आईफा में 'बाजीराव मस्तानी' की धूम, जीते सबसे ज्यादा अवार्ड

संजय लीला भंसाली की ऐतिहासिक प्रेम कहानी 'बाजीराव मस्तानी' ने आईफा में भी धूम मचा दी है.फिल्म को यहां इन दिनों चल रहे भारतीय अंतर्राष्ट्रीय फिल्म अकादमी (आईफा) में तकनीकी वर्ग में सबसे ज्यादा पुरस्कार दिए गए हैंआईफा समारोह में शुक्रवार को आयोजित 'आईफा रॉक्स' में 'बाजीराव मस्तानी' को नौ पुरस्कार मिले हैं.चार दिवसीय समारोह की इस संगीतमय शाम को प्रीतम, कनिका कपूर, बेनी दयाल, नीति मोहन, मोनाली ठाकुर, पापोन जैसे दिग्गज कलाकारों ने अपने संगीत के सुरों से सजायाशिल्पा शेट्टी, अमीषा पटेल, मौनी रॉय, सूरज पंचोली, एली अवराम और डेजी शाह ने भी अपनी प्रस्तुति से समारोह में चार चांद लगा दिए.बाजीराव मस्तानी' के लिए सुदीप चटर्जी को सर्वश्रेष्ठ सिनेमाटोग्राफी, सलोनी धात्रक, सियाराम आयंगर और सुजीत सावंत को सर्वश्रेष्ठ प्रोडक्शन डिजाइन और रेमो डिसूजा को 'पिंगा' के लिए सर्वश्रेष्ठ नृत्य निर्देशन का पुरस्कार दिया गयाशाम कौशल को सर्वश्रेष्ठ एक्शन, विश्वदीप चटर्जी और निहार रंजल सामल को सर्वश्रेष्ठ साउंड डिजाइन, तनय गज्जर को 'दीवानी मस्तानी' के लिए सर्वश्रेष्ठ गीत इंजीनियर और प्रसाद सुतारा को सर्वश्रेष्ठ स्पेशल इफेक्ट्स का पुरस्कार दिया गयाफैशन डिजाइनर अंजू मोदी को मैक्सिमा बसु के साथ सर्वश्रेष्ठ कॉस्ट्यूम डिजाइनिंग का पुरस्कार दिया गयामैं किसी को प्रभावित करने की कोशिश नहीं कर रहा था, और न ही मैं पद्म पुरस्कार या राज्यसभा की सदस्यता चाहता हूं. उन्होंने कहा कि वह गांधी-नेहरू परिवार का सम्मान करते हैं लेकिन राष्ट्रीय परिसंपत्तियों का नामकरण बस एक ही परिवार के नाम पर करने के पक्ष में नहीं हैं.उन्होंने कहा, क्या हमारे पास ऐसे प्रख्यात लोग नहीं हैं, जिन्होंने शहर और हमारे महान देश को बनाया. कपूर परिवार हर समय कांगेस का समर्थक रहा है लेकिन मुद्दा यह है कि पार्टी में कुछ चापलूस लोग इस गांधी-नेहरू परिवार को खुश रखने के लिए सभी सरकारी परिसंपत्तियों का नाम उसके नाम पर रखने की कोशिश कर रहे हैं.उन्होंने कहा कि केवल दिल्ली में ही 64 ऐसी परिसंपत्तियां हैं जिनके नाम गांधी नेहरू परिवार के नाम पर हैं. जब ऋषि कपूर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हाल की उनकी सराहना के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, मैं महसूस करता हूं कि मोदीजी जो कुछ कह रहे हैं, सही है.मेरा उनसे बस यह अनुरोध है कि वह अपने वादों को शीघ्र पूरा करें. मैं धर्य से इंतजार कर रहा हूं और मुझे आशा है कि वह निश्चित ही इसे पूरा करेंगे. ट्विटर पर कपूर की टिप्पणी के बाद उनकी कड़ी आलोचना हुई और कुछ लोगों ने उन्हें मोदी भक्त कहा. हालांकि उनका कहना है कि उन्हें इस शब्द से कोई दिक्कत नहीं है.उन्होंने कहा, हां मैं भक्त हूं, लेकिन भगवान का भक्त हूं. मैं नहीं जानता कि इन दिनों इस शब्द का लक्ष्यार्थ क्या है लेकिन हां, यदि ऐसा है तो मैं हूं. अभिनेता ने केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी की उनकी भावुक एवं साहसी भाषण को लेकर प्रशंसा की.जब कपूर से कांग्रेस के शासनकाल के दौरान पद्म पुरस्कार नहीं मिलने के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि दिल्ली में पहुंच वालों को ही पुरस्कार मिलते हैं.उन्होंने कहा, हां, मुझे 44 साल काम करने के बाद यह पता चला. अब तो पुरस्कार प्राप्त करने की उम्र भी खत्म हो गई, लेकिन मुझे अफसोस है कि शम्मी कपूर को भी सम्मानित नहीं किया गया. यह दुखद है.हमारी सरकार में, किसी व्यक्ति को केवल तभी सम्मानित किया जाता है जब दिल्ली तक उसकी पहुंच हो. वे उपयुक्त व्यक्ति को पुरस्कार नहीं देते.
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