संसद का शीतकालीन सत्र शुरू हो गया है। राष्ट्रगान के बाद दिवंगत सदस्यों को श्रद्धांजलि दी गई, जिसके बाद राज्यसभा की कार्यवाही कल तक के लिए स्थगित कर दी गई।वहीं लोकसभा में संविधान दिवस पर चर्चा हुई, जिसमें गृहमंत्री राजनाथ सिंह और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी समेत कई नेताओं ने हिस्सा लिया।वहीं पीएम नरेंद्र मोदी ने संसद सत्र शुरू होने से पूर्व ककहा कि देश को संसद से कई अपेक्षाएं हैं। उम्मीदों पर खरा उतरने की कोशिश हो। संसद से बड़ा संवाद को कोई केंद्र नहीं है। सभी सांसदों से सत्र चलाने को लेकर बातचीत हुई है।वैसे, इस सत्र में असहिष्णुता, जीएसटी बिल और भूमि अधिग्रहण बिल को लेकर संसद के दोनों सदनों में हंगामा होने के पूरे आसार दिख रहे हैं। सरकार इस बार किसी भी हाल में जीएसटी को पास करवाना चाहती है, इससे पहले बुधवार को दिनभर सरकार और विपक्षी नेताओं की बीच बैठकों का दौर चला। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सर्वदलीय बैठक में सभी राजनीतिक दलों से सत्र को सुचारू रूप से चलाने की अपील की और कहा कि सरकार सभी दलों को साथ लेकर आपसी विचार विमर्श से ही संसद की कार्यवाही को चलाना चाहती है।
पीएम ने कहा कि वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) लागू करना राष्ट्र के हित में है। पीएम ने कहा, सभी दलों के लिए यह जरूरी है कि वे संसद के सुचारू संचालन के लिए मिलकर काम करें और लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करें। बैठक के बाद संसदीय मामलों के मंत्री एम. वेंकैया नायडू ने कहा कि मोदी ने वित्तमंत्री अरुण जेटली से जीएसटी पर सहमति बनाने के लिए सभी दलों से बात करने के लिए कहा है। वही पहले दिन सोनिया गांधी ने मोदी सरकार पर करारा हमला बोला है। पहले संविधान दिवस पर चर्चा के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कहा कि पिछले कुछ महीनों में देश में ऐसा कुछ हुआ है जो संविधान के मूल्यों के खिलाफ है। सोनिया ने कहा कि हमें अंबेडकर साहब की दी गई चेतावनियों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा कि कोई संविधान कितना भी अच्छा क्यों न हो यदि उसे लागू करने वाले लोग बुरे निकले तो निश्चित रूप से बुरा ही साबित होगा।संसद में होगी असहिष्णुता की निंदा
संसद परिसर में सर्वदलीय बैठक के बाद येचुरी ने कहा, 'देश में बढ़ रही असहिष्णुता की निंदा के लिए सदन को एक प्रस्ताव पारित करना चाहिए। हम केंद्र सरकार से आग्रह करते हैं कि वह भड़काऊ भाषणों और सांप्रदायिक ध्रुवीकरण को रोकने के लिए कानून सम्मत कार्रवाई करे।'वस्तु एवं सेवा कर अधिनियम (जीएसटी) पर माकपा नेता ने कहा कि संसद में सरकार द्वारा इसे पारित करने के पहले सभी राज्यों की सरकारों को विश्वास में लिया जाना चाहिए। वाम नेता ने कहा, 'हम शीतकालीन सत्र के दौरान मूल्य वृद्धि, दाल की बढ़ती कीमतें, स्वच्छ भारत से संबंधित मुद्दे, तेल की कीमतें, औद्योगिक उत्पादन में कमी, कृषि से संबंधित मुद्दे तथा किसानों की खुदकुशी के मुद्दों को उठाएंगे। देश में सामाजिक न्याय के लिए हमने एक नए कानून का भी प्रस्ताव किया है।'जनता दल (युनाइटेड) नेता शरद यादव ने कहा कि वह नेपाल-भारत संबंध के मुद्दे को उठाएंगे। जीएसटी चूंकि संविधान संशोधन विधेयक है, इसलिए कानून बनने से पहले इसे संसद के दोनों सदनों से दो-तिहाई बहुमत से पारित कराना होगा और उसके बाद देश के आधे राज्यों की विधानसभाओं से भी पारित कराना होगा। अभी यह राज्यसभा में लंबित है, जहां सत्ता पक्ष अल्पमत में है।लोकसभा अध्यक्ष ने सदन की गरिमा बनाकर रखने को कहा
