महाकाल: नागपंचमी पर खुले भगवान नागचंद्रेश्वर के पट, उमड़े श्रद्धालु
भगवान महाकालेश्वर मन्दिर के शिखर पर स्थित भगवान नागचंद्रेश्वर मन्दिर के
नागपंचमी के अवसर पर रविवार सुबह पट खोले गये। इसके उपरान्त मन्दिर में
विधि-विधान से पूजन-अर्चन किया गया। पट खुलते ही दर्शन के लिए श्रद्धालुओं
की भीड़ उमड़ पड़ी। रात्रि से ही भगवान नागचंद्रेश्वर के दर्शन के लिये
बड़ी संख्या में आस्था में सराबोर श्रद्धालु पहुंचने लगे थे।उल्लेखनीय है
कि भूतभावन भगवान बाबा महाकाल की पौराणिक एवं धार्मिक नगरी उज्जयिनी
में ज्योर्तिलिंग महाकालेश्वर मंदिर के ऊपरी भाग में स्थित धार्मिक एवं
अतिप्राचीन दुर्लभ नागचंद्रेश्वर मंदिर के द्वार नागपंचमी के दिन ही दर्शन
के लिये खोले जाते हैं।धर्मग्रंथों में उल्लेख है कि सर्प सिंहासन पर भगवान
विष्णु ही विराजमान होते हैं, किंतु नागचंद्रेश्वर मन्दिर में स्थित
प्रतिमा में सात सर्पों के सिंहासन पर भगवान शंकर एवं माता पार्वती आसान
लगाये हुए हैं, समीप में प्रथमगण देवता गणपति विराजित हैं, ऐसी विलक्षण
मूर्ति अन्यत्र कहीं देखने को नहीं मिलती हैं।बाबा महाकाल की नगरी में
नागपंचमी धूमधाम से मनाई जाती है। इस दिन महाकाल मंदिर में स्थित
नागचंद्रेश्वर मंदिर में दर्शन करने के लिए प्रदेशभर से श्रद्धालु पहुंचते
हैं। आज सुबह जैसे ही मंदिर के पट खुले, श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी और
हजारों लोगों को भगवान नागचंद्रेश्वर के दर्शन किए। मंदिर के पट खोलने के
दौरान महन्त प्रकाशपुरी, प्रभारी कलेक्टर अविनाश लवानिया, पुलिस अधीक्षक
मनोहरसिंह वर्मा और मन्दिर प्रशासक आर.पी. तिवारी उपस्थित थे।

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