PRESIDENT PRANAV MUKHARJI ने किया HARIYANA के पांच गांवों को SMART बनाने की योजना का शुभारंभ
राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने शनिवार को हरियाणा के पांच गांवों को आदर्श बनाने के लिए स्मार्ट मॉडल गांव परियोजना का शुभारंभ किया। राष्ट्रपति भवन में आयोजित कार्यक्रम में राष्ट्रपति संबंधित गांवों के सरपंच व पंचायत प्रतिनिधियों से भी रूबरू हुए और वीडियो कांफ्रेंस के जरिए सभी गांवों में इस कार्यक्रम का सीधा प्रसारण हुआ। राष्ट्रपति मुखर्जी ने स्मार्ट मॉडल गांव कार्यक्रम को ग्रामीण विकास के लिए एक छोटी सी शुरूआत बताते हुए कहा कि एक छोटा सा दीप हजारों दीपों को प्रज्ज्वलित कर देता है। हरियाणा में गुडग़ांव जिले के गांव अलीपुर, दोहला, हरचंदपुर, ताजनगर तथा नूंह (मेवात) के रोजकामेव को स्मार्ट मॉडल गांव योजना के तहत विकसित किया जाएगा। राष्ट्रपति ने बताया कि उनके करीब चार वर्ष के कार्यकाल में यहां प्रधानमंत्री, केंद्रीय मंत्रियों, राज्यों के मुख्यमंत्रियों-राज्यपालों, विदेशी राष्ट्राध्यक्षों सहित देश के विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपतियों से अनेक सम्मेलन हुए लेकिन पंच-सरपंचों का यह पहला कार्यक्रम है। ग्रामीण विकास के धरातल पर निर्णय लेने का अधिकार राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री या मुख्यमंत्री के पास नहीं बल्कि पंच-सरपंच या पंचायती राज विभाग के अधिकारियों के पास होता है।
राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने शनिवार को हरियाणा के पांच गांवों को आदर्श बनाने के लिए स्मार्ट मॉडल गांव परियोजना का शुभारंभ किया। राष्ट्रपति भवन में आयोजित कार्यक्रम में राष्ट्रपति संबंधित गांवों के सरपंच व पंचायत प्रतिनिधियों से भी रूबरू हुए और वीडियो कांफ्रेंस के जरिए सभी गांवों में इस कार्यक्रम का सीधा प्रसारण हुआ। राष्ट्रपति मुखर्जी ने स्मार्ट मॉडल गांव कार्यक्रम को ग्रामीण विकास के लिए एक छोटी सी शुरूआत बताते हुए कहा कि एक छोटा सा दीप हजारों दीपों को प्रज्ज्वलित कर देता है। हरियाणा में गुडग़ांव जिले के गांव अलीपुर, दोहला, हरचंदपुर, ताजनगर तथा नूंह (मेवात) के रोजकामेव को स्मार्ट मॉडल गांव योजना के तहत विकसित किया जाएगा। राष्ट्रपति ने बताया कि उनके करीब चार वर्ष के कार्यकाल में यहां प्रधानमंत्री, केंद्रीय मंत्रियों, राज्यों के मुख्यमंत्रियों-राज्यपालों, विदेशी राष्ट्राध्यक्षों सहित देश के विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपतियों से अनेक सम्मेलन हुए लेकिन पंच-सरपंचों का यह पहला कार्यक्रम है। ग्रामीण विकास के धरातल पर निर्णय लेने का अधिकार राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री या मुख्यमंत्री के पास नहीं बल्कि पंच-सरपंच या पंचायती राज विभाग के अधिकारियों के पास होता है।

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