Monday, 29 August 2016

मुख्यमंत्री ने की अमेरिकी कंपनियों के प्रमुखों से चर्चा, निवेश का दिया आमंत्रण

मुख्यमंत्री ने की अमेरिकी कंपनियों के प्रमुखों से चर्चा, निवेश का दिया आमंत्रण

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि मजबूत औद्योगिक अधोसंरचना, निवेशकों के लिये बेहतर सुविधाओं और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में लागू केन्द्र सरकार की निवेश मित्र नीतियों के कारण मध्यप्रदेश की औद्योगिक विकास दर आठ प्रतिशत से ज्यादा हो गयी है। निवेशकों के उत्साह को देखते हुए जल्दी ही यह दो अंकों में पहुँच जायेगी। श्री चौहान अपनी अमेरिका यात्रा के दूसरे दिन आज न्यूयार्क में मध्यप्रदेश में निवेश में रूचि रखने वाले उद्योगपतियों, कंपनियों के वरिष्ठ पदाधिकारियों से अलग-अलग चर्चा कर रहे थे।मुख्यमंत्री श्री चौहान ने निवेशकों एवं उद्योगपतियों को इंदौर में 22-23 अक्टूबर 2016 को होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर समिट में भाग लेने के लिये आमंत्रित किया। श्री चौहान ने निवेशकों को बताया कि मध्यप्रदेश हर क्षेत्र में निवेश के लिये तैयार है। इसके लिये उदार नीतियाँ बनाई गयी हैं। प्रधानमंत्री श्री मोदी के मार्गदर्शन में भारत की विकास दर 7.6 प्रतिशत तक पहुँच गई है। आने वाले वर्षों में यह और तेजी से बढ़ेगी। भारत सरकार की मेक इन इंडिया, स्किल इंडिया, क्लीन इंडिया, डिजिटल इंडिया, स्टेण्ड अप और स्टार्ट अप जैसी नवाचारी योजनाओं का बेहतर और प्रभावी क्रियान्वयन करने में मध्यप्रदेश राज्य सबसे आगे है। इससे निवेश की संभावनाएँ बढ़ी हैं।श्री चौहान ने बताया कि पिछले एक दशक में प्रदेश में 85 बिलियन से ज्यादा का पूँजी निवेश हुआ है। इसमें 2 लाख 37 हजार से ज्यादा सूक्ष्म और लघु उद्योग स्थापित हुए हैं। इनमें करीब 6 लाख लोगों को रोजगार मिला है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश उद्योग और निवेश मित्र प्रदेश है। उद्योगों के लिये 25 हजार हेक्टेयर भूमि का बैंक बनाया गया है। भूमि आवंटन की ऑन लाइन प्रक्रिया स्थापित की गयी है। निवेशकों की सहूलियत के लिये ‘सिंगल टेबल व्यवस्था’ स्थापित की गयी है। इसके माध्यम से निवेश प्रस्ताव एक घंटे में अनुमोदित किया जाता है। मुख्यमंत्री ने निवेशकों को बताया कि प्रधानमंत्री श्री मोदी की स्मार्ट सिटी योजना के अंतर्गत मध्यप्रदेश के शहरों को स्मार्ट बनाने की प्रक्रिया शुरू हो गयी है। यह निवेशकों के लिये सहयोगी साबित होगी।जिन कंपनियों के साथ मुख्यमंत्री ने निवेश संबंधी चर्चा की उनमें मुख्य रूप से फाइजर, जाइलम, इंडिया फर्स्ट ग्रुप, सुमिट रिलायंस समूह, कोकाकोला, टी.आर.ए., आई.टी. स्ट्रेटेजी आर्किटेक्चर एवं सायबर सिक्योरिटी, एस.एन.पी. टेक्नोलॉजी और सोलर एनर्जी शामिल हैं।मुख्यमंत्री ने फाइजर के वरिष्ठ निदेशक जेफरी हेमिल्टन से मुलाकात की और उन्हें निवेश के लिये आमंत्रित किया। फाइजर कंपनी बायो-फार्मास्यूटिकल कंपनी है। यह स्वास्थ्य सुरक्षा संबंधित उत्पाद बनाती है।श्री चौहान ने जाइलम के वरिष्ठ उपाध्यक्ष और मुख्य विपणन अधिकारी युसुफ वेसेय से मुलाकात की । जाइलम कंपनी अपशिष्ट जल के उपयोग की इंजीनियर प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में विशेषज्ञता रखती है। पानी और अपशिष्ट जल उपचार, परीक्षण उपकरण और नियंत्रण और प्रणालियों सहित विभिन्न उत्पाद निर्माण, कीटाणुशोधन और जैविक उपचार उपकरण बनाती है।

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