माघी पूर्णिमा का माघ योग आज , स्नान करने से ग्रहों के दोष से मिलेगी मुक्ति !
कर्क राशि में चंद्रमा और मकर राशि में सूर्य के प्रवेश से बनता है मकर पूर्णिमा का योग ,जो लोग लोक और परलोक में भरोसा रखते हैं, उनके लिए माघ मास की पूर्णिमा का दिन बहुत खास है। इस तिथि को चंद्रमा अपने पूर्ण रूप में होती है।भगवान विष्णु के सबसे प्रिय माघ मास जिसका वर्णन शास्त्रों में बताया गया है वेसे तो संपूर्ण माघ मास में स्नान का और दान पुण्य का विशेष महत्व रहता है अगर इस दिन आपने गंगा में डुबकी लगा ली, तो आपके सारे कष्ट दूर हो जाएंगे। एक तरह से आपने मोक्ष प्राप्ति के लिए राह को प्रशस्त कर लिया है।माघी पूर्णिमा की सुबह स्नान आदि करने के बाद भगवान विष्णु की पूजा करें। फिर पितरों का श्राद्ध कर निशक्तजनों को भोजन, वस्त्र, तिल, कंबल, कपास, गुड़, घी, जूते, फल, अन्न आदि का दान करें। इस दिन सोने एवं चांदी का दान भी किया जाता है। गौ दान का विशेष फल प्राप्त होता है। माघ पूर्णिमा के अवसर पर भगवान सत्यनारायण जी की कथा की जाती है भगवान विष्णु की पूजा में केले के पत्ते व फल, पंचामृत, सुपारी, पान, तिल, मोली, रोली, कुमकुम, दूर्वा का उपयोग किया जाता है। इस दिन गंगा में स्नान करने से सभी पापों का नाश हो जाता है। इसके साथ ही मन और तन भी शुद्ध हो जाते है। इस दिन व्रत करने से धन, लक्ष्मी, विद्या की प्राप्ति होती है।माघी पूर्णिमा के इस बार सोमवार यानी आज होने के चलते इसकी महिला कई गुना बढ़ जाती है। इस खास दिन गंगा से लेकर देश भर की अन्य पवित्र नदियों में स्नान करने के लिए श्रद्धालुओं का तांता लगा रहता है।
कर्क राशि में चंद्रमा और मकर राशि में सूर्य के प्रवेश से बनता है मकर पूर्णिमा का योग ,जो लोग लोक और परलोक में भरोसा रखते हैं, उनके लिए माघ मास की पूर्णिमा का दिन बहुत खास है। इस तिथि को चंद्रमा अपने पूर्ण रूप में होती है।भगवान विष्णु के सबसे प्रिय माघ मास जिसका वर्णन शास्त्रों में बताया गया है वेसे तो संपूर्ण माघ मास में स्नान का और दान पुण्य का विशेष महत्व रहता है अगर इस दिन आपने गंगा में डुबकी लगा ली, तो आपके सारे कष्ट दूर हो जाएंगे। एक तरह से आपने मोक्ष प्राप्ति के लिए राह को प्रशस्त कर लिया है।माघी पूर्णिमा की सुबह स्नान आदि करने के बाद भगवान विष्णु की पूजा करें। फिर पितरों का श्राद्ध कर निशक्तजनों को भोजन, वस्त्र, तिल, कंबल, कपास, गुड़, घी, जूते, फल, अन्न आदि का दान करें। इस दिन सोने एवं चांदी का दान भी किया जाता है। गौ दान का विशेष फल प्राप्त होता है। माघ पूर्णिमा के अवसर पर भगवान सत्यनारायण जी की कथा की जाती है भगवान विष्णु की पूजा में केले के पत्ते व फल, पंचामृत, सुपारी, पान, तिल, मोली, रोली, कुमकुम, दूर्वा का उपयोग किया जाता है। इस दिन गंगा में स्नान करने से सभी पापों का नाश हो जाता है। इसके साथ ही मन और तन भी शुद्ध हो जाते है। इस दिन व्रत करने से धन, लक्ष्मी, विद्या की प्राप्ति होती है।माघी पूर्णिमा के इस बार सोमवार यानी आज होने के चलते इसकी महिला कई गुना बढ़ जाती है। इस खास दिन गंगा से लेकर देश भर की अन्य पवित्र नदियों में स्नान करने के लिए श्रद्धालुओं का तांता लगा रहता है।

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