बाबा रामदेव का नूडल्स विवादों में घिर गया है। फूड प्रोडक्ट को लाइसेंस जारी करने वाली एफएसएसएआई ने कहा कि पतंजलि के नूडल्स के लिए कोई अप्रूवल नही ली गई है, जबकि बाबा रामदेव का तर्क है कि उन्होंने सेट्रल कटेगरी में पास्ता के लिए लाइसेंस लिया हुआ है और नूडल्स पास्ता कैटगरी में ही आता है।पतंजलि नूडल्स ने भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) से मंजूरी नहीं ली है। रिपोर्ट के मुताबिक, पतंजलि नूडल्स के पैकेट पर एफएसएसआई (FSSAI) का लाइसेंस नंबर लिखा हुआ है जबकि कंपनी की ओर से अब तक मंज़ूरी के लिए आवेदन भी नहीं दिया गया है।भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण के अध्यक्ष आशीष बहुगुणा का कहना है कि पतंजलि की आटा नूडल्स ने एफएसएसआई से मंजूरी नहीं ली है। यह मामला हमारे संज्ञान में आया है और इसकी जांच की जा रही है। गौरतलब है कि रामदेव ने सोमवार को पतंजलि की 'पौष्टिक' इंस्टैंट नूडल पेश की थी। इस दौरान रामदेव ने सालभर के अंदर पतंजलि के पांच नई मैन्युफैक्चरिंग यूनिटों की स्थापना करने की बात कही थी। ये यूनिटें दिल्ली-एनसीआर, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, कर्नाटक और उत्तर प्रदेश में स्थापित की जाएंगी।जब उन्होंने रामदेव के प्रवक्ता एस.के. तिजरावाला से संपर्क किया तो उन्होंने कहा कि 'इस बारे में उन्हें कोई तकनीकी जानकारी नहीं है.' एफएसएसआई के सूत्रों के अनुसार नूडल्स कोई मानकीकृत उत्पाद(स्टेंडराइज्ड प्रोडक्ट) नहीं है इसलिए इसके लिए एफएसएसआई की अनुमति अनिवार्य है. सूत्रों का कहना है कि पतंजली की ओर से इस बारे में कोई आवेदन भी नहीं दिया गया है.
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