Friday, 5 August 2016

8 अगस्त को लोकसभा में पेश होगा GST Bill,

8 अगस्त को लोकसभा में पेश होगा GST Bill,

गुड्स एंड सर्विस टैक्स बिल (GST Bill) 8 अगस्त को लोकसभा में फिर से पेश किया जाएगा। जीएसटी को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने सभी सांसदों को व्हिप जारी कर 8 अगस्त को हाजिर होने को कहा है। बुधवार को राज्यसभा में जीएसटी विधेयक पारित होना अप्रत्यक्ष कर (इनडायरेक्ट टैक्स) सुधार के दिशा में ये एक निर्णायक कदम है। ये विधेयक साल 2010 से सदन में लंबित था। राज्यसभा में पारित होने के बाद ये विधेयक दोबारा लोकसभा में 8 अगस्त को पेश किया जाएगा ताकि ऊपरी सदन द्वारा किए गए संशोधनों पर लोकसभा की सहमति ली जा सके।लोकसभा में पारित होने के बाद जीएसटी विधेयक को कम से कम 15 राज्य विधान सभाओं में पारित होना होगा। उसके बाद विधेयक को राष्ट्रपति के मंजूरी की जरूरत होगी ताकि यह विधेयक एक अप्रैल 2017 की समय सीमा के अंदर प्रभावी हो सके।जीएसटी विधेयक एक संविधान संशोधन विधेयक है इसलिए इसके बाद एक लंबी विधायी प्रक्रिया पूरी करनी होती है। टैक्स दरों में बदलाव के लिए मोटे तौर पर तीन कानूनों में बदलाव करना होगा। संसद को सेंट्रल जीएसटी (सीजीएसटी) और इंटिग्रेटेड जीएसटी (आईजीएसटी) विधेयक को पारित करना होगा। वहीं 29 राज्यों को अपनी-अपनी विधान सभाओं में स्टेट जीएसटी (एसजीएसटी) विधेयक पारित करना होगा। संभावना है कि राज्य केंद्रीय सीजीएसटी की तर्ज पर अपने जीएसटी कानून बनाएंगे ताकि नई टैक्स दरों को लागू किया जा सके। इसके अलावा नए टैक्स के लिए इलेक्ट्रानिक जीएसटी नेटवर्क (जीएसटीएन) बनाया जाएगा, जिसमें ऑनलाइन पंजीकरण, टैक्स भुगतान और रिटर्न फाइलिंग की सुविधा होगी।गुड्स एंड सर्विस टैक्स (GST) बिल बुधवार को राज्यसभा में संशोधन के लिए पेश किया गया। सरकार ने बिल में 1 पर्सेंट अतिरिक्त टैक्स हटाने और राज्यों को जीएसटी से नुकसान होने पर 5 साल तक उन्हें 100 पर्सेंट मुआवजा दिए जाने जैसे बड़े बदलाव किए हैं। जीएसटी विधेयक में दी गई मौजूदा व्यवस्था में राज्यों को पहले तीन साल तक 100 प्रतिशत, चौथे साल 75 प्रतिशत और पांचवें साल 50 प्रतिशत राजस्व नुकसान की भरपाई का प्रावधान किया गया था। बुधवार को पीएम मोदी की अध्यक्षता में हुए केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में इन बदलावों को मंजूरी दे दी गई थी।

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