MODI GOVERNMENT के अच्छे दिन की शुरुआत,कल आ सकती खुशखबरी!
सबकी निगाहें कल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्य़क्षता में मंत्रिमंडल की बैठक पर टिकी होंगी जिसमें सरकार वेतन आयोग की सिफारिशें लागू करने पर फैसला कर सकती है.अगर ऐसा हुआ तो सीधा असर एक करोड़ केंद्र सरकार के कर्मचारियों और रिटायर हो चुके लोगों के पेंशन पर पड़ेगा. जस्टिस माथुर की अध्यक्षता में गठित सातवें वेतन आयोग ने पिछले साल नवंबर में वित्त मंत्री अरुण जेटली को रिपोर्ट सौंपी थी.वेतन-भत्तों और पेंशन में कुल मिलाकर 23.55 फीसदी की बढ़ोतरी की जाए.इस आधार पर केंद्र सरकार में शुरुआती मूल वेतन 7 हजार रुपये के बजाय 18 हजार रुपये हो.इसी तरह सबसे ज्यादा सैलरी पाने वाले यानी कैबिनेट सचिव की तनख्वाह 90 हजार रुपये की बजाए ढाई लाख रुपये होहालांकि ये चर्चा गरम है कि वास्तविक बढ़ोतरी सिफारिश से 30 फीसदी तक ज्यादा हो सकती है लेकिन वित्त मंत्रालय के अधिकारियों ने इस पर चुप्पी साध रखी है. वैसे एक बात तय है कि बढ़ी हुई दर पर तनख्वाह अगस्त में यानी जुलाई के वेतन के साथ मिलेगी.70 साल में वेतन आयोग ने वेतन में सबसे कम बढ़ोतरी की सिफारिश की है. वेतन आयोग ने इस बार 14.27 फीसदी मूल वेतन में बढ़ोतरी की सिफारिश की है जबकि छठे वेतन आयोग में 20 फीसदी मूल वेतन की सिफारिश की गई थी. 2008 में इसे लागू करते समय तत्कालीन यूपीए सरकार ने दोगुनी बढ़ोतरी कर दी थी.फिलहाल वेतन आयोग की सिफारिशों की हो मान लिया जाए तो अभी केंद्र सरकार में शुरुआती मूल वेतन 7000 रुपये है. इसमे 125 फीसदी महंगाई भत्ता यानी डीए जोड़ दें तो तो ये रकम हो जाती है 15750 रुपये. आयोग की सिफारिशों के बाद ये सैलरी हो जाएगी 18000 रुपये यानी करीब सवा चौदह फीसदी की बढ़ोतरी.इसी तरह केंद्र सरकार के सबसे बड़े अधिकारी यानी कैबिनेट सचिव की तनख्वाह है 90 हजार रुपये. 125 फीसदी महंगाई भत्ता जोड़कर होती है 2 लाख 2 हजार 500 रुपये. आयोग की सिफारिशों के बाद सैलरी हो जाएगी ढाई लाख रुपये यानी 23.4 फीसदी की बढ़ोतरी.कुल मिलाकर कर्मचारियों से अधिकारियों का वेतन 18 हजार से लेकर ढाई लाख तक हो जाएगा जबकि मांग साढ़े 23 हजार से सवा तीन लाख के बीच वेतन की हैरिटायर हो चुके लोगों के पेंशन में भी करीब बीस फीसदी का इजाफा होगा. यानी अगर पेंशन 10 हजार रुपये है और 125 फीसदी डीए के बाद पेंशन साढ़े बारह हजार रुपये बनती है तो 20 फीसदी बढ़कर अगस्त से पेंशन 15 हजार रुपये हो जाएगी.वैसे सरकार में अभी भी एक मुद्दे पर सहमति नहीं बन पायी है और वो आईएएस बनाम गैर आईएएस अधिकारियों के बीच वेतनमान में समानता. वेतन आयोग की सिफारिशों पर अमल की रूपरेखा तैयार करने के लिए कैबिनेट सचिव की अगुवाई में बनी कमेटी से भी इस बारे में स्पष्ट संकेत नहीं मिल रहे है. ऐसे में यदि कैबिनेट कोई फैसला नहीं करती है तो आगे ये मुद्दा तूल पकड़ सकता है.वेतन आय़ोग की सिफारिशों को ही अगर सरकार अमल करे तो उस पर एक लाख करोड़ रुपये से भी ज्यादा का खर्च बढ़ेगा. देश की जीडीपी पर 0.7 फीसदी का बोझ बढ़ जाएगा. रिजर्व बैंक की मानें तो सिस्टम में ज्यादा पैसा आने से महंगाई बढ़ेगी
