पाकिस्तान में बाचा खान यूनिवर्सिटी में आतंकी हमला, कई लोग घायल
पाकिस्तान के पेशावर में आज बड़ा आतंकी हमला हुआ। पेशावर के चरसड्डा में
बाचा खान यूनिवर्सिटी में घुसे आतंकियों ने अंधाधुंध फायरिंग की। दस
ब्लास्ट होने की भी खबर है। हमले के समय यूनिवर्सिटी में करीब तीन हजार
छात्र और यहां आज होने वाले मुशायरे में आए 600 से मेहमान मौजूद थे। इनमें
से कुछ को आतंकियों ने बंधक बना लिया। दहशतगर्दों ने 70 से ज्यादा छात्रों
के सिर पर गोली मारी है। 20 लोगों के मारे जाने की पुष्टि हुई है। यूनिवर्सिटी
के अंदर से हैवी गनफायर हुआ है। ऐसे में मृतकों की संख्या बहुत ज्यादा
बढ़ने की आशंका है। कई छात्र घायल हैं। बताया जा रहा है कि सुबह नौ बजे
हथियारबंद आंतकी यूनिवर्सिटी में घुस गए और अंधाधुंध गोलियां चलाने लगे।
सुबह छाए गहरे कोहरे और धुंध के कारण आतंकियों को नहीं देखा जा सका। बताया
जा रहा है कि आतंकियों की संख्या आठ थी जिनमें से चार को मार गिराने की खबर
भी है।
पीएम मोदी ने जताया शोक: पीएम नरेंद्र मोदी ने पेशावर यूनिवर्सिटी पर हुए आतंकी हमले पर शोक जताया है। उन्होंने इसे मानवता पर हमला बताया है। वहीं पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने कहा है कि आतंकियों को बख्शा नहीं जाएगा।आतंकी हमले की सूचना के बाद सेना ने मोर्चा संभाला। सेना ने छात्रों और मुशायरे में शिरकत करने आए लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए आॅपरेशन शुरू कर दिया। सारे अस्पतालों को त्वरित सेवाएं देने के साथ पूरे क्षेत्र में इमरजेंसी घोषित कर दी।प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक आतंकियों ने करीब 50 मिनट तक लगातार फायरिंग की है। हमले में केमेस्ट्री के एक प्रोफेसर डॉक्टर हामिद की मौत हो गई। लगातार हुई फायरिंग के कारण हताहतों की संख्या काफी ज्यादा होने की आशंका है। ईदी फाउंडेशन के वांलिटियर का दावा है कि उसने 15 से ज्यादा लाशें देखी हैं।प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक यूनिवर्सिटी में सुरक्षा इंतेजाम नाकाफी थे। यही कारण रहा कि आतंकियों को मौका मिल गया। हमले के ढाई घंटे बाद पुलिस यूनिवर्सिटी पहुंची जिसे लेकर लोगों में आक्रोश था। पीड़ितों ने बताया कि यूनिवर्सिटी में इस वक्त परीक्षा चल रही थी, इसके बावजूद यहां सुरक्षा इंतजाम नहीं थे।दैनिक ट्रिब्यून के मुताबिक आतंकी हमले की जिम्मेदारी तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान ने (टीटीपी) ने ली है। पेशावर के स्कूल और एयरबेस पर हुए आतंकी हमले की जिम्मेदारी भी टीटीपी ने ही ली थी। पाकिस्तानी सेना इन दिनों टीटीपी को लेकर काफी सख्ती बरत रही है। संगठन के कई बड़े आतंकियों को फांसी पर लटकाया जा चुका है। इसके विरोध में टीटीपी ने पाकिस्तान सेना और अवाम के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है। न्यूज चैनल जियो के मुताबिक यूनिवर्सिटी के पीछे के रास्ते से जहां गेस्ट हाउस है, वहीं से आतंकी घुसे। हमले की खबर के साथ ही छात्रों को निकल जाने का ऐलान किया गया जिसके बाद भगदड़ मच गई जिससे हालात और बेकाबू हो गए।
