दलितों की पिटाई के बाद RAMDAS ATHAWALE बोले- गौरक्षा से जरूरी है मानव रक्षा, MAYABATI पर साधा निशाना
गौरक्षा के नाम पर दलितों और महिलाओं के साथ हुई बदसलूकी की घटनाओं से घिरी केंद्र सरकार पर उनके अपने मंत्री रामदास अठावले ने भी गुस्सा दिखाया है. उन्होंने कहा कि गौरक्षा के साथ ही मानवों की रक्षा जरूरी है. उन्होंने कहा कि गौरक्षा के नाम पर मानवों की हत्या करना मुझे ठीक नहीं लगता.
महाराष्ट्र से आने वाले दलित नेता अठावले ने कहा कि सरकार दलितों की रक्षा की गारंटी दे. हालांकि उन्होंने कहा कि हिंदू धर्म को मानने वाले गाय को मां मानते हैं. अगर गाय को मारा जाएगा तो मैं उसके खिलाफ खड़ा होऊंगा. इसके बावजूद गौरक्षा के साथ ही मानव रक्षा सुनिश्चित करना होगा.मंत्री रामदास अठावले ने मायावती पर निशाना साधा है. अठावले ने जोरदार हमला करते हुए बोला है कि मायावती बाबा साहेब आंबेडकर के नाम पर राजनीति तो करती हैं लेकिन, उनके आदर्शों को नहीं मानती.इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा है कि आंबेडकर के नाम पर राजनीति करने वाली मायावती ने अभी तक बौद्ध धर्म क्यों नहीं अपनाया. उन्होंने कहा कि मायावती हिंदू हैं. यही नहीं उन्होंने साफतौर पर कहा कि दलितों के हितों से उन्हें कोई सरोकार नहीं है. उन्होंने यहां तक कह दिया कि दलितों को बौद्ध धर्म अपना लेना चाहिए.
गौरक्षा के नाम पर दलितों और महिलाओं के साथ हुई बदसलूकी की घटनाओं से घिरी केंद्र सरकार पर उनके अपने मंत्री रामदास अठावले ने भी गुस्सा दिखाया है. उन्होंने कहा कि गौरक्षा के साथ ही मानवों की रक्षा जरूरी है. उन्होंने कहा कि गौरक्षा के नाम पर मानवों की हत्या करना मुझे ठीक नहीं लगता.
महाराष्ट्र से आने वाले दलित नेता अठावले ने कहा कि सरकार दलितों की रक्षा की गारंटी दे. हालांकि उन्होंने कहा कि हिंदू धर्म को मानने वाले गाय को मां मानते हैं. अगर गाय को मारा जाएगा तो मैं उसके खिलाफ खड़ा होऊंगा. इसके बावजूद गौरक्षा के साथ ही मानव रक्षा सुनिश्चित करना होगा.मंत्री रामदास अठावले ने मायावती पर निशाना साधा है. अठावले ने जोरदार हमला करते हुए बोला है कि मायावती बाबा साहेब आंबेडकर के नाम पर राजनीति तो करती हैं लेकिन, उनके आदर्शों को नहीं मानती.इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा है कि आंबेडकर के नाम पर राजनीति करने वाली मायावती ने अभी तक बौद्ध धर्म क्यों नहीं अपनाया. उन्होंने कहा कि मायावती हिंदू हैं. यही नहीं उन्होंने साफतौर पर कहा कि दलितों के हितों से उन्हें कोई सरोकार नहीं है. उन्होंने यहां तक कह दिया कि दलितों को बौद्ध धर्म अपना लेना चाहिए.

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