अफसरों पर गिरेगी गाज, GOOD PERFORMANCE पर IN ,खराब काम पर OUT
राज्य में स्वच्छता अभियान में बेहतर काम और मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में शिकायतों का निपटारा अब अफसरों के काम का पैमाना होगा। इन दोनों ही कामों में अच्छा परफारमेंस नहीं देने वाले अफसरों पर गाज गिरेगी। अच्छा रिजल्ट देने वाले अफसरों को अच्छी पोस्टिंग दी जाएगी। वहीं खराब काम करने वाले अफसरों को बदला जाएगा।पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव राधेश्याम जुलानिया ने फरमान जारी किया है कि जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों की सीआर (वार्षिक गोपनीय प्रतिवेदन) अब उनके ‘स्वच्छता परफारमेंस’ के आधार पर लिखी जाऐगी। प्रदेश के अधिकांश जिलों में आईएएस, मुख्य कार्यपालन अधिकारी हैं। इनके आलावा राज्य प्रशासनिक सेवा और ग्रामीण सेवा के संयुक्त संचालक स्तर के सीईओ हैं। इन अफसरों को स्वच्छ भारत मिशन के तहत अब हर घर में शौचालय निर्माण कार्य पूरा कराना होगा। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों की पुअर परफारमेंस को देखते हुए राज्य शासन ने तय किया है कि वर्ष 2016-17 का वार्षिक गोपनीय प्रतिवेदन यानि सीआर उनके स्वच्छता परफारमेंस के आधार पर लिखी जाएगी। इसके लिए शासन ने ‘अंक’ तय किए हैं। अच्छे सीआर के लिए 50 प्रतिशत भार स्वच्छ भारत मिशन और 25 फीसद आवास योजनाओं की प्रगति पर नियत होगा।मुख्यमंत्री हेल्पलाइन की शिकायतों का निपटारा भी विभाग प्रमुख और जिलों के कलेक्टरों और अफसरों की ग्रेडिंग तय करेगा। साठ प्रतिशत से अधिक शिकायतों का निपटारा करने वाले विभाग और जिले को एक्सीलेंट का दर्जा दिया जाएगा। पचास से साठ फीसदी शिकायतों का निपटारा करने पर अच्छा और चालीस से पचास फीसदी शिकायतों का निपटारा करने वालों को एवरेज श्रेणी में रखा जाएगा। चालीस फीसदी से कम शिकायतों का निपटारा करने वाले फिसड्डी माने जाएंगे और उन्हें पुअर श्रेणी में रखा जाएगा। इनमें जो भी फिसड्डी और कमजोर परफारमेंस वाले होंगे उनके खिलाफ कार्यवाही की जाएगी। जिन जिलों और विभागों में स्पेशल क्लोजर का निम्न गुणवत्तापूर्ण निराकरण अधिक होगा उनको उतने ही कम अंक मिलेंगे।
राज्य में स्वच्छता अभियान में बेहतर काम और मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में शिकायतों का निपटारा अब अफसरों के काम का पैमाना होगा। इन दोनों ही कामों में अच्छा परफारमेंस नहीं देने वाले अफसरों पर गाज गिरेगी। अच्छा रिजल्ट देने वाले अफसरों को अच्छी पोस्टिंग दी जाएगी। वहीं खराब काम करने वाले अफसरों को बदला जाएगा।पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव राधेश्याम जुलानिया ने फरमान जारी किया है कि जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों की सीआर (वार्षिक गोपनीय प्रतिवेदन) अब उनके ‘स्वच्छता परफारमेंस’ के आधार पर लिखी जाऐगी। प्रदेश के अधिकांश जिलों में आईएएस, मुख्य कार्यपालन अधिकारी हैं। इनके आलावा राज्य प्रशासनिक सेवा और ग्रामीण सेवा के संयुक्त संचालक स्तर के सीईओ हैं। इन अफसरों को स्वच्छ भारत मिशन के तहत अब हर घर में शौचालय निर्माण कार्य पूरा कराना होगा। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों की पुअर परफारमेंस को देखते हुए राज्य शासन ने तय किया है कि वर्ष 2016-17 का वार्षिक गोपनीय प्रतिवेदन यानि सीआर उनके स्वच्छता परफारमेंस के आधार पर लिखी जाएगी। इसके लिए शासन ने ‘अंक’ तय किए हैं। अच्छे सीआर के लिए 50 प्रतिशत भार स्वच्छ भारत मिशन और 25 फीसद आवास योजनाओं की प्रगति पर नियत होगा।मुख्यमंत्री हेल्पलाइन की शिकायतों का निपटारा भी विभाग प्रमुख और जिलों के कलेक्टरों और अफसरों की ग्रेडिंग तय करेगा। साठ प्रतिशत से अधिक शिकायतों का निपटारा करने वाले विभाग और जिले को एक्सीलेंट का दर्जा दिया जाएगा। पचास से साठ फीसदी शिकायतों का निपटारा करने पर अच्छा और चालीस से पचास फीसदी शिकायतों का निपटारा करने वालों को एवरेज श्रेणी में रखा जाएगा। चालीस फीसदी से कम शिकायतों का निपटारा करने वाले फिसड्डी माने जाएंगे और उन्हें पुअर श्रेणी में रखा जाएगा। इनमें जो भी फिसड्डी और कमजोर परफारमेंस वाले होंगे उनके खिलाफ कार्यवाही की जाएगी। जिन जिलों और विभागों में स्पेशल क्लोजर का निम्न गुणवत्तापूर्ण निराकरण अधिक होगा उनको उतने ही कम अंक मिलेंगे।

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