एक साल में नहीं मिली किसानों को सूखा राहत,CM SHIVRAJ SINGH CHOUHAN ने दिखाई नाराजगी
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रदेश के किसानों को अभी तक सूखा राहत
राशि का वितरण नहीं हो पाने पर खासी नाराजगी जाहिर की है। इसके लिए मुख्य
सचिव अंटोनी डिसा और प्रमुख सचिव राजस्व केके सिंह से भी आपत्ति कर रिपोर्ट
मांगी गई है। सीएम की नाराजगी के बाद प्रमुख सचिव ने सभी कलेक्टरों से कहा
है कि वे अपने जिले में किसानों को सूखा राहत मद की पूरी राशि के वितरण की
रिपोर्ट 48 घंटे में दें। साथ ही उन
अफसरों के नाम भी बताएं जिनकी लापरवाही के चलते राहत राशि का वितरण अभी तक
नहीं हो सका है। पिछले साल अल्पवर्षा के चलते बने सूखे के हालातों से
परेशान किसानों के लिए राज्य सरकार ने 4600 करोड़ रुपए से अधिक की राहत राशि
का वितरण किया है। सूखे की चपेट में आए प्रदेश के 40 जिलों में किसानों को
सर्वे के बाद राहत राशि का वितरण किया गया। केन्द्र सरकार ने भी इसके लिए
2020 करोड़ रुपए दिए थे। सीएम ने इस राशि का वितरण समय पर करने का निर्देश
राजस्व अफसरों और कलेक्टरों को दिया था पर अभी भी कई जिलों में 40 करोड़ की
राहत राशि का वितरण पूरी तरह नहीं हो पाया है।प्रमुख सचिव राजस्व केके सिंह
ने सीएम की नाराजगी के बाद बुधवार को सभी कलेक्टरों को चिट्ठी लिखी है।
इसमें कहा गया है कि शासन के संज्ञान में आया है कि कई जिलों में जहां सूखा
राहत राशि सहकारी समितियों के माध्यम से वितरित की जानी थी, वहां राशि
बांटने का काम अभी तक नहीं हो पाया है। सूखा राहत मद की राशि इन सोसायटियों
और सहकारी बैंकों में जमा है। इसलिए सभी कलेक्टर अपने जिलों में सहकारी
समितियों के खातों में जमा राशि किसानों को हस्तांतरित कराएं और इसकी
रिपोर्ट 48 घंटे में शासन को दें।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रदेश के किसानों को अभी तक सूखा राहत
राशि का वितरण नहीं हो पाने पर खासी नाराजगी जाहिर की है। इसके लिए मुख्य
सचिव अंटोनी डिसा और प्रमुख सचिव राजस्व केके सिंह से भी आपत्ति कर रिपोर्ट
मांगी गई है। सीएम की नाराजगी के बाद प्रमुख सचिव ने सभी कलेक्टरों से कहा
है कि वे अपने जिले में किसानों को सूखा राहत मद की पूरी राशि के वितरण की
रिपोर्ट 48 घंटे में दें। साथ ही उन
अफसरों के नाम भी बताएं जिनकी लापरवाही के चलते राहत राशि का वितरण अभी तक
नहीं हो सका है। पिछले साल अल्पवर्षा के चलते बने सूखे के हालातों से
परेशान किसानों के लिए राज्य सरकार ने 4600 करोड़ रुपए से अधिक की राहत राशि
का वितरण किया है। सूखे की चपेट में आए प्रदेश के 40 जिलों में किसानों को
सर्वे के बाद राहत राशि का वितरण किया गया। केन्द्र सरकार ने भी इसके लिए
2020 करोड़ रुपए दिए थे। सीएम ने इस राशि का वितरण समय पर करने का निर्देश
राजस्व अफसरों और कलेक्टरों को दिया था पर अभी भी कई जिलों में 40 करोड़ की
राहत राशि का वितरण पूरी तरह नहीं हो पाया है।प्रमुख सचिव राजस्व केके सिंह
ने सीएम की नाराजगी के बाद बुधवार को सभी कलेक्टरों को चिट्ठी लिखी है।
इसमें कहा गया है कि शासन के संज्ञान में आया है कि कई जिलों में जहां सूखा
राहत राशि सहकारी समितियों के माध्यम से वितरित की जानी थी, वहां राशि
बांटने का काम अभी तक नहीं हो पाया है। सूखा राहत मद की राशि इन सोसायटियों
और सहकारी बैंकों में जमा है। इसलिए सभी कलेक्टर अपने जिलों में सहकारी
समितियों के खातों में जमा राशि किसानों को हस्तांतरित कराएं और इसकी
रिपोर्ट 48 घंटे में शासन को दें।
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