THE IRAN AFTER TWO DAYS JOURNEY PRIME MINISTER MODI COMES IN INDIA
ईरान की दो
दिवसीय सफल यात्रा के बाद PRAMIE MINISTER NARENDRA MODI सोमवार देर रात स्वदेश
पहुंच गए हैं। भारत रवाना होने पहले प्रधानमंत्री ने IRAN GOVERNMENT और वहां
के लोगों के प्रति अपनी कृतज्ञता प्रकट करते हुए ट्वीट किया 'ईरान के लोगों
ने जिस तरह की गर्मजोशी दिखाई है, उसके लिए मैं उनको धन्यवाद देता
हूं’।प्रधानमंत्री मोदी ने ट्वीट कर अपनी ईरान यात्रा को उपयोगी बताते हुए
कहा कि इस यात्रा का परिणाम सकारात्मक रहा, जिसका असर भारत-ईरान दोनों
राष्ट्रों पर होगा। उन्होंने कहा कि इस यात्रा के दौरान उन्होंने IRAN के
शीर्ष नेताओं साथ विचार-विमर्श किया और दोनों देशों के संबंधों को आगे
बढ़ने के लेकर प्रतिबद्ध है। इसमें चाबहार बंदरगाह पर विकास एवं अन्य
कार्यों के लिए समझौता मुख्य है।अपनी ईरान यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री
मोदी और ईरानी राष्ट्रपति हसन रूहानी के बीच चाबहार बंदरगाह परियोजना में
विशेष नियमों के लिए एमओयू, चाबहार के विकास और स्टील रेल आयात करने के लिए
3000 करोड़ रुपए का क्रेडिट देने, चाबहार जाहेदान रेलमार्ग के निर्माण के
लिए सेवाएं देने के लिए समझौते हुए। साथ ही, विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र
में परस्पर सहयोग, दोनों देशों के बीच कूटनीतिज्ञों के प्रशिक्षण और
प्रख्यात वक्ताओं के आदान-प्रदान के लिए सहयोग बढ़ाने संबंधी अन्य कई
समझौतों पर हस्ताक्षर किए।
ईरान की दो
दिवसीय सफल यात्रा के बाद PRAMIE MINISTER NARENDRA MODI सोमवार देर रात स्वदेश
पहुंच गए हैं। भारत रवाना होने पहले प्रधानमंत्री ने IRAN GOVERNMENT और वहां
के लोगों के प्रति अपनी कृतज्ञता प्रकट करते हुए ट्वीट किया 'ईरान के लोगों
ने जिस तरह की गर्मजोशी दिखाई है, उसके लिए मैं उनको धन्यवाद देता
हूं’।प्रधानमंत्री मोदी ने ट्वीट कर अपनी ईरान यात्रा को उपयोगी बताते हुए
कहा कि इस यात्रा का परिणाम सकारात्मक रहा, जिसका असर भारत-ईरान दोनों
राष्ट्रों पर होगा। उन्होंने कहा कि इस यात्रा के दौरान उन्होंने IRAN के
शीर्ष नेताओं साथ विचार-विमर्श किया और दोनों देशों के संबंधों को आगे
बढ़ने के लेकर प्रतिबद्ध है। इसमें चाबहार बंदरगाह पर विकास एवं अन्य
कार्यों के लिए समझौता मुख्य है।अपनी ईरान यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री
मोदी और ईरानी राष्ट्रपति हसन रूहानी के बीच चाबहार बंदरगाह परियोजना में
विशेष नियमों के लिए एमओयू, चाबहार के विकास और स्टील रेल आयात करने के लिए
3000 करोड़ रुपए का क्रेडिट देने, चाबहार जाहेदान रेलमार्ग के निर्माण के
लिए सेवाएं देने के लिए समझौते हुए। साथ ही, विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र
में परस्पर सहयोग, दोनों देशों के बीच कूटनीतिज्ञों के प्रशिक्षण और
प्रख्यात वक्ताओं के आदान-प्रदान के लिए सहयोग बढ़ाने संबंधी अन्य कई
समझौतों पर हस्ताक्षर किए।
No comments:
Write comments