Wednesday, 20 July 2016

बटुकेश्वर दत्त युवायों के प्रेरणास्तोत्र : रुद्राक्ष तिवारी

बटुकेश्वर दत्त युवायों के प्रेरणास्तोत्र : रुद्राक्ष तिवारी
 
हम सभी के आदर्श आदरणीय परम् श्रद्धेय जनप्रिय श्री  बटुकेश्वर दत्त का हम सभी के आज़ाद जीवन की अहम भूमिका है। जहाँ हम चंद्रशेखर आज़ाद महात्मा ग़ांधी इत्यादि जेसी महान हस्तियों के नाम ;काम जानते है उनमे ही एक नाम श्री  बटुकेश्वर दत्त जी का भी है ।श्री बटुकेश्वर दत्त जी का जन्म 18 नवम्वर 1910 को बंगाली कायस्थ परिवार में ग्राम - औरी जिला नानी बैदवान बंगाल में हुआ था पी पी एन कॉलेज कानपुर से स्नातक  पूर्ण किया । यहां कानपुर मर ही इनकी मुलाकात भगत सिंह से हुयी । भगत सिंह के साथ हिन्दुस्थान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन के लिए कानपुर में कार्य करना आरम्भ हुआ । इसी क्रम मेंबम बनना भी सीखा । श्री भगत सिंह जी के साथ केंद्रीय विधानसभा जो वर्तमान में संसद है दिल्ली की वहां पर बम् विस्फोट कर अंग्रेजी राज्य की तानासाही का विरोध किया ।इसके बाद बटुकेश्वर दत्त और भगत सिंह  को गिरफ्तार कर आजीवन कारावास के रूप में सज़ा दी गयी ।इन्होंने साइमन कमीशन का विरोध किया था।इनके ऊपर लाहौर षडयंत्र का मुकदमा भी चलाया गया  12जून 1929 से 1945 तक काला पानी की सजा भोगी इस बीच जेल ही में इन्होंने  1933 से 1937 तक ऐतिहासिक भूख हड़ताल की मगर इस बीच हमारे राजगुरु; सुखदेव; भगत सिंह  को लाहौर केस षडयंत्र के लिए फाँसी दी गयी। 1947 में अंजलि दत्त से शादी कर पटना रहने लगे बटुकेश्वर दत्त सन् 1963 में विधान परिषद् के विहार में सदस्य रहे ।बटुकेश्वर दत्त के विधान परिषद में सहयोगी रहे इन्द्र कुमार कहते हैं कि 'स्व. दत्त राजनैतिक महत्वाकांक्षा से दूर शांतचित एवं देश की खुशहाली के लिए हमेशा चिन्तित रहने वाले क्रांतिकारी थे।' मातृभूमि के लिए इस तरह का जज्बा रखने वाले नौजवानों का इतिहास भारतवर्ष के अलावा किसी अन्य देश के इतिहास में उपलब्ध नहीं है। आज हमें जरूरत है देश के हर व्यक्ति अपने बच्चों के शिक्षा प्रणाली में ये आदर्शपूर्ण एवम् ज्ञान की बाते पर प्रकाश डाले । देश का विकास की सुरुआत कोई नेता करेगा तो वो बाहर से होगी समाज सेवक या अन्य जन हित का कार्य करने वाले भी लोग करेंगे तो बाहर से होगी मगर अपने अंदर से जब अच्छाई की सुरुआत जिस दिन होगी उस दिन ही इस देश की दिशा निर्दिसा को हम बदल सकेंगे तो ।
हमें खुद में बदलाव लाना होगा।

!! जय हिन्द  जय भारत !!

  

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