जाहिर तौर पर संसद के पिछले मानसून सत्र में अधिकतर समय बनी रही अवरोध की स्थिति को ध्यान में रखते हुए लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने मंगलवार को इस बात पर जोर दिया कि सदस्य सदन में ज्यादा से ज्यादा गरिमा बनाए रखें।गुरुवार से शुरू हो रहे शीतकालीन सत्र से पहले सर्वदलीय बैठक के बाद सुमित्रा ने कहा, 'अधिक से अधिक शिष्टता होनी चाहिए और अधिक से अधिक चर्चा होनी चाहिए।' कुछ दिन पहले उन्होंने सभी सदस्यों को पत्र लिखकर कहा था, 'जीवन के हर क्षेत्र में सभी को एक-दूसरे से विनम्र और नैतिक व्यवहार की अपेक्षा रहती है। लोकसभा अध्यक्ष के रूप में मैं उम्मीद करती हूं कि लोकसभा में, जिसे हम लोकतंत्र का मंदिर कहते हैं, हम स्वीकार्य मर्यादा के अनुसार व्यवहार दिखाएंगे ताकि प्रतिष्ठा और पवित्रता बनी रहे।'इसके बाद, कांग्रेस की ओर से मल्लिकार्जुन खड़गे ने राजनाथ पर पलटवार करते हुए कहा कि अंबेडकर साहब संविधान की शुरुआत में ही ये शब्द जोड़ना चाहते थे लेकिन विरोध के चलते जोड़ नहीं पाए। कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे की आपत्ति के बाद एक बार फिर राजनाथ सिंह ने बोलना शुरू किया। राजनाथ सिंह ने कहा कि सेक्युलर शब्द का गलत तरीके से इस्तेमाल किया जाता है। उन्होंने बताया कि सेक्युलर शब्द को धर्मनिरपेक्ष के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है जो गलत है। राजनाथ के मुताबिक सेक्युलर शब्द का सही मतलब पंथनिरपेक्ष है।
राजनाथ ने इशारों-इशारों में आमिर को निशाने पर लेते हुए कहा कि अंबेडकरजी ने कभी नहीं सोचा कि अपमान झेलने के कारण मैं देश छोड़कर कहीं और चला जाऊंगा। अंबेडकरजी को ढेर सारी मुश्किलें झेलनी पड़ी लेकिन देश के एकीकरण को लेकर उनकी निष्पक्ष सोच हमेशा कायम रही।राजनाथ ने सरदार वल्लभ भाई पटेल का भी जिक्र किया और कहा कि उन्होंने देश को एक करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। गृह मंत्री को नेहरू भी याद आए और उन्होंने कहा कि नेहरूजी की भी देश के संविधान और देश को बनाने मे महत्वपूर्ण भूमिका है। उनके योगदान को भी भुलाया नही जा सकता।लोकसभा में संविधान पर चर्चा के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कहा कि हमारे संविधान का निर्माण दशकों के संघर्ष का नतीजा है। संविधान लिखे जाने में 3 साल लगे थे और महात्मा गांधी ने इसकी शुरूआत की थी। संविधान में हर धारा और हर जानकारी, संविधान के प्रारूप पर कांग्रेस पार्टी का हक बनता है। यही इतिहास है कि कांग्रेस पार्टी ही अंबेडकर को सबसे पहले संविधान सभा में लेकर आई थी।