जुलूस के दौरान कन्हैया पर हमले का प्रयास,ईरानी के इस्तीफे की मांग!
जेएनयूएसयू के अध्यक्ष कन्हैया कुमार ने जेएनयू के छात्रों उमर खालिद और अनिर्बान भट्टाचार्य की रिहाई की मांग करते हुए मंगलवार एक जुलूस का नेतृत्व किया और इस दौरान चार लोगों ने अलग-अलग स्थानों पर उनपर हमले का कथित प्रयास किया।संसद मार्ग थाने के नजदीक कन्हैया कुमार जब मार्च को संबोधित कर रहे थे तो तीन लोगों ने उन्हें गालियां दीं। इन लोगों को पुलिस ने वहां से हटा दिया। बाद में एक व्यक्ति उस ट्रक पर चढ़ गया जहां से खड़े होकर कन्हैया जनता से अपनी बात कह रहे थे।सुरक्षा बलों पर कन्हैया की बात को लेकर इन लोगों ने जैसे ही कन्हैया पर चिल्लाना शुरू किया, जेएनयू के छात्रों ने मानव श्रंखला बना ली और शोर मचाया। चौथा व्यक्ति इस कतार को तोड़ने में कामयाब रहा, लेकिन उसे भी पुलिस ने कुमार तक पहुंचने से पहले ही वहां से हटा दिया।एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, ‘कानून और व्यवस्था के मामलों को देखते हुए चार व्यक्तियों को एहतियातन हिरासत में रखा गया है।’ इन लोगों का ब्यौरा देते हुए अधिकारी ने बताया, इनमें से एक नाई है, दूसरा होटल में वेटर, एक बीमा एजेंट और चौथा कार डीलर है। इन लोगों को शाम को छोड़ दिया गया। देशद्रोह मामले में जमानत पर बाहर जेएनयूएसयू अध्यक्ष कन्हैया कुमार ने विश्वविद्यालय के छात्रों के एक जुलूस की अगुवाई की और मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी पर तीखा हमला करते हुए शैक्षिक संस्थानों को निशाना बनाने के लिए उनके इस्तीफे की मांग की।अपने ऊपर हमले के बाद कन्हैया ने कहा, ‘लोगों ने मुझे मारने की कोशिश की जब मैं देश के बारे में बात कर रहा था। यह सही वक्त है जब देश देशभक्ति और मोदी भक्ति के बीच अंतर को समझे।’ उन्होंने कहा, ‘वे बार-बार हम पर हमला करने की कोशिश कर रहे हैं क्योंकि हम उनसे नहीं डरते हैं। गुजरात में जो हुआ वह हम यूपी में नहीं होने देंगे।’
जेएनयूएसयू के अध्यक्ष कन्हैया कुमार ने जेएनयू के छात्रों उमर खालिद और अनिर्बान भट्टाचार्य की रिहाई की मांग करते हुए मंगलवार एक जुलूस का नेतृत्व किया और इस दौरान चार लोगों ने अलग-अलग स्थानों पर उनपर हमले का कथित प्रयास किया।संसद मार्ग थाने के नजदीक कन्हैया कुमार जब मार्च को संबोधित कर रहे थे तो तीन लोगों ने उन्हें गालियां दीं। इन लोगों को पुलिस ने वहां से हटा दिया। बाद में एक व्यक्ति उस ट्रक पर चढ़ गया जहां से खड़े होकर कन्हैया जनता से अपनी बात कह रहे थे।सुरक्षा बलों पर कन्हैया की बात को लेकर इन लोगों ने जैसे ही कन्हैया पर चिल्लाना शुरू किया, जेएनयू के छात्रों ने मानव श्रंखला बना ली और शोर मचाया। चौथा व्यक्ति इस कतार को तोड़ने में कामयाब रहा, लेकिन उसे भी पुलिस ने कुमार तक पहुंचने से पहले ही वहां से हटा दिया।एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, ‘कानून और व्यवस्था के मामलों को देखते हुए चार व्यक्तियों को एहतियातन हिरासत में रखा गया है।’ इन लोगों का ब्यौरा देते हुए अधिकारी ने बताया, इनमें से एक नाई है, दूसरा होटल में वेटर, एक बीमा एजेंट और चौथा कार डीलर है। इन लोगों को शाम को छोड़ दिया गया। देशद्रोह मामले में जमानत पर बाहर जेएनयूएसयू अध्यक्ष कन्हैया कुमार ने विश्वविद्यालय के छात्रों के एक जुलूस की अगुवाई की और मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी पर तीखा हमला करते हुए शैक्षिक संस्थानों को निशाना बनाने के लिए उनके इस्तीफे की मांग की।अपने ऊपर हमले के बाद कन्हैया ने कहा, ‘लोगों ने मुझे मारने की कोशिश की जब मैं देश के बारे में बात कर रहा था। यह सही वक्त है जब देश देशभक्ति और मोदी भक्ति के बीच अंतर को समझे।’ उन्होंने कहा, ‘वे बार-बार हम पर हमला करने की कोशिश कर रहे हैं क्योंकि हम उनसे नहीं डरते हैं। गुजरात में जो हुआ वह हम यूपी में नहीं होने देंगे।’

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