Sunday, 24 July 2016

कांवड़ यात्रा के सम्बन्ध में कर्मश्री की बैठक संपन्न,कर्म पर चलने वाले को मिलती है सम्रद्धि – रामेश्वर शर्मा

कांवड़ यात्रा के सम्बन्ध में कर्मश्री की बैठक संपन्न,कर्म पर चलने वाले को मिलती है सम्रद्धि – रामेश्वर शर्मा


हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी कर्मश्री संस्था के तत्वाधान में 30 जुलाई से 1 अगस्त तक कांवड़ यात्रा का आयोजन किया गया है ! 30 जुलाई को होशंगाबाद के सेठानी घाट से पुण्य सलिला माँ नर्मदा का जल अपने अपने  कांवड़ में भरकर  7000 कांवड़ यात्री भोपाल स्थित प्राचीन गुफा मंदिर के लिए प्रस्थान करेंगे !आयोजन के सम्बन्ध में कर्मश्री संस्था की आवश्यक बैठक आज पोलेटेक्निक चौराहा स्थित मानस भवन में आयोजित की गयी ! बैठक की अध्यक्षता हुजूर विधानसभा से विधायक एवं कर्मश्री संस्था के संस्थापक श्री रामेश्वर शर्मा ने की बैठक को संबोधित करते हुए श्री शर्मा ने बताया की कर्मश्री संस्था के तत्वाधान में कांवड़ यात्रा का यह 9 वां वर्ष है ! पवित्र श्रावण मास में कांवड़ यात्रा के माध्यम से हम  देवो के देव महादेव का पूजन करते है ! श्री शर्मा ने कहा की इस अद्वितीय अलोकिक आयोजन से किसी न किसी माध्यम से जुड़कर हजारो लोग भगवान भोलेनाथ की भक्ति में डूब जाते है ! कांवड़यात्रा प्रकृति की-सृष्टि की अराधना का उत्सव है। इसमें हमारी भागीदार से हम प्रकृति के प्रति अपना दायित्व निभाते हैं। इसी प्रकार धर्म ही हमारा जीवन है, धर्म के बिना हमारा जीवन कुछ भी नहीं है। कहा गया है कि ‘‘धर्मो रक्षति रक्षितः’’ अर्थात जो धर्म के रक्षणार्थ कार्य करता है, धर्म उसकी रक्षा करता है। कांवड़यात्रा के माध्यम से हम पवित्र श्रावणमास में भगवान षिव के आषुतोष स्वरूप का पूजन करते हैं। शिव सृष्टि के देवता है और कांवड़ यात्रा सृष्टि की अराधना का पर्व है। कांवड़ यात्रा में शामिल कांवड़िए पवित्र नदियों का जल कांवड़ में भरकर भगवान शिव का अभिषेक करने के लिए निकलते हैं तो वे भोलेनाथ  के साथ पूरी प्रकृति की अराधना कर रहे होते हैं। अतः हर व्यक्ति को कांवड़यात्रा में प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से, यथासंभव बढ़-चढ़कर भाग लेना चाहिए।उन्होंने बताया कि तप ओर त्याग से प्रभावित लोगो ने आचार्य श्री विद्यासागर जी के राजधानी भोपाल आगमन पर एतिहासिक स्वागत किया । उन्होंने कहा कि समाज के लिए किये गए परमार्थो को युगों युगों तक याद किया  जाता है । उन्होंने कहा कि इतिहास गवाह है जिसने अपनी जन्म भूमि को अपनी कर्मभूमि माना वह इस संसार में पूजा गया है । समाज के प्रति आपका समर्पण ही समाज को नयी दिशा दे सकता है । श्री शर्मा ने क़त्ल खाने के विरोध में  मिले आपार समर्थन के लिए बैठक में उपस्थित गणमान्य नागरिक, समाज के प्रतिनिधियों एवं उपस्थित कार्यकर्ता बंधुओ का आभार प्रकट करते हुए कहा की समाज में व्याप्त कुरीतियों से निपटने के लिए सबको सामने आना चाहिए । इससे समाज को नयी दिशा मिलेगी !श्री शर्मा ने बताया कि कांवड़िए यात्रा शुरू होने के एक दिन पहले ही 29 जुलाई शाम को होषंगाबाद पहुंच जाएंगे। होषंगाबाद सेठानी घाट स्थित जगदीष मंदिर सहित अन्य स्थानों पर कांवड़ियों के रूकने की व्यवस्था की गई है। इसके अगले दिन 30 जुलाई को सुबह 7 बजे सेठानी घाट से कांवड़यात्रा की विधिवत शुरूआत होगी। इसी दिन मुख्य मार्ग से होती हुई यात्रा पूर्वान्ह 11 बजे बुदनी पहुंचेगी,जहां दोपहर भोजन होगा। दोपहर भोजन उपरांत यात्रा पुनः आरंभ होगी और सांयकाल बरखेड़ा पहुंचेगी। बरखेड़ा एवं उमरिया गुरूद्वारे में कांवडियों के रात्री विश्राम एवं रात्री भोजन की व्यवस्था की गई है। अगले दिन 31 जुलाई को सुबह 7 बजे यात्रा पुनः शुरू होगी और पूर्वान्ह 11 बजे तक औबेदुल्लागंज पहुंचेगी। इस दिन दोपहर भोजन औबेदुल्लागंज में होगा। दोपहर भोजन उपरांत यात्रा पुनः आरंभ होगी और इसी दिन सांयकाल 5 बजे मंडीदीप पहुंचेगी।  इस दिन के रात्री भोजन एवं रात्री विश्राम की व्यवस्था मंडीदीप में की गई है।


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