सोनिया ने कहा कि जिस शानदार संविधान का हम सम्मान करते हैं। जिसकी रक्षा की शपथ लेकर हम संसद मे बात करते हैं। उस पर ऐसे महापुरुषों का हाथ है जो कभी-कभी ही जन्म लेते हैं इसलिए ये कांग्रेस के इतिहास से भी जुड़ा है। उदाहरण के लिए जवाहर लाल नेहरू ने मूलभूत ढांचा पास कर इस प्रस्ताव को पास कराया था। संविधान सभा को कदम कदम पर ऐसे 4 लोगो का मार्गदर्शन मिला। इसमें पंडित नेहरू, सरदार पटेल, राजेंद्र प्रसाद और मौलाना आजाद थे।सोनिया ने कहा कि जिन लोगों की संविधान निर्माण में कोई भूमिका नहीं है वो आज संविधान की बात कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज एक खुशी का दिन है लेकिन दुख का भी क्योंकि संविधान के आदर्शों पर आज जानबूझकर हमला किया जा रहा है।
पीएम ने कहा कि वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) लागू करना राष्ट्र के हित में है। पीएम ने कहा, सभी दलों के लिए यह जरूरी है कि वे संसद के सुचारू संचालन के लिए मिलकर काम करें और लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करें। बैठक के बाद संसदीय मामलों के मंत्री एम. वेंकैया नायडू ने कहा कि मोदी ने वित्तमंत्री अरुण जेटली से जीएसटी पर सहमति बनाने के लिए सभी दलों से बात करने के लिए कहा है। वही पहले दिन सोनिया गांधी ने मोदी सरकार पर करारा हमला बोला है। पहले संविधान दिवस पर चर्चा के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कहा कि पिछले कुछ महीनों में देश में ऐसा कुछ हुआ है जो संविधान के मूल्यों के खिलाफ है। सोनिया ने कहा कि हमें अंबेडकर साहब की दी गई चेतावनियों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा कि कोई संविधान कितना भी अच्छा क्यों न हो यदि उसे लागू करने वाले लोग बुरे निकले तो निश्चित रूप से बुरा ही साबित होगा।संसद में होगी असहिष्णुता की निंदा
संसद परिसर में सर्वदलीय बैठक के बाद येचुरी ने कहा, 'देश में बढ़ रही असहिष्णुता की निंदा के लिए सदन को एक प्रस्ताव पारित करना चाहिए। हम केंद्र सरकार से आग्रह करते हैं कि वह भड़काऊ भाषणों और सांप्रदायिक ध्रुवीकरण को रोकने के लिए कानून सम्मत कार्रवाई करे।'वस्तु एवं सेवा कर अधिनियम (जीएसटी) पर माकपा नेता ने कहा कि संसद में सरकार द्वारा इसे पारित करने के पहले सभी राज्यों की सरकारों को विश्वास में लिया जाना चाहिए। वाम नेता ने कहा, 'हम शीतकालीन सत्र के दौरान मूल्य वृद्धि, दाल की बढ़ती कीमतें, स्वच्छ भारत से संबंधित मुद्दे, तेल की कीमतें, औद्योगिक उत्पादन में कमी, कृषि से संबंधित मुद्दे तथा किसानों की खुदकुशी के मुद्दों को उठाएंगे। देश में सामाजिक न्याय के लिए हमने एक नए कानून का भी प्रस्ताव किया है।'जनता दल (युनाइटेड) नेता शरद यादव ने कहा कि वह नेपाल-भारत संबंध के मुद्दे को उठाएंगे। जीएसटी चूंकि संविधान संशोधन विधेयक है, इसलिए कानून बनने से पहले इसे संसद के दोनों सदनों से दो-तिहाई बहुमत से पारित कराना होगा और उसके बाद देश के आधे राज्यों की विधानसभाओं से भी पारित कराना होगा। अभी यह राज्यसभा में लंबित है, जहां सत्ता पक्ष अल्पमत में है।लोकसभा अध्यक्ष ने सदन की गरिमा बनाकर रखने को कहा
