मैंने दलितों की तरह अपमान झेला ,मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को विज्ञान भवन में आयोजित दलित इंडियन चेंबर ऑफ कॉमर्स के सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि मैंने भी दलितों की तरह अपमान झेला है। सामंतशाही मानसिकता आज भी नजर आती है।पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कारोबारियों की जमकर तारीफ करते हुए कहा कि दलित कारोबरी लाखों रोजगार का सृजन करते हैं वो रोजगार देने के साथ ही सरकार की तिजोरी भरते हैं। आज बाबा साहेब होते तो दलित कारोबारियों को देखकर बहुत खुश होते।उन्होंने आगे कहा कि हम सभी बाबा साहेब अंबेडकर को एक संविधान निर्माता के रूप में जानते हैं लेकिन कम ही लोग जानते हैं कि वो एक मंझे हुए अर्थशास्त्री थे।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि पीएम मुद्रा योजना के अंतर्गत 80 लाख लोगों को लोन मिला इनमें से ज्यादा तर दलित, एससी, एसटी और ओबीसी के थे। यह हमारा लक्ष्य है कि पिरामीड में सबसे नीचे मौजूद लोगों को भी अर्थिक रूप से मजबूत किया जाए। हम नौकरी देने वाले बनाना चाहते हैं ढूंढने वाले नहीं। मैंने भी दलितों की तरह अपमान सहा है लेकिन आप यह याद रखें की दिल्ली में दलितों का साथी बैठा है।

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