सारा मध्यप्रदेश फुटबॉल प्लेयर को सेल्यूट करता है!
सतना में जिस समय लोग एक गिरती हुई इमारत का वीडियो बना रहे थे, तब फुटबॉल प्लेयर बबलू मार्टिन इस इमारत के नीचे खड़े लोगों की जान बचाने में जुटा हुआ था। वो आखरी सांस तक लोगों को गिरती इमारत की चपेट में आने से बचाता रहा। उसने एक 3 साल के मासूम बच्चे और उसकी मां को बचाया। एक चौकीदार की 12 साल की बेटी को बचाया लेकिन जब तक वो खुद गिरती इमारत की रेंज से बाहर निकल पाता, मलवा उसके ऊपर आ गिरा। जब मलवा हटाकर बबलू मार्टिन को निकाला गया तब भी उसकी आखें खुली हुईं थीं, मानो देख रहीं हों कि कहीं कोई छूट तो नहीं गया। बबलू मार्टिन, हम आपकी बहादुरी को सलाम करते हैं, सारा मध्यप्रदेश आपको सेल्यूट करता है। हादसा मैहर में हुआ। यहां हाउसिंग बोर्ड की तीन मंजिला इमारत ढह रही थी। कई लोग इसे गिरते हुए देख रहे थे। कुछ ने वीडियो भी बनाया। इसी भीड़ में मौजूद था बबलू मार्टिन जो फुटबॉल प्लेयर एवं क्रिकेट कोच भी है। वो बच्चों को खेल सिखाता है। अचानक बबलू की नजर इमारत के नीचे खड़े बच्चों पर पड़ी। वो दौड़कर गया और एक 3 साल के मासूम मयूर व उसकी मां को बचाकर ले आया। पलटकर देखा तो एक चौकीदार की 12 वर्षीय बेटी प्रभा भी गिरती इमारत की चपेट में आने वाली थी। इमारत तेजी से नीचे आ रही थी। बबलू भागकर गया और बच्ची को तेज धक्का दिया। वो बच्ची तो दूर छिटककर गिर गई, लेकिन बबलू खुद को बचा नहीं पाया। इमारत का सारा मलवा बबलू के ऊपर आ गिरा। काफी प्रयास के बाद जब लोगों ने मलवा हटाकर बबलू को निकाला, तब भी उसकी आखें खुली हुईं थीं। कुछ इस तरह, जैसे वो देख रहा हो कि कहीं कोई रह तो नहीं गया। बहादुर बबलू की सांसें भी चल रहीं थीं परंतु वो नि:शब्द था। लोगों ने तत्काल उसे अस्पताल दाखिल कराया, परंतु सरकारी अस्पतालों का ढर्रा, महैर से उसे सतना रिफर कर दिया गया। इससे पहले कि ऐंबुलेंस सतना पहुंच पाती। बबलू मार्टिन सबको छोड़कर जा चुका था। बबलू मार्टिन के लिए पूरा मध्यप्रदेश शोकमग्न है। लोग उसकी बहादुरी को सलाम कर रहे हैं। सरकार उसके परिवार की क्या मदद करेगी, यह तो आने वाला वक्त बताएगा परंतु बबलू मार्टिन अब अमर हो गया है। उसे सदियों तक याद किया जाएगा और वो लोग जो बबलू मार्टिन की वजह से जिंदा हैं, शायद उसे भगवान की तरह पूजेंगे।
सतना में जिस समय लोग एक गिरती हुई इमारत का वीडियो बना रहे थे, तब फुटबॉल प्लेयर बबलू मार्टिन इस इमारत के नीचे खड़े लोगों की जान बचाने में जुटा हुआ था। वो आखरी सांस तक लोगों को गिरती इमारत की चपेट में आने से बचाता रहा। उसने एक 3 साल के मासूम बच्चे और उसकी मां को बचाया। एक चौकीदार की 12 साल की बेटी को बचाया लेकिन जब तक वो खुद गिरती इमारत की रेंज से बाहर निकल पाता, मलवा उसके ऊपर आ गिरा। जब मलवा हटाकर बबलू मार्टिन को निकाला गया तब भी उसकी आखें खुली हुईं थीं, मानो देख रहीं हों कि कहीं कोई छूट तो नहीं गया। बबलू मार्टिन, हम आपकी बहादुरी को सलाम करते हैं, सारा मध्यप्रदेश आपको सेल्यूट करता है। हादसा मैहर में हुआ। यहां हाउसिंग बोर्ड की तीन मंजिला इमारत ढह रही थी। कई लोग इसे गिरते हुए देख रहे थे। कुछ ने वीडियो भी बनाया। इसी भीड़ में मौजूद था बबलू मार्टिन जो फुटबॉल प्लेयर एवं क्रिकेट कोच भी है। वो बच्चों को खेल सिखाता है। अचानक बबलू की नजर इमारत के नीचे खड़े बच्चों पर पड़ी। वो दौड़कर गया और एक 3 साल के मासूम मयूर व उसकी मां को बचाकर ले आया। पलटकर देखा तो एक चौकीदार की 12 वर्षीय बेटी प्रभा भी गिरती इमारत की चपेट में आने वाली थी। इमारत तेजी से नीचे आ रही थी। बबलू भागकर गया और बच्ची को तेज धक्का दिया। वो बच्ची तो दूर छिटककर गिर गई, लेकिन बबलू खुद को बचा नहीं पाया। इमारत का सारा मलवा बबलू के ऊपर आ गिरा। काफी प्रयास के बाद जब लोगों ने मलवा हटाकर बबलू को निकाला, तब भी उसकी आखें खुली हुईं थीं। कुछ इस तरह, जैसे वो देख रहा हो कि कहीं कोई रह तो नहीं गया। बहादुर बबलू की सांसें भी चल रहीं थीं परंतु वो नि:शब्द था। लोगों ने तत्काल उसे अस्पताल दाखिल कराया, परंतु सरकारी अस्पतालों का ढर्रा, महैर से उसे सतना रिफर कर दिया गया। इससे पहले कि ऐंबुलेंस सतना पहुंच पाती। बबलू मार्टिन सबको छोड़कर जा चुका था। बबलू मार्टिन के लिए पूरा मध्यप्रदेश शोकमग्न है। लोग उसकी बहादुरी को सलाम कर रहे हैं। सरकार उसके परिवार की क्या मदद करेगी, यह तो आने वाला वक्त बताएगा परंतु बबलू मार्टिन अब अमर हो गया है। उसे सदियों तक याद किया जाएगा और वो लोग जो बबलू मार्टिन की वजह से जिंदा हैं, शायद उसे भगवान की तरह पूजेंगे।
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