जाहिर तौर पर संसद के पिछले मानसून सत्र में अधिकतर समय बनी रही अवरोध की स्थिति को ध्यान में रखते हुए लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने मंगलवार को इस बात पर जोर दिया कि सदस्य सदन में ज्यादा से ज्यादा गरिमा बनाए रखें।गुरुवार से शुरू हो रहे शीतकालीन सत्र से पहले सर्वदलीय बैठक के बाद सुमित्रा ने कहा, 'अधिक से अधिक शिष्टता होनी चाहिए और अधिक से अधिक चर्चा होनी चाहिए।' कुछ दिन पहले उन्होंने सभी सदस्यों को पत्र लिखकर कहा था, 'जीवन के हर क्षेत्र में सभी को एक-दूसरे से विनम्र और नैतिक व्यवहार की अपेक्षा रहती है। लोकसभा अध्यक्ष के रूप में मैं उम्मीद करती हूं कि लोकसभा में, जिसे हम लोकतंत्र का मंदिर कहते हैं, हम स्वीकार्य मर्यादा के अनुसार व्यवहार दिखाएंगे ताकि प्रतिष्ठा और पवित्रता बनी रहे।'इसके बाद, कांग्रेस की ओर से मल्लिकार्जुन खड़गे ने राजनाथ पर पलटवार करते हुए कहा कि अंबेडकर साहब संविधान की शुरुआत में ही ये शब्द जोड़ना चाहते थे लेकिन विरोध के चलते जोड़ नहीं पाए। कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे की आपत्ति के बाद एक बार फिर राजनाथ सिंह ने बोलना शुरू किया। राजनाथ सिंह ने कहा कि सेक्युलर शब्द का गलत तरीके से इस्तेमाल किया जाता है। उन्होंने बताया कि सेक्युलर शब्द को धर्मनिरपेक्ष के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है जो गलत है। राजनाथ के मुताबिक सेक्युलर शब्द का सही मतलब पंथनिरपेक्ष है।
राजनाथ ने इशारों-इशारों में आमिर को निशाने पर लेते हुए कहा कि अंबेडकरजी ने कभी नहीं सोचा कि अपमान झेलने के कारण मैं देश छोड़कर कहीं और चला जाऊंगा। अंबेडकरजी को ढेर सारी मुश्किलें झेलनी पड़ी लेकिन देश के एकीकरण को लेकर उनकी निष्पक्ष सोच हमेशा कायम रही।राजनाथ ने सरदार वल्लभ भाई पटेल का भी जिक्र किया और कहा कि उन्होंने देश को एक करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। गृह मंत्री को नेहरू भी याद आए और उन्होंने कहा कि नेहरूजी की भी देश के संविधान और देश को बनाने मे महत्वपूर्ण भूमिका है। उनके योगदान को भी भुलाया नही जा सकता।लोकसभा में संविधान पर चर्चा के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कहा कि हमारे संविधान का निर्माण दशकों के संघर्ष का नतीजा है। संविधान लिखे जाने में 3 साल लगे थे और महात्मा गांधी ने इसकी शुरूआत की थी। संविधान में हर धारा और हर जानकारी, संविधान के प्रारूप पर कांग्रेस पार्टी का हक बनता है। यही इतिहास है कि कांग्रेस पार्टी ही अंबेडकर को सबसे पहले संविधान सभा में लेकर आई थी।सोनिया ने कहा कि जिस शानदार संविधान का हम सम्मान करते हैं। जिसकी रक्षा की शपथ लेकर हम संसद मे बात करते हैं। उस पर ऐसे महापुरुषों का हाथ है जो कभी-कभी ही जन्म लेते हैं इसलिए ये कांग्रेस के इतिहास से भी जुड़ा है। उदाहरण के लिए जवाहर लाल नेहरू ने मूलभूत ढांचा पास कर इस प्रस्ताव को पास कराया था। संविधान सभा को कदम कदम पर ऐसे 4 लोगो का मार्गदर्शन मिला। इसमें पंडित नेहरू, सरदार पटेल, राजेंद्र प्रसाद और मौलाना आजाद थे।सोनिया ने कहा कि जिन लोगों की संविधान निर्माण में कोई भूमिका नहीं है वो आज संविधान की बात कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज एक खुशी का दिन है लेकिन दुख का भी क्योंकि संविधान के आदर्शों पर आज जानबूझकर हमला किया जा रहा है।

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