Thursday, 21 July 2016

MAHAKAL MANDIR दर्शन व्यवस्था में परिवर्तन

MAHAKAL MANDIR  दर्शन व्यवस्था में परिवर्तन

महाकालेश्वर मंदिर में श्रावण मास के दौरान दर्शन व्यवस्था में एक बार फिर परिवर्तन किया गया है। दिव्यांग एवं अतिवृद्ध व्यक्तियों के लिए अब शीघ्र दर्शन मार्ग के स्थान पर भस्मारती द्वार से प्रवेश रहेगा। इसी प्रकार नियमित दर्शनार्थी प्रात: 7 से 9 बजे तक भस्मारती द्वार से प्रवेश कर सकेंगे। इसके बाद आने वाले नियमित दर्शनार्थियों को सामान्य दर्शनार्थियों की भांति पंक्तिबद्ध होकर दर्शनार्थ आना पड़ेगा।मंदिर प्रबंध समिति के सहायक प्रशासक द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार मंदिर में दर्शन व्यवस्था को लेकर व्यापक परिवर्तन किया गया है। उन्होंने बताया कि श्रावण मास में बाबा महाकाल के दर्शन हेतु सामान्य दर्शनार्थी शहनाई गेट के पूर्व बने झिगझेग में प्रवेश करेंगे। यहां से उन्हें फूल मालाओं की दुकान के बीच से कॉरीडोर के ऊपर वाली छत पर ले जाया जाएगा। कॉरीडोर की छत से सीढिय़ों द्वारा नीचे उतरकर जूता स्टेण्ड में जूते रखने की सुविधा दी जाएगी। जूते रखने के बाद श्रद्धालु फेसेलिटेशन सेंटर के पश्चिमी द्वार से प्रवेश करके कॉरीडोर में बने झिगझेग से होते हुए दाहिनी ओर लगे बेरीकेट्स में प्रवेश करेंगे। यहां से वे संगमरमर के गलियारे में पहुंचेंगे। संगमरमर के गलियारे से रेम्प से उतरकर कोटितीर्थ के समीप बने सभामण्डप से गुजरकर चांदी द्वार के समीप आएंगे और गर्भगृह में प्रवेश करेंगे। दर्शन के बाद उन्हें नंदी हॉल में लाया जाएगा। यहां से निर्गम द्वार की ओर रेम्प पर चढक़र ओंकारेश्वर मंदिर तरफ बाहर आएंगे। शनिवार-रविवार-सोमवार को जब मंदिर गर्भगृह में प्रवेश बंद रहेगा तब श्रद्धालु नंदीहॉल बेरीकेट्स से दर्शन कर बाहर निकलेंगे और निर्माल्य द्वार के पास जूता स्टेण्ड से अपनी चरण पादुकाएं प्राप्त करेंगे।रुपए 250 की शीघ्र दर्शन टिकट खरीदकर दर्शन करने वालों के लिए अलग से व्यवस्था की गई है। दर्शनार्थी निर्माल्य द्वार के पास जूता स्टेण्ड में अपनी चरण पादुकाएं रखेंगे और शंख द्वार (पूर्व दिशा में बना द्वार) से अपना टिकट दिखाने के बाद बांयी ओर सीढ़ी से होकर कॉरीडोर में आएंगे। कॉरीडोर के बांयी ओर बने बेरीकेट्स से पैदल चलते हुए संगमरमर का गलियारा, कोटितीर्थ के समीप बना सभामण्डप से होकर चांदी द्वार से गर्भगृह में प्रवेश करेंगे। दर्शन उपरांत नंदी हॉल से निर्गम रेम्प होते हुए परिसर में आएंगे और मुख्य निर्गम द्वार से बाहर हो जाएंगे। गर्भगृह में जब प्रवेश बंद होता तब नंदीहॉल से दर्शन कर निर्गम गेट से होकर बाहर आएंगे। शीघ्र दर्शन टिकट के लिए पहला काउंटर नगर निगम के पूर्व झोन पर लगा है वहीं दूसरा काउंटर निर्माल्य द्वार के समीप। ज्ञात रहे विशिष्टजनों के आगमन पर दर्शन व्यवस्था, शीघ्र दर्शन करने वाले दर्शनार्थियों के समान रहेगी।

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