24 घंटे खुलेंगे प्रतिष्ठान, दुकानें शॉपिंग मॉल और मल्टीप्लेक्स
केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को चर्चा के बाद शॉप्स एंड
एस्टैब्लिस्मैंट एक्ट को मंजूरी दे दी है।इस प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के
बाद देशभर में दुकानों, मॉल और दूसरे प्रतिष्ठानों को अपनी सुविधा के
मुताबिक खोलने तथा बंद करने की अनुमति दी गई है। इस मॉडल कानून में रात की
पाली में उचित सुरक्षा उपायों के साथ महिलाओं को नियुक्त करने की भी अनुमति
होगी। इसमें कर्मचारियों के लिए पीने के पानी, कैंटीन, बच्चों के लिए
पालना घर, त्वरित चिकित्सा सहायता जैसी
सुविधाओं पर भी जोर दिया गया है।मंत्रिमंडल की बैठक में मॉडल दुकान एवं
प्रतिष्ठान (रोजगार एवं सेवा शर्तों का नियमन) विधेयक 2016 पर चर्चा हुई।
इस आदर्श कानून के लिए संसद की मंजूरी की आवश्यकता नहीं होगी। श्रम
मंत्रालय के प्रस्ताव के मुताबिक यह आदर्श कानून राज्यों द्वारा अपनाया जा
सकता है और उन्हें इसमें अपनी जरूरतों के मुताबिक सुधार करने की छूट होगी।
इस कानून का उद्देश्य अतिरिक्त रोजगार सृजित करना है क्योंकि दुकानों व
प्रतिष्ठानों के पास ज्यादा समय तक खुले रहने की आजादी होगी जिसके लिए अधिक
श्रमबल की जरूरत पड़ेगी. यह आईटी व जैव प्रौद्योगिकी जैसे उच्च दक्ष
कर्मचारियों के लिए दैनिक कामकाजी घंटों (नौ घंटे) तथा साप्ताहिक कामकाजी
घंटों (48 घंटे) में भी छूट देता है.इस कानून को विधायी प्रावधानों में
समानता लाने के लिए डिजाइन किया गया है जिससे सभी राज्यों के लिए इसे
अंगीकार करना आसान होगा और देश भर में समान कामकाजी माहौल सुनिश्चित होगा.
केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को चर्चा के बाद शॉप्स एंड
एस्टैब्लिस्मैंट एक्ट को मंजूरी दे दी है।इस प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के
बाद देशभर में दुकानों, मॉल और दूसरे प्रतिष्ठानों को अपनी सुविधा के
मुताबिक खोलने तथा बंद करने की अनुमति दी गई है। इस मॉडल कानून में रात की
पाली में उचित सुरक्षा उपायों के साथ महिलाओं को नियुक्त करने की भी अनुमति
होगी। इसमें कर्मचारियों के लिए पीने के पानी, कैंटीन, बच्चों के लिए
पालना घर, त्वरित चिकित्सा सहायता जैसी
सुविधाओं पर भी जोर दिया गया है।मंत्रिमंडल की बैठक में मॉडल दुकान एवं
प्रतिष्ठान (रोजगार एवं सेवा शर्तों का नियमन) विधेयक 2016 पर चर्चा हुई।
इस आदर्श कानून के लिए संसद की मंजूरी की आवश्यकता नहीं होगी। श्रम
मंत्रालय के प्रस्ताव के मुताबिक यह आदर्श कानून राज्यों द्वारा अपनाया जा
सकता है और उन्हें इसमें अपनी जरूरतों के मुताबिक सुधार करने की छूट होगी।
इस कानून का उद्देश्य अतिरिक्त रोजगार सृजित करना है क्योंकि दुकानों व
प्रतिष्ठानों के पास ज्यादा समय तक खुले रहने की आजादी होगी जिसके लिए अधिक
श्रमबल की जरूरत पड़ेगी. यह आईटी व जैव प्रौद्योगिकी जैसे उच्च दक्ष
कर्मचारियों के लिए दैनिक कामकाजी घंटों (नौ घंटे) तथा साप्ताहिक कामकाजी
घंटों (48 घंटे) में भी छूट देता है.इस कानून को विधायी प्रावधानों में
समानता लाने के लिए डिजाइन किया गया है जिससे सभी राज्यों के लिए इसे
अंगीकार करना आसान होगा और देश भर में समान कामकाजी माहौल सुनिश्चित होगा.
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