Wednesday, 24 August 2016

मेधावी छात्रों को 53 लाख रुपये के लेपटॉप वितरित,विकास में योगदान के लिए आगे आए: मुख्यमंत्री श्री चौहान

मेधावी छात्रों को 53 लाख रुपये के लेपटॉप वितरित,विकास में योगदान के लिए आगे आए: मुख्यमंत्री श्री चौहान

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रदेश की प्रतिभाओं का आव्हान किया है कि वे विकास में योगदान के लिए आगे आए। सरकार के साथ मिलकर प्रदेश-देश के विकास में योगदान के लिये संकल्पित हों। श्री चौहान आज लाल परेड ग्राउंड में मेधावी विद्यार्थी प्रोत्साहन योजना में विद्यार्थियों के लेपटॉप वितरण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कार्यक्रम में उपस्थित विद्यार्थियों को अनूठे अंदाज में हाईटेक तरीके से संकल्पित करवाया। उन्होंने सभी उपस्थित बच्चों को चमकते मोबाइल की रोशनी के साथ देश-प्रदेश के विकास में अपनी मेधा का सर्वश्रेष्ठ योगदान के लिये संकल्पित करवाया। छात्र-छात्राओं ने संकल्प लिया कि वे अपने जीवन को चमकाने के लिये प्रयास और परिश्रम में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे।मौके पर माध्यमिक शिक्षा मंडल की 12वीं परीक्षा में 85 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले 17 हजार 196 छात्र-छात्राओं को लेपटॉप के लिए करीब 53 लाख रूपए हाईटेक तरीके से वितरित किए गए। छात्र-छात्राओं ने मुख्यमंत्री श्री चौहान के साथ सेल्फी भी ली।मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि बच्चों के साथ उनके भावनात्मक रिश्ते हैं। वे दिल की गहराइयों से चाहते हैं कि बच्चों का भविष्य चमकदार हो। उनका दुनिया में नाम हो। बच्चे बनेंगे आगे बढ़ेंगे, तो उनका परिवार, प्रदेश और देश भी बनेगा, बढ़ेगा। सरकार उनको आगे बढ़ने का हर साधन, सुविधा और मौका उपलब्ध करवाने के लिये प्रयासरत है। शिक्षा के रास्ते में आने वाली हर बाधा को समाप्त किया जा रहा है। नि:शुल्क किताबें, गणवेश, साइकिल, छात्रवृत्ति देने के साथ ही प्रतिभावान बेटियों को उच्च शिक्षा के लिये आर्थिक सहायता उपलब्ध करवाई जाती है। उन्होंने कहा कि विभिन्न वर्गों के कमजोर और जरूरतमंद बच्चों को छात्रवृत्ति मिलती है। अब सामान्य वर्ग की प्रतिभाएँ भी गरीबी के कारण शिक्षा से वंचित नहीं हों, उनको भी छात्रवृत्ति दी जा रही है।मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के बच्चों में असाधारण प्रतिभा और मेधा है। प्रदेश के विकास में उनके योगदान के लिये जरूरी है कि उन्हें अच्छी से अच्छी शिक्षा मिलें। इसीलिये सरकार ने यह संकल्प लिया है कि देश की उच्च शिक्षण संस्थाओं में प्रवेश पाने वाला एक भी बेटा-बेटी धनाभाव के कारण शिक्षा से वंचित नहीं रहे। संकल्प की पूर्ति के लिये योजना बनायी गयी है, जिसमें उच्च शिक्षण संस्थाओं में प्रवेश पाने वाले विद्यार्थियों, जिनके पालक फीस देने में असमर्थ है, की फीस सरकार द्वारा जमा की जाएगी। इस योजना को अधिक बेहतर बनाने, उनकी आकांक्षाएँ, अपेक्षाएँ बताने के लिये मुख्यमंत्री ने छात्र-छात्राओं से उनके फेसबुक, ट्विटर और पोर्टल पर सुझाव भेजने के लिए कहा।मुख्यमंत्री श्री चौहान ने बच्चों के साथ संवाद करते हुए उनकी व्यवसायिक आकांक्षाओं की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि जो बच्चे नौकरी करना चाहते हैं उनके लिये नये रोजगार अवसर सृजित किये जा रहे हैं।

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