राजधानी में दिन दहाड़े कॉन्स्टेबल की सरेआम पिटाई!
राजधानी में होटल से पानी फेंकने के मामूली विवाद पर होटल मालिक ने महिला पुलिसवालों की ही पिटाई कर दी। इस दौरान उनके कपड़े फाड़ दिए गए। उन्हें न्यूड करने की धमकी भी दी गई। होटल मालिक ने बीच-बचाव करने आए पुरुष कांस्टेबल को भी पीटा। मामला जहांगीराबाद थाने पहुंचा तो टीआई ने इसे मामूली घटना बताते हुए सिपाहियों को ही समझौता करने की सलाह दे दी। बीते 15 दिनों से ये टीम मिनी बसों में घूमकर जेबकट और छेड़छाड़ करने वालों की धरपकड़ कर रही है। सिपाही ने बताया कि शुक्रवार सुबह करीब 10.30 बजे हम दोनों शब्बन चौराहे की ओर से पैदल आ रहे थे। ड्यूटी शुरू करने के लिए हमें अल्पना चौकी पहुंचना था। रास्ते में एक होटल से गंदा पानी सड़क पर फेंका गया। छींटे हम पर भी पड़े। विरोध किया तो होटल मालिक ने कहा-चल निकल यहां से। हमने कहा-तमीज से बात करो तो जवाब मिला, एसपी को बुलाएगी, जा बुला ले। दोबारा समझाया तो उनमें से एक ने चांटा मार दिया। हमने हाथापाई की तो होटल और आस-पास के लोग आ गए और पीटने लगे।टीआई प्रीतम सिंह ठाकुर के मुताबिक दोनों पक्षों के बीच मामूली बहस हुई थी। उन्होंने केस दर्ज करवाने से इनकार कर दिया, इसलिए दोनों पक्षों में समझौता हो गया। बाद में दोनों सिपाहियों का मेडिकल करवाया गया। बात एसपी और डीआईजी तक पहुंची तो दोनों सिपाहियों को दोबारा बुलवाया गया। वे अपनी बात पर अड़ी रहीं और देर शाम शिकायत पर होटल संचालक संजय चौरसिया, उनके बेटे और एक दुकानदार राजेश लखेरा पर मारपीट और गाली गलौच का केस दर्ज किया गया।सिपाहियों को पिटते देख आरक्षक रवि कुमार और महेंद्र सिंह भी आ गए। दोनों ने बीच बचाव किया तो उन्हें भी भीड़ ने पीट दिया। बाद में जब आरोपियों को ये पता चला कि दोनों युवतियां पुलिसकर्मी हैं तो वे माफी मांगने लगे। इससे पहले कह रहे थे कि इसके कपड़े फाड़ दो। मामला जहांगीराबाद थाने पहुंचा। महिलाओं से जुड़ा था इसलिए महिला थाना प्रभारी संध्या मिश्रा भी आ गईं। युवतियों ने आपबीती पुलिस को बताई। जहांगीराबाद टीआई प्रीतम सिंह ठाकुर भी थाने पहुंचे। दोनों थाना प्रभारी महिला सिपाहियों को ये समझाने लगे कि समझौता कर लो।बीती चार अप्रैल को डीजीपी सुरेंद्र सिंह ने महिलाओं के प्रति हुए अपराधों पर पुलिस अधीक्षकों को सजगता बरतने के निर्देश जारी किए थे। ये निर्देश प्रदेश में महिलाओं और बच्चियों के साथ बढ़ती घटनाओं के मद्देनजर दिए गए। हालांकि, पुलिस मुख्यालय के सबसे करीबी थाने में इस तरह की घटना से महिलाओं के प्रति पुलिस की संजीदगी उजागर हो गई है।
राजधानी में होटल से पानी फेंकने के मामूली विवाद पर होटल मालिक ने महिला पुलिसवालों की ही पिटाई कर दी। इस दौरान उनके कपड़े फाड़ दिए गए। उन्हें न्यूड करने की धमकी भी दी गई। होटल मालिक ने बीच-बचाव करने आए पुरुष कांस्टेबल को भी पीटा। मामला जहांगीराबाद थाने पहुंचा तो टीआई ने इसे मामूली घटना बताते हुए सिपाहियों को ही समझौता करने की सलाह दे दी। बीते 15 दिनों से ये टीम मिनी बसों में घूमकर जेबकट और छेड़छाड़ करने वालों की धरपकड़ कर रही है। सिपाही ने बताया कि शुक्रवार सुबह करीब 10.30 बजे हम दोनों शब्बन चौराहे की ओर से पैदल आ रहे थे। ड्यूटी शुरू करने के लिए हमें अल्पना चौकी पहुंचना था। रास्ते में एक होटल से गंदा पानी सड़क पर फेंका गया। छींटे हम पर भी पड़े। विरोध किया तो होटल मालिक ने कहा-चल निकल यहां से। हमने कहा-तमीज से बात करो तो जवाब मिला, एसपी को बुलाएगी, जा बुला ले। दोबारा समझाया तो उनमें से एक ने चांटा मार दिया। हमने हाथापाई की तो होटल और आस-पास के लोग आ गए और पीटने लगे।टीआई प्रीतम सिंह ठाकुर के मुताबिक दोनों पक्षों के बीच मामूली बहस हुई थी। उन्होंने केस दर्ज करवाने से इनकार कर दिया, इसलिए दोनों पक्षों में समझौता हो गया। बाद में दोनों सिपाहियों का मेडिकल करवाया गया। बात एसपी और डीआईजी तक पहुंची तो दोनों सिपाहियों को दोबारा बुलवाया गया। वे अपनी बात पर अड़ी रहीं और देर शाम शिकायत पर होटल संचालक संजय चौरसिया, उनके बेटे और एक दुकानदार राजेश लखेरा पर मारपीट और गाली गलौच का केस दर्ज किया गया।सिपाहियों को पिटते देख आरक्षक रवि कुमार और महेंद्र सिंह भी आ गए। दोनों ने बीच बचाव किया तो उन्हें भी भीड़ ने पीट दिया। बाद में जब आरोपियों को ये पता चला कि दोनों युवतियां पुलिसकर्मी हैं तो वे माफी मांगने लगे। इससे पहले कह रहे थे कि इसके कपड़े फाड़ दो। मामला जहांगीराबाद थाने पहुंचा। महिलाओं से जुड़ा था इसलिए महिला थाना प्रभारी संध्या मिश्रा भी आ गईं। युवतियों ने आपबीती पुलिस को बताई। जहांगीराबाद टीआई प्रीतम सिंह ठाकुर भी थाने पहुंचे। दोनों थाना प्रभारी महिला सिपाहियों को ये समझाने लगे कि समझौता कर लो।बीती चार अप्रैल को डीजीपी सुरेंद्र सिंह ने महिलाओं के प्रति हुए अपराधों पर पुलिस अधीक्षकों को सजगता बरतने के निर्देश जारी किए थे। ये निर्देश प्रदेश में महिलाओं और बच्चियों के साथ बढ़ती घटनाओं के मद्देनजर दिए गए। हालांकि, पुलिस मुख्यालय के सबसे करीबी थाने में इस तरह की घटना से महिलाओं के प्रति पुलिस की संजीदगी उजागर हो गई है।

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