पाकिस्तान के पेशावर में आज बड़ा आतंकी हमला हुआ। पेशावर के चरसड्डा में
बाचा खान यूनिवर्सिटी में घुसे आतंकियों ने अंधाधुंध फायरिंग की। दस
ब्लास्ट होने की भी खबर है। हमले के समय यूनिवर्सिटी में करीब तीन हजार
छात्र और यहां आज होने वाले मुशायरे में आए 600 से मेहमान मौजूद थे। इनमें
से कुछ को आतंकियों ने बंधक बना लिया। दहशतगर्दों ने 70 से ज्यादा छात्रों
के सिर पर गोली मारी है। 20 लोगों के मारे जाने की पुष्टि हुई है। यूनिवर्सिटी
के अंदर से हैवी गनफायर हुआ है। ऐसे में मृतकों की संख्या बहुत ज्यादा
बढ़ने की आशंका है। कई छात्र घायल हैं। बताया जा रहा है कि सुबह नौ बजे
हथियारबंद आंतकी यूनिवर्सिटी में घुस गए और अंधाधुंध गोलियां चलाने लगे।
सुबह छाए गहरे कोहरे और धुंध के कारण आतंकियों को नहीं देखा जा सका। बताया
जा रहा है कि आतंकियों की संख्या आठ थी जिनमें से चार को मार गिराने की खबर
भी है।पीएम मोदी ने जताया शोक: पीएम नरेंद्र मोदी ने पेशावर यूनिवर्सिटी पर हुए आतंकी हमले पर शोक जताया है। उन्होंने इसे मानवता पर हमला बताया है। वहीं पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने कहा है कि आतंकियों को बख्शा नहीं जाएगा।आतंकी हमले की सूचना के बाद सेना ने मोर्चा संभाला। सेना ने छात्रों और मुशायरे में शिरकत करने आए लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए आॅपरेशन शुरू कर दिया। सारे अस्पतालों को त्वरित सेवाएं देने के साथ पूरे क्षेत्र में इमरजेंसी घोषित कर दी।प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक आतंकियों ने करीब 50 मिनट तक लगातार फायरिंग की है। हमले में केमेस्ट्री के एक प्रोफेसर डॉक्टर हामिद की मौत हो गई। लगातार हुई फायरिंग के कारण हताहतों की संख्या काफी ज्यादा होने की आशंका है। ईदी फाउंडेशन के वांलिटियर का दावा है कि उसने 15 से ज्यादा लाशें देखी हैं।प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक यूनिवर्सिटी में सुरक्षा इंतेजाम नाकाफी थे। यही कारण रहा कि आतंकियों को मौका मिल गया। हमले के ढाई घंटे बाद पुलिस यूनिवर्सिटी पहुंची जिसे लेकर लोगों में आक्रोश था। पीड़ितों ने बताया कि यूनिवर्सिटी में इस वक्त परीक्षा चल रही थी, इसके बावजूद यहां सुरक्षा इंतजाम नहीं थे।दैनिक ट्रिब्यून के मुताबिक आतंकी हमले की जिम्मेदारी तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान ने (टीटीपी) ने ली है। पेशावर के स्कूल और एयरबेस पर हुए आतंकी हमले की जिम्मेदारी भी टीटीपी ने ही ली थी। पाकिस्तानी सेना इन दिनों टीटीपी को लेकर काफी सख्ती बरत रही है। संगठन के कई बड़े आतंकियों को फांसी पर लटकाया जा चुका है। इसके विरोध में टीटीपी ने पाकिस्तान सेना और अवाम के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है। न्यूज चैनल जियो के मुताबिक यूनिवर्सिटी के पीछे के रास्ते से जहां गेस्ट हाउस है, वहीं से आतंकी घुसे। हमले की खबर के साथ ही छात्रों को निकल जाने का ऐलान किया गया जिसके बाद भगदड़ मच गई जिससे हालात और बेकाबू हो गए।
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