YOGA DAY पर CHANDIGARH में PM ने रचा नया इतिहास
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार की सुबह चण्डीगढ़ के कैपिटल कॉम्प्लेक्स में एक नया इतिहास लिखते हुए 30 हजार लोगों के साथ योग किया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री योग की न केवल योग की 15 क्रियाओं का अभ्यास किया, बल्कि योग को लेकर उठ रहे विवादों पर भी जमकर अपने विचार रखें। उन्होंने कहा कि योग को किसी भी धर्म से नहीं जोड़ा जाना चाहिए। योग आस्तिक के लिए भी है और योग नास्तिक के लिए भी। दुनिया में कहीं पर भी जीरो बजट पर हेल्थ अश्योरेंस नहीं होता। योग जीरो बजट से हेल्थ की गारंटी देने वाला साइंस है। प्रधानमंत्री ने योग को आधुनिक विज्ञान बताते हुए कहा कि अब समय आ गया है कि हम इस विज्ञान की मदद से वर्तमान समय में विकराल रूप ले रही मधुमेह जैसी भयानक बिमारी का खात्मा करें। उन्होंने कहा कि हमें अगले एक साल तक ऐसा लक्ष्य तय करना चाहिए, जिससे योग के माध्यम से हम इस भयानक बिमारी का खात्मा कर सकें। फिर हर वर्ष हम एक बिमारी को खत्म करने का लक्ष्य निर्धारित कर सकते हैं। आज पूर विश्व योग दिवस मना रहा है। देश के हर कोने में योग का कार्यक्रम हो रहा है और समाज के हर तबके का समर्थन मिल रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि योग हमारे पूर्वजों की विरासत हैए योग मुक्ति का मार्ग हैए तो साथ ही अनुशासन का अनुष्ठान भी है। योग क्या मिलेगाए इसके लिए नहीं है। योगए मैं क्या छोड़ पाऊंगाए मैं किन.किन चीजों से मुक्त हो पाऊंगाए उसके लिए योग है। ईहलोक से निकलकर परलोक में जाएंगे तो क्या प्राप्त होगाए यह सभी बताते हैं। लेकिन योग परलोक के लिए नहीं है। मृत्यु के बाद क्या मिलेगाए इसका रास्ता योग नहीं दिखाता। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह धार्मिक कर्मकांड नहीं है। ये स्वस्थ रहने की ताकत है। इस जन्म में क्या मिलेगाए यह उसका विज्ञान है। मन अस्थिर और शरीर स्थिर होता है। योग मन को स्थिर आैर शरीर को गतिवान बनाने की मजबूती है। हमारी मूलभूत प्रकृति में बदलाव लाने का काम करता है। मन को स्थिर करने की ट्रेनिंग देता है योग। इंतजार मत कीजिए। योग को जीवन का हिस्सा बना दीजिए। जिस तरह मोबाइल फोन आपके जीवन का हिस्सा बन गया है। उसी तरह योग को जीवन का हिस्सा बनाएं। यह कठिन काम नहीं है। आज योग विश्व में बहुत बड़े कारोबार को रूप में बढ़ रहा है। अरबों.खरबों का कारोबार योग से हो रहा है।
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार की सुबह चण्डीगढ़ के कैपिटल कॉम्प्लेक्स में एक नया इतिहास लिखते हुए 30 हजार लोगों के साथ योग किया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री योग की न केवल योग की 15 क्रियाओं का अभ्यास किया, बल्कि योग को लेकर उठ रहे विवादों पर भी जमकर अपने विचार रखें। उन्होंने कहा कि योग को किसी भी धर्म से नहीं जोड़ा जाना चाहिए। योग आस्तिक के लिए भी है और योग नास्तिक के लिए भी। दुनिया में कहीं पर भी जीरो बजट पर हेल्थ अश्योरेंस नहीं होता। योग जीरो बजट से हेल्थ की गारंटी देने वाला साइंस है। प्रधानमंत्री ने योग को आधुनिक विज्ञान बताते हुए कहा कि अब समय आ गया है कि हम इस विज्ञान की मदद से वर्तमान समय में विकराल रूप ले रही मधुमेह जैसी भयानक बिमारी का खात्मा करें। उन्होंने कहा कि हमें अगले एक साल तक ऐसा लक्ष्य तय करना चाहिए, जिससे योग के माध्यम से हम इस भयानक बिमारी का खात्मा कर सकें। फिर हर वर्ष हम एक बिमारी को खत्म करने का लक्ष्य निर्धारित कर सकते हैं। आज पूर विश्व योग दिवस मना रहा है। देश के हर कोने में योग का कार्यक्रम हो रहा है और समाज के हर तबके का समर्थन मिल रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि योग हमारे पूर्वजों की विरासत हैए योग मुक्ति का मार्ग हैए तो साथ ही अनुशासन का अनुष्ठान भी है। योग क्या मिलेगाए इसके लिए नहीं है। योगए मैं क्या छोड़ पाऊंगाए मैं किन.किन चीजों से मुक्त हो पाऊंगाए उसके लिए योग है। ईहलोक से निकलकर परलोक में जाएंगे तो क्या प्राप्त होगाए यह सभी बताते हैं। लेकिन योग परलोक के लिए नहीं है। मृत्यु के बाद क्या मिलेगाए इसका रास्ता योग नहीं दिखाता। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह धार्मिक कर्मकांड नहीं है। ये स्वस्थ रहने की ताकत है। इस जन्म में क्या मिलेगाए यह उसका विज्ञान है। मन अस्थिर और शरीर स्थिर होता है। योग मन को स्थिर आैर शरीर को गतिवान बनाने की मजबूती है। हमारी मूलभूत प्रकृति में बदलाव लाने का काम करता है। मन को स्थिर करने की ट्रेनिंग देता है योग। इंतजार मत कीजिए। योग को जीवन का हिस्सा बना दीजिए। जिस तरह मोबाइल फोन आपके जीवन का हिस्सा बन गया है। उसी तरह योग को जीवन का हिस्सा बनाएं। यह कठिन काम नहीं है। आज योग विश्व में बहुत बड़े कारोबार को रूप में बढ़ रहा है। अरबों.खरबों का कारोबार योग से हो रहा है।

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