PRESIDENT RAISES QUESTIONS ON MEDICAL ENTRANCE EXAM (NEET)
देश भर में कॉमन मेडिकल टेस्ट (नीट) पर केंद्र सरकार के अध्यादेश पर राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने मुहर लगा दी है। महामहिम की मंजूरी के बाद यह एक साल के लिए टल
गया है। राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने संयुक्त मेडिकल प्रवेश परीक्षा एनईईटी
से संबंधित अध्यादेश पर हस्ताक्षर आंतरिक कानून विशेषज्ञों से राय लेने के
बाद किये है। इससे अब राज्यों के बोर्ड को एक साल तक नीट से छूट मिल गई
है। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने शुक्रवार को अध्यादेश को मंजूरी दी थी। इसका
उद्देश्य सुप्रीम कोर्ट के एक आदेश को आंशिक रूप से बदलना है जिसमें कहा
गया है कि सभी सरकारी कॉलेज, डीम्ड विश्वविद्यालय और निजी मेडिकल कॉलेज नीट
के दायरे में आएंगे। परीक्षा का अगला चरण 24 जुलाई को होना है। गत एक मई
को नीट के पहले चरण में करीब 6.5 लाख विद्यार्थी चिकित्सा प्रवेश परीक्षा
दे चुके हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय के सूत्रों ने कहा कि सात राज्य नीट के
अनुसार परीक्षा लेंगे वहीं छह अन्य राज्यों में करीब चार लाख विद्यार्थी
परीक्षा पहले ही दे चुके हैं।यह परीक्षा निजी चिकित्सा कॉलेजों और केंद्र
सरकार के लिए आवेदन कर रहे प्रार्थियों के लिए होगी। राज्यों ने हाल में
स्वास्थ्य मंत्रियों के सम्मेलन में छात्रों की भाषा और पाठ्यक्रम संबंधी
कई समस्याएं उठाई थीं। उन्होंने कहा था कि राज्य बोर्डें से संबद्ध छात्रों
के लिए इतनी जल्दी (जुलाई में) साझा परीक्षा देना मुश्किल होगा।
देश भर में कॉमन मेडिकल टेस्ट (नीट) पर केंद्र सरकार के अध्यादेश पर राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने मुहर लगा दी है। महामहिम की मंजूरी के बाद यह एक साल के लिए टल
गया है। राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने संयुक्त मेडिकल प्रवेश परीक्षा एनईईटी
से संबंधित अध्यादेश पर हस्ताक्षर आंतरिक कानून विशेषज्ञों से राय लेने के
बाद किये है। इससे अब राज्यों के बोर्ड को एक साल तक नीट से छूट मिल गई
है। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने शुक्रवार को अध्यादेश को मंजूरी दी थी। इसका
उद्देश्य सुप्रीम कोर्ट के एक आदेश को आंशिक रूप से बदलना है जिसमें कहा
गया है कि सभी सरकारी कॉलेज, डीम्ड विश्वविद्यालय और निजी मेडिकल कॉलेज नीट
के दायरे में आएंगे। परीक्षा का अगला चरण 24 जुलाई को होना है। गत एक मई
को नीट के पहले चरण में करीब 6.5 लाख विद्यार्थी चिकित्सा प्रवेश परीक्षा
दे चुके हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय के सूत्रों ने कहा कि सात राज्य नीट के
अनुसार परीक्षा लेंगे वहीं छह अन्य राज्यों में करीब चार लाख विद्यार्थी
परीक्षा पहले ही दे चुके हैं।यह परीक्षा निजी चिकित्सा कॉलेजों और केंद्र
सरकार के लिए आवेदन कर रहे प्रार्थियों के लिए होगी। राज्यों ने हाल में
स्वास्थ्य मंत्रियों के सम्मेलन में छात्रों की भाषा और पाठ्यक्रम संबंधी
कई समस्याएं उठाई थीं। उन्होंने कहा था कि राज्य बोर्डें से संबद्ध छात्रों
के लिए इतनी जल्दी (जुलाई में) साझा परीक्षा देना मुश्किल होगा।
No comments:
Write comments