सबकी निगाहें कल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्य़क्षता में मंत्रिमंडल की बैठक पर टिकी होंगी जिसमें सरकार वेतन आयोग की सिफारिशें लागू करने पर फैसला कर सकती है.अगर ऐसा हुआ तो सीधा असर एक करोड़ केंद्र सरकार के कर्मचारियों और रिटायर हो चुके लोगों के पेंशन पर पड़ेगा. जस्टिस माथुर की अध्यक्षता में गठित सातवें वेतन आयोग ने पिछले साल नवंबर में वित्त मंत्री अरुण जेटली को रिपोर्ट सौंपी थी.वेतन-भत्तों और पेंशन में कुल मिलाकर 23.55 फीसदी की बढ़ोतरी की जाए.इस आधार पर केंद्र सरकार में शुरुआती मूल वेतन 7 हजार रुपये के बजाय 18 हजार रुपये हो.इसी तरह सबसे ज्यादा सैलरी पाने वाले यानी कैबिनेट सचिव की तनख्वाह 90 हजार रुपये की बजाए ढाई लाख रुपये होहालांकि ये चर्चा गरम है कि वास्तविक बढ़ोतरी सिफारिश से 30 फीसदी तक ज्यादा हो सकती है लेकिन वित्त मंत्रालय के अधिकारियों ने इस पर चुप्पी साध रखी है. वैसे एक बात तय है कि बढ़ी हुई दर पर तनख्वाह अगस्त में यानी जुलाई के वेतन के साथ मिलेगी.70 साल में वेतन आयोग ने वेतन में सबसे कम बढ़ोतरी की सिफारिश की है. वेतन आयोग ने इस बार 14.27 फीसदी मूल वेतन में बढ़ोतरी की सिफारिश की है जबकि छठे वेतन आयोग में 20 फीसदी मूल वेतन की सिफारिश की गई थी. 2008 में इसे लागू करते समय तत्कालीन यूपीए सरकार ने दोगुनी बढ़ोतरी कर दी थी.फिलहाल वेतन आयोग की सिफारिशों की हो मान लिया जाए तो अभी केंद्र सरकार में शुरुआती मूल वेतन 7000 रुपये है. इसमे 125 फीसदी महंगाई भत्ता यानी डीए जोड़ दें तो तो ये रकम हो जाती है 15750 रुपये. आयोग की सिफारिशों के बाद ये सैलरी हो जाएगी 18000 रुपये यानी करीब सवा चौदह फीसदी की बढ़ोतरी.इसी तरह केंद्र सरकार के सबसे बड़े अधिकारी यानी कैबिनेट सचिव की तनख्वाह है 90 हजार रुपये. 125 फीसदी महंगाई भत्ता जोड़कर होती है 2 लाख 2 हजार 500 रुपये. आयोग की सिफारिशों के बाद सैलरी हो जाएगी ढाई लाख रुपये यानी 23.4 फीसदी की बढ़ोतरी.कुल मिलाकर कर्मचारियों से अधिकारियों का वेतन 18 हजार से लेकर ढाई लाख तक हो जाएगा जबकि मांग साढ़े 23 हजार से सवा तीन लाख के बीच वेतन की हैरिटायर हो चुके लोगों के पेंशन में भी करीब बीस फीसदी का इजाफा होगा. यानी अगर पेंशन 10 हजार रुपये है और 125 फीसदी डीए के बाद पेंशन साढ़े बारह हजार रुपये बनती है तो 20 फीसदी बढ़कर अगस्त से पेंशन 15 हजार रुपये हो जाएगी.वैसे सरकार में अभी भी एक मुद्दे पर सहमति नहीं बन पायी है और वो आईएएस बनाम गैर आईएएस अधिकारियों के बीच वेतनमान में समानता. वेतन आयोग की सिफारिशों पर अमल की रूपरेखा तैयार करने के लिए कैबिनेट सचिव की अगुवाई में बनी कमेटी से भी इस बारे में स्पष्ट संकेत नहीं मिल रहे है. ऐसे में यदि कैबिनेट कोई फैसला नहीं करती है तो आगे ये मुद्दा तूल पकड़ सकता है.वेतन आय़ोग की सिफारिशों को ही अगर सरकार अमल करे तो उस पर एक लाख करोड़ रुपये से भी ज्यादा का खर्च बढ़ेगा. देश की जीडीपी पर 0.7 फीसदी का बोझ बढ़ जाएगा. रिजर्व बैंक की मानें तो सिस्टम में ज्यादा पैसा आने से महंगाई बढ़ेगी

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