Saturday, 30 July 2016

VIDHANSABHA का मानसून सत्र समाप्त SITASARAN SHARMA ने कहा ,सदन में न्यूसेंस का कोई स्थान नहीं!

VIDHANSABHA  का मानसून सत्र समाप्त SITASARAN SHARMA  ने कहा ,सदन में न्यूसेंस का कोई स्थान नहीं!

विधानसभा अध्यक्ष डॉक्टर सीतासरन शर्मा इस बात को सिरे से नकारते हैं कि सदन में न्यूसेंस वेल्यू हैं, वे कहते हैं कि यहां ऐसे लोगों का कोई महत्व नहीं है। उनका यह भी कहना है कि सदन नियमों के साथ सहमति से भी चलता है। विधायकों को अपनी बात कहने का हक है पर उन्हें मर्यादा का ख्याल रखना चाहिए। वे कहते हैं कि सदन के भीतर हुई उन बातों का बाहर जाना अनुचित है जिन पर हाउस में चर्चा न हुई हो और वह प्रकाशित न हुई हों। यही मर्यादा है और यही नियम है। डॉक्टर शर्मा के मुताबिक विपक्ष को अपने लोकतांत्रिक अधिकारों को उपयोग करने का हक है पर उन्हें भी नियम का ख्याल रखना चाहिए। विधानसभा का मानसून सत्र समाप्त होने के बाद उन्होंने प्रदेश टुडे से सदन से जुड़े कई मसलों पर खुलकर अपनी बात रखी। प्रस्तुत हैं उसी बातचीत के प्रमुख अंश
सवाल: विधानसभा में प्रश्नकाल अक्सर बाधित होता है और कई सदस्य अपनी बात नहीं रख पाते?
जवाब: प्रश्नकाल में अपनी बात रखना सभी सदस्यों का अधिकार है। इस पर कुछ सदस्यों ने आपत्ति भी ली थी। उनकी इसी आपत्ति के कारण हमने सर्वदलीय बैठक भी बुलाई थी जिसमें यह चर्चा की कि कम से कम प्रश्नकाल बाधित न हो और इसका असर भी दिखा है।
सवाल: कुछ ऐसे विधायक हैं जो लगातार बोलते हैं, क्या उनकों आइडेन्टीफाई कर ताकीद करेंगे?
जवाब: दरअसल मेरा जो काम काम है वह किसी को इस तरह से आइडेन्टीफाई करना है नहीं। सामने वाला कुछ भी करे मुझे सबके लिए समदृष्टि ही रखना पड़ेगी। मैं किसी को आइडेन्टीफाई करके टारगेट नहीं कर सकता न मुझे करना चाहिए। टारगेट करने के बजाए बहुत से अन्य तरीके हैं बात करने के। उनका इस्तेमाल किया जाता है, वह जरूरत पड़ने पर करता भी हूं।
सवाल: क्या सदन में जो विधायक न्यूसेंस करते हैं उनकी वेल्यू है।
जवाब: हमारे यहां तो नहीं है पर सामाजिक जीवन और व्यवहार में कहा जाता है कि इसकी न्यूसेंस वेल्यू है किंतु हमारे लोकतंत्र के मंदिर में इसकी कोई वेल्यू नहीं है। यहां सदन अधिकांश समय नियमों और मर्यादा से चलता है।
सवाल: विपक्ष के सिंहस्थ के हंगामें को कितना जायज मानते हैं।
जवाब: मैं किसी एक पक्ष की रको जायज या नाजायज कहने से बचता हूं क्यों कि मेरे से अपेक्षा है और वो अपेक्षा ठीक भी है कि मुझे निष्पक्ष होना चाहिए। मेरा मानना है कि सभी को अपनी बात कहने का हक सभी फोरम पर है। बशर्ते वह मर्यादा में हो।

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