मध्यप्रदेश में उद्योग लगाने की अपार संभावनाएँ- शिवराज सिंह चौहान
देश के हृदय प्रदेश मध्यप्रदेश में 26 हजार हेक्टेयर भूमि का लेण्ड-बैंक
उपलब्ध है। यहां उद्योग लगाने की अपार संभावनाएं मौजूद हैं। राज्य के
मुखिया शिवराज सिंह चौहान नें नई दिल्ली में मध्यप्रदेश में निवेश की
संभावनाओं विषय पर सेमीनार में संदेश दिया । सेमीनार मध्यप्रदेश सरकार और
सीआईआई के संयुक्त तत्वावधान में हुआ।सेमीनार में मुख्यमंत्री चौहान ने
उद्योगपतियों से मुलाकात कर मध्यप्रदेश में निवेश के लिये उन्हें आमंत्रित
किया और कहा कि निवेशकों को सरकार पूरा सहयोग देगी। निवेशक को राज्य में
किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होगी। सेमीनार आगामी अक्टूबर माह में इंदौर
में होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट की तैयारियों और उद्योगपतियों को
मध्यप्रदेश में निवेश के लिये आकर्षित करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया
थामुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि वर्ष 2014 में हुई जीआईएस में लगभग 6 लाख
करोड़ रुपये के करारनामे हुए थे। डेढ़ वर्ष के अंदर ही 2 लाख करोड़ का निवेश
जमीनी-स्तर पर साफ दिखायी दे रहा है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में भूमि
अधिग्रहण की भी आवश्यकता नहीं है। उद्योग लगाने के लिये राज्य सरकार ने
लेण्ड-बैंक बनाया है। इसमें 26 हजार हेक्टेयर भूमि उपलब्ध है। निवेशक
प्रदेश में किसी भी स्थान से ऑनलाइन उद्योग लगाने के लिये भूमि ले सकता है।
प्रदेश में अब सिंगल टेबल के कन्सेप्ट के आधार पर ही उद्योग लगाने की सभी
कार्यवाही मौके पर ही की जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश ने लघु-कुटीर
उद्योग को बढ़ावा देने के लिये एक अलग विभाग बनाया है।
देश के हृदय प्रदेश मध्यप्रदेश में 26 हजार हेक्टेयर भूमि का लेण्ड-बैंक
उपलब्ध है। यहां उद्योग लगाने की अपार संभावनाएं मौजूद हैं। राज्य के
मुखिया शिवराज सिंह चौहान नें नई दिल्ली में मध्यप्रदेश में निवेश की
संभावनाओं विषय पर सेमीनार में संदेश दिया । सेमीनार मध्यप्रदेश सरकार और
सीआईआई के संयुक्त तत्वावधान में हुआ।सेमीनार में मुख्यमंत्री चौहान ने
उद्योगपतियों से मुलाकात कर मध्यप्रदेश में निवेश के लिये उन्हें आमंत्रित
किया और कहा कि निवेशकों को सरकार पूरा सहयोग देगी। निवेशक को राज्य में
किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होगी। सेमीनार आगामी अक्टूबर माह में इंदौर
में होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट की तैयारियों और उद्योगपतियों को
मध्यप्रदेश में निवेश के लिये आकर्षित करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया
थामुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि वर्ष 2014 में हुई जीआईएस में लगभग 6 लाख
करोड़ रुपये के करारनामे हुए थे। डेढ़ वर्ष के अंदर ही 2 लाख करोड़ का निवेश
जमीनी-स्तर पर साफ दिखायी दे रहा है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में भूमि
अधिग्रहण की भी आवश्यकता नहीं है। उद्योग लगाने के लिये राज्य सरकार ने
लेण्ड-बैंक बनाया है। इसमें 26 हजार हेक्टेयर भूमि उपलब्ध है। निवेशक
प्रदेश में किसी भी स्थान से ऑनलाइन उद्योग लगाने के लिये भूमि ले सकता है।
प्रदेश में अब सिंगल टेबल के कन्सेप्ट के आधार पर ही उद्योग लगाने की सभी
कार्यवाही मौके पर ही की जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश ने लघु-कुटीर
उद्योग को बढ़ावा देने के लिये एक अलग विभाग बनाया है।
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