Tuesday, 16 August 2016

बाढ़ में घिरे रीवा जिले के कई गांव, जनजीवन अस्तव्यस्त

बाढ़ में घिरे रीवा जिले के कई गांव, जनजीवन अस्तव्यस्त

प्रदेश के कई जिलों में हाहाकार मचा देने वाली बारिश से रीवा भी अब अछूता नहीं रहा है। महाबारिश ने पहले जहां प्रदेश के कई जिलों को तर-बतर करते हुए आगे बढक़र रीवा पहुंच गई है वहीँ पिछले 4 दिनों से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण जिले भर में बाढ़ का पानी लोगों के घरों में घुस चुका है।
शहर में जहां आजादी के 70 सालों के बाद बहाई जा रही विकास की गंगा ने लोगों के घरों में पहुंचकर चरण पखारा है वहीँ दिलीप बिल्डिकान के ऊपर सत्तासीन सरकार के वरदहस्त द्वारा बनाई गई जिले की कई पुलिया, सडक़े आदि महाबारिश के प्रलय में बह गई है। जिले के सैकडों गांवों में बाढ़ के हालत बने हुए है एवं कई जगहों पर बनते जा रहे है। लगातार हो रही बारिश से जनजीवन बुरी तरह से प्रभावित हो चुका है। लोगों को अपनी जान बचाने के लिए ऊंचे स्थानों का सहारा लेना पड़ रहा है। कई स्थानों पर रेस्क्यू आपरेशन तक की नौबत आने की संभावना दिखती जा रही है। यदि बारिश का दौर नहीं रूका तो प्रलय होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है।गौरतलब है कि रीवा शहर के आधी से अधिक बस्तिया पानी के कहर में समा चुकी है। शहर से गुजरने वाली बिछया नदी अपने पूरे सबाब पर है तथा लगातार बढ़ती जा रही है तो शहर के सभी 45 वार्डो में आधे से अधिक घरों में बारिश और बाढ़ का पानी घुस गया है। शहर के अमहिया, नेहरू नगर, निपनिया, घोघर, बिछया आदि के हालत अत्यंत चिंतनीय है। हालांकि बीच-बीच में बारिश का पानी रूक जाता है जिससे कुछ स्थित सामान्य होती है लेकिन पुन: बारिश होने से लगातार बाढ़ का खतरा शहर में मंडरा रहा है। शहर के हालत काफी खराब बने हुए है।भारी वर्षा के मद्देनजर कलेक्टर राहुल जैन द्वारा ग्रामीण क्षेत्र के सभी स्कूलों में 16 अगस्त को अवकाश घोषित किया गया है।शहर के सभी 45 वार्डो में भारी वर्षो और बाढ़ का जायजा लेने के लिए उद्योग मंत्री राजेन्द्र शुक्ला स्वयं नेहरू नगर में मंत्री एवं पार्षद के बीच बातचीत का दौर भी हुआ।

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