Thursday, 28 July 2016

SALMAN की मुश्किलें फिर से बढ़ी ,चिंकारा पिक्चर अभी बाकी है!

SALMAN  की मुश्किलें फिर से बढ़ी ,चिंकारा पिक्चर अभी बाकी है!

तीन दिन पहले सलमान के लिए खुशखबरी आई थी. राजस्थान में चिंकारा शिकार के जिन दो मामलों में सलमान को सजा हुई थी हाईकोर्ट ने उन्हें बरी करने का फैसला सुनाया.सलमान जेल जाने से बच गए थे लेकिन तीन दिन बाद वो गवाह वापस लौट आया है जिसकी गवाही पर सलमान की मुश्किलें शुरू हुई थीं. इसीलिए हम कह रहे हैं कि सलमान की चिंकारा पिक्चर अभी बाकी है.हरीश दुलानी के लापता होने से सलमान के खिलाफ केस कमजोर हुआ. दुलानी कह रहे हैं कि धमकियों के डर से वो गायब हो गए थे इसके साथ ही दुलानी का कहना है कि वो अभी भी अपने बयान पर कायम हैं.सलमान खान को जोधपुर में चिंकारा शिकार के दो मामलों में बरी किया गया है और ये फैसला उनके लिए इसलिए बड़ा है क्योंकि दोनों ही मामलों में सलमान पर सजा की तलवार लटक रही थी.
1998 में सलमान खान जोधपुर में फिल्म हम साथ-साथ की शूटिंग कर रहे थे इसी दौरान सलमान खान पर 3 अलग-अलग जगहों पर चिंकारा और काले हिरण के शिकार का आरोप लगा था.शिकार के इन मामलों में सलमान की गिरफ्तारी हुई तो उनके पास से जो पिस्टल औऱ राइफल बरामद हुई उसका लाइसेंस खत्म हो चुका था. इसे लेकर सलमान के खिलाफ चौथा मामला आर्म्स एक्ट के तहत दर्ज किया गया.दरअसल हरीश दुलानी जोधपुर में उस वक्त अरुण यादव नाम के शख्स की उस जिप्सी का ड्राइवर था जिसका इस्तेमाल उन दिनों फिल्म हम साथ-साथ हैं की यूनिट के लोगों को लाने और ले जाने में किया जाता थाकोर्ट ने अपने फैसले में कहा है कि ड्राइवर हरीश दुलानी के बयान 164 के तहत तो लिए गये लेकिन सलमान के वकीलों को हरीश दुलानी से क्रॉस एक्सामिनेशन का मौका नहीं दिया गया. कोर्ट ने इसे एवीडेंस एक्ट 33 के खिलाफ माना.हरीश दुलानी का सामने आना सलमान के लिए दोहरा झटका है क्योंकि राजस्थान सरकार ने सलमान खान को बरी किए जाने के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करने की बात कही है.अब ये चर्चा तेज हो गई है कि राज्य सरकार के सुप्रीम कोर्ट में जाने की बात होने पर मुख्य गवाह हरीश दुलानी से सुप्रीमो कोर्ट के आदेश के बाद जिरह की जा सकती है. अगर ऐसा होता है तो सलमान के केस में पेंच फंस सकता है.हालांकि जोधपुर हाईकोर्ट के वरिष्ठ वकील माधव मित्र का कहना है कि ऐसा जरूरी नहीं कि सुप्रीम कोर्ट इस मामले में किसी भी गवाह से जिरह की इजाजत दे.

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