विधानसभा सत्र: मिट्टीयुक्त गेहूं को लेकर सदन में हंगामा, कार्रवाई गुरुवार तक के लिए स्थगित

प्रदेश की राजधानी भोपाल में बाढ़ पीडि़तों को वितरित किए जाने वाले गेहूं
में मिट्टी मिले होने पर बुधवार को विधानसभा में सदन के अंदर और बाहर जमकर
हंगामा हुआ। यहां तक कि मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने आज इस मुद्दे को
लेकर विधानसभा में बहिर्गमन तक कर दिया। वहीं पूर्व मुख्यमंत्री एवं
सत्तारूढ दल के वरिष्ठ विधायक बाबूलाल गौर भी अपनी सरकार को इस मसले पर
घेरने से पीछे नहीं रहे। हंगामे के बीच ही उन्होंने विधानसभ
ा
की कार्रवाई गुरुवार तक के लिए स्थगित कर दी गई।बाढ़ प्रभावित को लोगों को
मिट्टीयुक्त गेहूं वितरित किए जाने का मामला सदन के अंदर और बाहर दोनों
जगह छाया रहा। अंदर जहां कांग्रेस के विधायक इस मुद्दे पर सरकार को घेर रहे
थे, तभी बाहर पार्षद एवं कांग्रेस के अन्य नेताओं द्वारा सरकार को घेरा
गया। खराब गेहूं लेकर विधानसभा पहुंचे कांग्रेस विधायकों ने सरकार पर गेहूं
खरीदी में भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। शून्यकाल में यह मामला सबसे पहले
कांग्रेस के जयवर्धन सिंह ने उठाया। वहीं अन्य सदस्यों ने भी जयवर्धन सिंह
के साथ मिलकर इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया। श्री सिंह ने खराब गेहूं को
सदन में दिखाते हुए कहा कि पचास किलो गेंहूं में 25 किलो मिट्टी मिली हुई
है। प्रदेश में गरीबों में इस तरह का गेहूं बांटा जा रहा है।इसके बाद
कांग्रेस विधायक जीतू पटवारी, निशंक जैन, तरूण भानौत सहित तमाम अन्य विधायक
भी अपनी-अपनी सीट से उठकर इस मामले में सरकार पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाने
लगे। इस बीच अध्यक्ष ने आरिफ अकील से अपनी बात रखने को कहा। हंगामें के
बीच ही कांग्रेस विधायक आरिफ अकील द्वारा पीडि़तों को खराब गेहूं देने के
मामले में आसंदी से व्यवस्था दिए जाने की मांग की गई।श्री अकील का कहना था
कि गेहूं खरीदी में भ्रष्टाचार हो रहा है। सरकार दोषियों पर तत्काल
कार्यवाही से बच रही है। इस बीच कांग्रेस के भानौत और हर्ष यादव समेत कुछ
विधायक नारेबाजी करते हुए गृभ गृह में आ गए। उन्होंने यह भी कहा कि
पीडि़तों को दोबारा गेंहू जाया जाए, जिस पर संसदीय मंत्री डॉ. नरोत्तम
मिश्रा ने उन्हें ऐसा किए जाने का आश्वासन दिया।सदन में मंत्री श्री मिश्रा
द्वारा दोबारा पीडि़तों को गेहूं दिए जाने की बात का जिक्र किए जाने के
बाद कांग्रेस विधायक रामनिवास रावत ने कहा कि किसानों से जिस सोसायटी ने
गेंहू खरीदा, उसने उसमें मिट्टी मिलाई है जो सरासर पीडि़तों के साथ धोका
है। उन्होंने मांग की है कि सरकार मामले की जांच कराने के बाद मौजूदा सत्र
में सदन की कार्यवाही के अंतिम दिन इस संबंध में अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत
करे। रामनिवास रावत के जोर देकर पूछे गए सवाल, क्या सदन की समाप्ति से पहले
रिपोर्ट आ जाएगी?मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि सदन के समाप्त होने के
पहले वे आखिरी दिन सदन में इस मामले की रिपोर्ट रख देंगे। उन्होंने कहा कि
मामला गंभीर है और सरकार जांच करा कर दोषियों के खिलाफ कार्यवाही करेगी। इस
बीच बीजेपी विधायक बाबूलाल गौर ने भी इस मुद्दे पर अपनी सरकार को कटघरे
में खड़ा करने का प्रयास किया।
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