी कलिखो पुल ने कथित तौर पर आत्महत्या कर ली है। पुलिस के एक शीर्ष अधिकारी ने कहा कि 47 वर्षीय पुल ने अपने बेडरूम में कथित तौर पर फांसी लगा ली। उन्हें मुख्यमंत्री के आधिकारिक आवास पर मृत पाया गया। उन्होंने अभी इस आवास को खाली करना था। पुल की तीन में से एक पत्नी ने उन्हें मंगलवार सुबह घर में फंदे लटका हुआ पाया। उनकी तीन पत्नियां और चार बच्चे हैं। पुल की मौत की खबर फैलते ही सत्ताधारी और विपक्षी दलों के विधायक, दोस्त और जनता उनके बंगले की ओर रवाना हो गए। मौत के पीछे की वजहें अभी तक स्पष्ट नहीं हैं। पुल के परिवार के अनुसार, वह पिछले सात दिन से किसी बाहरी व्यक्ति से नहीं मिले थे।पुल की मौत की खबर फैलते ही उनके समर्थकों ने मौजूदा मुख्यमंत्री पेमा खांडू के नीति विहार इलाके में बने बंगले का घेराव किया। समर्थकों ने पुल की ‘अप्राकृतिक‘ मौत की जांच की मांग की। उन्होंने उप मुख्यमंत्री की एक निर्माणाधीन इमारत को आग लगा दी और दो सरकारी बंगलों को नुकसान पहुंचाया। समर्थकों ने कहा कि वे पुल के पार्थिव शरीर को उनके ईएसएस सेक्टर स्थित बंगले से बाहर नहीं ले जाने देंगे। समर्थकों ने पुल का अंतिम संस्कार परिसर के भीतर ही करने की मांग की।बता दें कि मौजूदा सीएम पेमा खांडू से पहले कालिखो पुल ही मुख्यमंत्री थे। प्रदेश में कालिखो पुल ने बीजेपी की मदद से सरकार बनाई थी। पुल ने इस साल 19 फरवरी को राज्य की सत्ता की कमान संभाली थी। वह कुछ समय के लिए मुख्यमंत्री रहे। जुलाई में उच्चतम न्यायालय ने नबाम तुकी की वापस बहाली कर दी। तुकी ने 10वें मुख्यमंत्री के रूप में पेमा खांडू को रास्ता दिया। 47 वर्षीय कालिख्ाो पुल करीब छह महीने तक अरुणाचल के मुख्यमंत्री रहे। वह 19 फरवरी, 2016 को अरुणाचल के मुख्यमंत्री बने थे। पुल ने कांग्रेस बगावत कर प्रदेश में सरकार बनाई थी। वह गेगांग अपांग सरकार में वित्त मंत्री रहे थे।
अरुणाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कालिखो पुल की मंगलवार को संदिग्ध हालात में मौत हो गई है। जानकारी के अनुसार, कालिखो पुल घर में मृत पाए गए और उनका शव फंदे से लटकता हुआ मिला। चिकित्सकों के अनुसार, मौत सुबह सात से साढ़े सात बजे के बीच हुई है।कुछ समय के लिए अरुणाचल के मुख्यमंत्री रह चुके कांग्रेस के बागी कलिखो पुल ने कथित तौर पर आत्महत्या कर ली है। पुलिस के एक शीर्ष अधिकारी ने कहा कि 47 वर्षीय पुल ने अपने बेडरूम में कथित तौर पर फांसी लगा ली। उन्हें मुख्यमंत्री के आधिकारिक आवास पर मृत पाया गया। उन्होंने अभी इस आवास को खाली करना था। पुल की तीन में से एक पत्नी ने उन्हें मंगलवार सुबह घर में फंदे लटका हुआ पाया। उनकी तीन पत्नियां और चार बच्चे हैं। पुल की मौत की खबर फैलते ही सत्ताधारी और विपक्षी दलों के विधायक, दोस्त और जनता उनके बंगले की ओर रवाना हो गए। मौत के पीछे की वजहें अभी तक स्पष्ट नहीं हैं। पुल के परिवार के अनुसार, वह पिछले सात दिन से किसी बाहरी व्यक्ति से नहीं मिले थे।पुल की मौत की खबर फैलते ही उनके समर्थकों ने मौजूदा मुख्यमंत्री पेमा खांडू के नीति विहार इलाके में बने बंगले का घेराव किया। समर्थकों ने पुल की ‘अप्राकृतिक‘ मौत की जांच की मांग की। उन्होंने उप मुख्यमंत्री की एक निर्माणाधीन इमारत को आग लगा दी और दो सरकारी बंगलों को नुकसान पहुंचाया। समर्थकों ने कहा कि वे पुल के पार्थिव शरीर को उनके ईएसएस सेक्टर स्थित बंगले से बाहर नहीं ले जाने देंगे। समर्थकों ने पुल का अंतिम संस्कार परिसर के भीतर ही करने की मांग की।बता दें कि मौजूदा सीएम पेमा खांडू से पहले कालिखो पुल ही मुख्यमंत्री थे। प्रदेश में कालिखो पुल ने बीजेपी की मदद से सरकार बनाई थी। पुल ने इस साल 19 फरवरी को राज्य की सत्ता की कमान संभाली थी। वह कुछ समय के लिए मुख्यमंत्री रहे। जुलाई में उच्चतम न्यायालय ने नबाम तुकी की वापस बहाली कर दी। तुकी ने 10वें मुख्यमंत्री के रूप में पेमा खांडू को रास्ता दिया। 47 वर्षीय कालिख्ाो पुल करीब छह महीने तक अरुणाचल के मुख्यमंत्री रहे। वह 19 फरवरी, 2016 को अरुणाचल के मुख्यमंत्री बने थे। पुल ने कांग्रेस बगावत कर प्रदेश में सरकार बनाई थी। वह गेगांग अपांग सरकार में वित्त मंत्री रहे थे।
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